प्रोटीन शेक पीएं या उसे खाएं, कौन सा तरीका है ज्यादा बेहतर

यह तो हम सभी जानते हैं कि प्रोटीन शरीर की कार्यप्रणाली के लिए बेहद जरूरी है। यह ना केवल मसल्स बिल्डअप में मदद करता है, बल्कि मसल्स लॉस को रिकवर करने में भी मदद करता है। शायद यही कारण है कि लोग हैवी वर्कआउट के बाद प्रोटीन शेक लेना पसंद करते हैं। यकीनन वर्कआउट के बाद प्रोटीन पाउडर या शेक लेना अच्छा विचार हो सकता है। लेकिन आमतौर पर इसे खाने की सलाह दी जाती है। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि प्रोटीन पीने के बजाय खाने के लिए होता है। कि प्रोटीन का प्राकृतिक रूप में होना कृत्रिम रूप से तैयार पाउडर के रूप में पीने से बेहतर है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको प्रोटीन को लेने के अलग-अलग तरीकों के फायदे व नुकसान के बारे में बात कर रहे हैं-

वर्कआउट के बाद लें प्रोटीन शेक

वर्कआउट के बाद लें प्रोटीन शेक

प्रोटीन शेक का एक फायदा यह है कि इसे पीने के बाद मसल्स तक पहुंचने में केवल 30 मिनट का समय लगता है। इसका मतलब है कि कसरत के तुरंत बाद सेवन करने पर यह बहुत जल्दी अवशोषित हो जाता है। दूसरी ओर ठोस भोजन पचने में अधिक समय लेता है और शरीर को प्रोटीन को तोड़ने और मांसपेशियों को भेजने के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है। इसलिए, एक्सरसाइज के बाद जब आपकी मसल्स को फास्ट रिकवरी की जरूरत होती है, तो ऐसे में प्रोटीन पाउडर या प्रोटीन शेक अधिक बेहतर तरीके से काम करता है।

फैट की मात्रा

फैट की मात्रा

प्रोटीन पाउडर और ठोस प्रोटीन के बीच एक और बड़ा अंतर फैट की मात्रा है। अधिकांश प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट्स में वसा की मात्रा बहुत कम या बिल्कुल नहीं होती है। इससे आप उन इफेक्ट को खो देते हैं जो आपको मीट और मछली खाने से मिलते हैं। याद रखें कि शरीर के लिए प्रोटीन की तरह ही गुड फैट भी उतने ही आवश्यक होते हैं।

प्रोटीन मात्रा और गुणवत्ता

प्रोटीन मात्रा और गुणवत्ता

एक 30 ग्राम स्कूप व्हे पाउडर में लगभग 21 ग्राम से 27 ग्राम प्रोटीन होता है। यह प्रोटीन की उतनी ही मात्रा है जितनी एक 4-औंस चिकन ब्रेस्ट, 250 ग्राम नॉनफैट ग्रीक योगर्ट या 1 1/2 कप ब्लैक बीन्स में होती है। हालांकि पाउडर में प्रोटीन की उच्च सांद्रता होती है, लेकिन इसमें अन्य पोषक तत्वों की कमी होती है जो स्वाभाविक रूप से मांस, मछली, डेयरी उत्पादों या साबुत अनाज में पाए जाने वाले प्रोटीन में होते हैं। इसलिए, प्रोटीन पाउडर का सेवन करने से आपको कई तरह के जरूरी मिनरल्स नहीं मिल पाते हैं, जिनकी शरीर को जरूरत है।

टेस्ट और संतुष्टि

टेस्ट और संतुष्टि

प्रोटीन पाउडर में चॉकलेट व अन्य कई तरह के फ्लेवर को मिलाया जाता है, जो इसे अधिक स्वादिष्ट बनाता है। हालांकि, प्रोटीन पाउडर का स्वाद आमतौर पर कृत्रिम मिठास से मिलता है। जिससे यह आपके लिए उतना फायदेमंद नहीं रह जाता है। प्रोटीन शेक के साथ एक समस्या यह भी है कि इसे पीने से आपको असली भोजन के रूप में संतुष्टि का अहसास नहीं होता है।

इनके लिए नहीं है प्रोटीन शेक

इनके लिए नहीं है प्रोटीन शेक

यूं तो प्रोटीन शेक बिना किसी दुष्प्रभाव के हानिरहित होते हैं, लेकिन यूरिक एसिड की समस्या, किडनी और हृदय संबंधी समस्याओं जैसे स्वास्थ्य समस्याओं वाले व्यक्तियों को खुद से प्रोटीन शेक लेना शुरू नहीं करना चाहिए। हमेशा पहले अपने डॉक्टर से इस विषय में बात करें। साथ ही, अगर आप मांसाहारी हैं और वर्कआउट नहीं करते हैं, तो प्रोटीन शेक लेने की कोई जरूरत नहीं है।

चाहे आप वजन कम करने या मसल्स बिल्डअप करने के लिए प्रोटीन ले रहे हों, खाद्य पदार्थों और पाउडर दोनों से प्रोटीन का उपयोग करने से लाभ होता है। लेकिन, प्रोटीन पाउडर के अपने उपयोग को तब तक सीमित करें जब आपको लगे कि आपके शरीर को वास्तव में कसरत के बाद प्रोटीन की त्वरित और तेज़ आपूर्ति की आवश्यकता है। वहीं, अपने प्रोटीन की दिनभर की जरूरतों को पूरा करने के लिए नेचुरल फूड आइटम्स का सेवन करना अच्छा विचार होता है।

Story first published: Monday, May 9, 2022, 12:15 [IST]
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