FSSAI ने सहारनपुर में जब्त किए 700 किलो नकली पनीर, 5 सेकंड में ऐसे करें नकली पनीर की पहचान

Fake Paneer Side Effects : फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है और जल्द ही रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में बाजारों में दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों की मांग बहुत अधिक बढ़ जाती है। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए कई व्यापारी मिलावटखोरी पर उतर आते हैं। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटखोर न सिर्फ खाद्य पदार्थों की क्वांटिटी बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें ज़हरीले और खतरनाक केमिकल्स से तैयार करते हैं, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराता है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नकली पनीर बनाने का एक ताजा मामला सामने आया है।

यहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 700 किलो नकली पनीर और 450 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया है। विभाग ने इन सभी उत्पादों को नष्ट कर दिया है और सैंपल को जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है।

FSSAI Destroys 700 Kg Fake Paneer

FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने इस कार्रवाई की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल से दी। उन्होंने लिखा, "सहारनपुर में नकली दूध और पनीर पर उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।" यह कार्रवाई FSSAI के ongoing अभियान का हिस्सा है, जिसमें मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जनता तक केवल शुद्ध और सुरक्षित भोजन पहुंचे।

नकली पनीर सेहत के लिए ज़हर से नहीं है कम

त्योहारों के समय दूध और उसके उत्पादों की मांग बहुत बढ़ जाती है। इसी कारण दूध की कमी को पूरा करने के लिए व्यापारी नकली दूध और पनीर बनाने लगते हैं। इस नकली पनीर को बनाने के लिए कई हानिकारक और ज़हरीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे:

- बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट)

- वनस्पति तेल या पाम ऑयल

- मैदा

- डिटर्जेंट

- यूरिया

- सल्फ्यूरिक एसिड

- कोलतार डाई

- फॉर्मेल्डिहाइड (कैंसरकारी रसायन)

ये सारे रसायन सीधे तौर पर शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

नकली पनीर खाने के खतरनाक परिणाम

1. पेट की गंभीर समस्याएं

मिलावटी पनीर से गैस, अपच, जलन, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके पीछे पनीर में मौजूद हानिकारक केमिकल और गंदे पानी से पैदा हुए बैक्टीरिया जैसे ई-कोलाई और साल्मोनेला जिम्मेदार होते हैं।

2. किडनी को नुकसान

यूरिया और सिंथेटिक दूध से बने पनीर से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे स्किन एलर्जी, सांस की दिक्कत और गले में सूजन जैसी एलर्जिक प्रतिक्रियाएं भी हो सकती हैं।

3. कैंसर का खतरा

कुछ व्यापारी पनीर को टिकाऊ और सस्ता बनाने के लिए फॉर्मेल्डिहाइड जैसे कार्बनिक यौगिक का इस्तेमाल करते हैं, जो IARC के अनुसार कैंसर पैदा करने वाला रसायन है।

घर पर कैसे पहचानें नकली पनीर?

- FSSAI ने नकली पनीर की पहचान करने का एक आसान तरीका बताया है:
- एक कटोरी गर्म पानी में पनीर का टुकड़ा डालें।
- उसमें आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें।
- यदि रंग नीला हो जाए, तो उसमें स्टार्च मिला है, यानी पनीर नकली है।
- यदि रंग न बदले, तो पनीर असली हो सकता है।

नकली पनीर की श‍िकायत कहां करें?

- त्योहार के समय लोकल या अनवेरिफाइड दुकानों से पनीर और दूध न खरीदें।
- केवल भरोसेमंद ब्रांड्स या दुकानदारों से ही उत्पाद लें।
- संदिग्ध खाद्य पदार्थों की शिकायत स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी या FSSAI पोर्टल पर करें।
- हमेशा पैक्ड सामान पर FSSAI नंबर और एक्सपायरी डेट जांचें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, August 7, 2025, 19:56 [IST]
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