Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
मानसून में बढ़ जाती है सीजनल बीमारियां, संक्रमण से बचने के लिए करें ये काम
मानसून आते ही जैसे माहौल खुशनुमा हो जाता है। वैसे ही ये मौसम अपने साथ डेंगू, मलेरिया जैसी कई मौसमी बीमारियां को साथ लाता है। पहले से कोरोना ने तबाही मचाई हुई है। इसके साथ ही मानसून में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको मौसमी बीमारियों का भी शिकार बना सकता है। दरअसल मानसून में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है जिससे थोड़ी सी भी लापरवाही हमें बीमार बना सकती है। आइए जानते हैं कि मानसून में किस बातों का ध्यान रखकर हम सीजनल बीमारियों से बच सकते हैं।

विटामिन सी की खुराक बढ़ाए
मानसून में कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं। इनकी वजह से कई तरह की मौसमी बीमारी और संक्रमण का डर बना रहता है। इसलिए सेहत के लिहाज से ये जरूरी है कि हमें मानसून में अधिक विटामिन सी युक्त भोजन करना चाहिए। जैसे नींबू, स्प्राउट, ऑरेंज, हरी सब्जियां आदि।

जंक फूड से बनाएं दूरी
मानसून में बैक्टीरिया दूसरे मौसम की तुलना में ज्यादा देखने को मिलते है। इस मौसम में अगर मौसमी बीमारियों से बचना है तो बाहर का खाने से बचें। जंक फूड हो या स्ट्रीट फूड इनमें कई तरह के सूक्ष्म जीव पनपने लगते हैं जो हमारे शरीर को टॉक्सिक कर बीमार कर देते है।

इम्यूनिटी का रखें ख्याल
इस मौसम में ताजा और पौष्टिक आहार का सेवन करें। ऐसे भोजन का सेवन करें जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाए। ताजा फल, सब्जियां आदि का सेवन अधिक से अधिक करें।

प्रोबायोटिक्स का करें प्रयोग
मानसून में दही का सेवन जरुर करें, प्रोबायोटिक्स पेट के गुड बैक्टीरिया को बनाएं रखते है और ये सीजनल बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा प्रोबायोटिक्स फूड का इस्तेमाल करें।

फर्मेटेंड भोजन करें
फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से बने भोजन में पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। ऐसे में इन फूड को अपनी डाइट में शामिल करना स्वास्थ्य के लिहाज़ से बेहतर होता है। दक्षिण भारतीय फूड फर्मेटेंड के अच्छे स्रोत होते हैं। इनमें इडली, डोसा और खमीर युक्त खाद्य पदार्थ आपके स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होते हैं।

हाइजीन भी है जरूरी
इस मौसम में तो हाइजीन मैंटेन करना जरुरी है। साफ सफाई के अभाव में बैक्टीरिया पनपने में देर नहीं लगती है। इस मौसम में गंदा पानी और कीचड़ की वजह से कई तरह का संक्रमण फैलने लगता है।

मच्छरों से रहें दूर
इस मौसम में सबसे जरुरी चीज है घरों में मच्छरों को पनपने ना दें। घर के किसी कोने में भी पानी को इक्ट्ठा न होने दें। क्योंकि इसकी वजह से आसपास मच्छर पैदा होने लगते है और मच्छरों की वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियां होती है। अगर मच्छर हो रहे हों तो मच्छरदानी का प्रयोग करें।



Click it and Unblock the Notifications











