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आंध्रप्रदेश में कुत्ते के काटने से हुई पिता-पुत्र की मौत, ब्रेन-लीवर तक फैला रेबीज, जानें लक्षण-बचाव
Signs and Prevention of Rabies : विशाखापट्टनम में कुत्ते के काटने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। इस घटना के सामने आने के बाद लोग दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि यह मामला बंदरगाह शहर के उपनगर भीमिली में हुई है। खबरों के मुताबिक पिता-पुत्र को काटने के बाद संदिग्ध रेबीज के वजह से दो दिन के भीतर कुत्ते की भी मौत हो गई।
कुत्ते की मौत के बाद पिता-पुत्र ने एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी लगवाए थे लेकिन तब तक वायरल उनके पूरे शरीर में फैल चुका था। इसके बावजूद 25 जून को 27 साल के भार्गव की मौत हो गई थी। उसके चार दिन बाद उसके पिता नरसिंगा राव की अस्पताल में मौत हो गई।
डॉक्टरों ने बताया कि यह वायरस मस्तिष्क, लीवर और अन्य हिस्से तक फैल चुके थे। आइए इस दर्दनाक घटना के बाद जानते है कि रेबीज से बचने के तरीके और इसके लक्षण

कैसे फैलता है रेबीज?
रेबीज से संक्रमित जानवर कुत्ते या बिल्ली के काटने या खरोंचने से, या फिर उसके लार के संपर्क में आने से यह बीमारी फैलती है। अगर किसी संक्रमित जानवर का लार खुले घाव या आंखों जैसी श्लेष्मा झिल्ली (Mucous Membrane) के संपर्क में आ जाए तो रेबीज का संक्रमण हो सकता है।
रेबीज के लक्षण
रेबीज के लक्षण काटने के कुछ हफ्तों या महीनों बाद दिखाई दे सकते हैं। शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, और काटने वाली जगह पर दर्द या झुनझुनी शामिल हो सकती है। बाद में व्यक्ति को बेचैनी, भ्रम, मांसपेशियों में ऐंठन, और पानी से डर (हाइड्रोफोबिया) जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं।
रेबीज से कैसे बचाव करें?
- पालतू जानवरों, खासकर कुत्तों का नियमित रूप से टीकाकरण करवाएं।
- आवारा या जंगली जानवरों से दूर रहें और उन्हें छेड़ें नहीं।
- कोई जानवर काट ले , तो घाव को तुरंत अच्छी तरह से साबुन और पानी से धोएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
- डॉक्टर एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दे सकते हैं।
कब लगाए टीका?
जैसे ही कोई जानवर काटता है, तो चार खुराक वाले कोर्स की पहली डोज एक्सपोज़र के बाद बिना देर किए लगवा लें।
- पहला डोज लगने के 3, 7 और 14वें दिन पर अतिरिक्त खुराक दी जानी चाहिए।
- CDC के मुताबिक रेबीज के लक्षण दिखाई देने के बाद, इलाज करवाना मुश्किल होता है, जिसके बाद मरीज की जान जाने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए बचाव ही सबसे कारगर उपाय है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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