Latest Updates
-
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट -
इन 5 तरीकों से मिनटों में पहचानें असली और नकली सरसों का तेल, सेहत से न करें समझौता -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए अरबी की सब्जी, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
महिलाओं की कौन सी आंख फड़कने का क्या है मतलब? जानें बाईं और दाईं आंख के शुभ-अशुभ संकेत -
New Rules From 1 April 2026: दवाइयों से मोबाइल तक, जानें 1 अप्रैल से क्या होगा सस्ता, क्या महंगा? -
Kamada Ekadashi Upay: वैवाहिक कलह और कर्ज के बोझ से हैं परेशान? कामदा एकादशी पर करें ये 3 अचूक उपाय
क्विनोआ या ओट्स, दोनों में से क्या है हेल्दी ब्रेकफास्ट का बेहतर ऑप्शन
दिन की शुरुआत में हम सभी कुछ हेल्दी खाना चाहते हैं और ऐसे में सबसे पहले ओट्स खाने का ही ख्याल मन में आता है। ओट्स को लोग अपने नाश्ते में कई अलग-अलग तरीकों से शामिल करना पसंद करते हैं। लेकिन ओट्स के अलावा क्विनोआ को भी एक सुपरफूड के रूप में देखा जाता है, जो बेहद आसानी से अवेलेबल है। यह दोनों ही सेहत के लिए लाभकारी हैं। लेकिन फिर भी अक्सर लोगों के मन में यह कशमकश रहती है कि वह इन दोनों में से किसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ओट्स व क्विनोआ के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं-

क्विनोआ और दलिया में प्रोटीन कंटेंट
क्विनोआ के सेवन का एक मुख्य लाभ यह है कि इसमें प्रोटीन कंटेंट काफी अधिक होता है। जहां एक कप पके हुए क्विनोआ से ग्राम प्रोटीन मिलता है, वहीं एक कप पके हुए ओटमील में 6 ग्राम प्रोटीन होता है। इतना ही नहीं, क्विनोआ प्रोटीन की गुणवत्ता में भी ओट्स से आगे निकल जाता है। जहां क्विनोआ में पूर्ण प्रोटीन में आवश्यक सभी आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं, जबकि ओटमील का प्रोटीन केवल कुछ आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करता है। इसका मतलब यह है कि क्विनोआ आपके शरीर के हेल्दी टिश्यू को बनाए रखने, इम्युन फंक्शन को सपोर्ट करने और टिश्यू तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए आवश्यक हर प्रकार का अमीनो एसिड प्रदान करता है।

क्विनोआ और दलिया में फाइबर कंटेंट
क्विनोआ और दलिया दोनों ही फाइबर के बेहतरीन स्रोत के रूप में काम करते हैं। हालांकि क्विनोआ हर सर्विंग में थोड़ा अधिक फाइबर प्रदान करता है। अपने आहार में फाइबर को शामिल करने से न केवल पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। यह कब्ज से लड़ता है और डायवर्टीकुलोसिस जैसे पाचन विकारों को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, फाइबर आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करवाता है और मोटापे से लड़ता है। साथ ही, टाइप 2 मधुमेह को रोकता है। बता दें कि एक कप पके हुए क्विनोआ में लगभग 5 ग्राम फाइबर होता है, जबकि पके हुए ओट्स में एक कप में 4 ग्राम फाइबर मौजूद होता है।

क्विनोआ और दलिया में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स कंटेंट
क्विनोआ और दलिया में विभिन्न मात्रा में सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। जब मैग्नीशियम सामग्री की बात आती है तो क्विनोआ आगे आता है - यह ओटमील के 61 मिलीग्राम की तुलना में हर सर्विंग में 118 मिलीग्राम प्रदान करता है। लेकिन ओट्स में क्विनोआ की तुलना में पांच गुना अधिक आयरन मौजूद होता है। मैग्नीशियम और आयरन आपकी कोशिकाओं को ऊर्जा पैदा करने की अनुमति देते हैं। आयरन लाल रक्त कोशिका के कार्य को बढ़ावा देता है, जबकि मैग्नीशियम स्वस्थ हड्डियों और दांतों में योगदान देता है। दलिया और क्विनोआ दोनों फोलेट, या विटामिन बी-9 के उत्कृष्ट स्रोत के रूप में काम करते हैं, एक पोषक तत्व जो आपके चयापचय का समर्थन करता है और मानसिक स्वास्थ्य में भूमिका निभाता है।
किसका करें सेवन
अगर क्विनोआ और ओट्स दोनों की तुलना की जाए तो किसी एक को दूसरे से बेहतर नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि दोनों ही पोषक तत्वों से पैक हैं। बेहतर होगा कि आप इन दोनों को ही अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।



Click it and Unblock the Notifications











