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साइलेंट किलर है पैंक्रियाटिक कैंसर! शरीर में दिख रहे इन 6 लक्षणों को नजरअंदाज करने की न करें भूल
Early Signs Of Pancreatic Cancer In Hindi: हर साल नवंबर महीने के तीसरे गुरुवार को विश्व पैंक्रियाटिक कैंसर दिवस (World Pancreatic Cancer Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच पैंक्रियाटिक कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। पैंक्रियाटिक कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो हमारे पैंक्रियाज (अग्नाशय) को प्रभावित करती है। पैंक्रियाज हमारी छोटी आंत के पास स्थित एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अंग है। है यह खाने को पचाने में मदद करता है और शरीर में इंसुलिन बनाता है। अन्य कैंसर के मुकाबले पैंक्रियाटिक कैंसर पैंक्रियाटिक कैंसर को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इस बीमारी के शुरुआती लक्षण बेहद हल्के होते हैं और लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब यह काफी गंभीर बन चुका होता है। आज वर्ल्ड पैंक्रियाटिक कैंसर डे के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं पैंक्रियाटिक कैंसर के कारण, शुरुआती लक्षण, इलाज और बचाव के उपायों के बारे में। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने बात की डीपीयू सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, पिंपरी, पुणे के सलाहकार गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, डॉ अमोल दहाले से -

पैंक्रियाटिक कैंसर कैसे होता है?
पैंक्रियाटिक कैंसर तब होता है, जब पैंक्रियास की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। इसके सबसे बड़ा कारण होता है क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस, यानी पैंक्रियास में लंबे समय तक चलने वाली सूजन। जब कोई अंग लगातार इंफ्लेमेशन झेलता है, तो समय के साथ कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
पैंक्रियाटिक कैंसर के कारण - Causes Of Pancreatic Cancer In Hindi
लंबे समय तक चलने वाला क्रॉनिक पैन्क्रियाटाइटिस
धूम्रपान
ज्यादा शराब का सेवन
परिवार में किसी को पैंक्रियाटिक कैंसर होना
मोटापा
फिजिकली इनएक्टिव होना
बढ़ती उम्र
पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण - Symptoms Of Pancreatic Cancer In Hindi
पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार हल्का दर्द होना या पाचन में दिक्कत होना
बिना किसी वजह के वजन घटना
पीलिया (त्वचा और आंखें पीली दिखना)
भूख अचानक कम होना
अचानक शुगर बढ़ना या डायबिटीज होना
हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होना
पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज - Pancreatic Cancer Treatment In Hindi
पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज बीमारी किस स्टेज पर है, उसके अनुसार तय किया जाता है:
सर्जरी: शुरुआती स्टेज में पैंक्रियाटिक कैंसर का पता लग जाए, तो सर्जरी सबसे प्रभावी इलाज। लेकिन यह तभी संभव है, जब कैंसर फैला न हो।
कीमोथेरेपी: एडवांस स्टेज में कीमोथेरेपी बीमारी को नियंत्रित करने में मदद करती है।
रेडिएशन थेरेपी: अन्य इलाजों के साथ मिलकर रेडियोथेरैपी दी जाए, तो मरीज की रिकवरी तेजी से हो सकती है।
इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी: आधुनिक इलाजों में इम्यूनोथेरेपी भी शामिल है, जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाकर कैंसर से लड़ने में मदद करती है। इसके अलावा, टारगेटेड थेरेपी में कैंसर कोशिकाओं के विशेष मॉलिक्यूल्स को निशाना बनाकर उन्हें खत्म किया जाता है, जिससे सामान्य कोशिकाओं को कम नुकसान होता है।
पैंक्रियाटिक कैंसर से बचाव के उपाय - Pancreatic Cancer Prevention Tips In Hindi
क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस की नियमित जांच कराते रहें
वजन नियंत्रित रखें
लो-फैट और हेल्दी डाइट लें
धूम्रपान और शराब का सेवन न करें
किसी भी लगातार लक्षण को नजरअंदाज न करें
परिवार में हिस्ट्री हो तो नियमित स्क्रीनिंग कराएं
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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