Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
Google Year In Search 2023: इस साल PCOS के लिए सबसे ज्यादा सर्च की गई ये डाइट
PCOS की समस्या आज के समय में बेहद आम हो चुकी है। पीसीओएस यानी PCOS वाली महिलाओं के यह स्थिति शारीरिक व मानसिक रूप से काफी थका देने वाली होती है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि PCOS हार्मोनल डिसऑर्डर का कारण बन सकता है।
जिसके कारण अमूमन महिलाओं की फर्टिलिटी पर नेगेटिव असर पड़ता है। इतना ही नहीं, इससे अन्य भी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे पीरियड्स का रेग्युलर ना होना या फिर वजन बढ़ना या चेहरे पर अनचाहे बाल नजर आना आदि।

अभी तक पीसीओएस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन अपने लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करके इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है। शायद यही कारण है कि गूगल पर भी महिलाएं पीसीओएस के लिए डाइट सर्च करती हैं। इस साल भी पीसीओएस के लिए कुछ डाइट्स को बहुत अधिक सर्च किया गया, जिसके बारे में आज हम आपको इस लेख में बता रहे हैं-
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट
पीसीओएस के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट काफी अच्छी मानी जाती है। 2023 में इस डाइट का काफी बोलबाला रहा। दरअसल, एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में ऐसी फूड आइटम्स पर अधिक फोकस किया जाता है, जो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद करती है। यही इंफ्लेमेशन पीसीओएस के लक्षणों की वजह बन सकते हैं। इसलिए, जब एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट ली जाती है तो बॉडी में इंफ्लेमेशन कम होती है, इससे हार्माेनल असंतुलन और ओव्यूलेशन और फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानियों को ठीक करने में काफी हद तक मदद मिलती है।
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में क्या खाएं
• एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड रिच फूड्स जैसे सार्डिन या सॉल्मन आदि को शामिल किया जाता है। वेजिटेरियन्स अलसी, जैतून के तेल और अखरोट को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
• फाइटोकेमिकल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट रिच फल और सब्जियां जैसे पत्तेदार साग, बेरीज और टमाटर आदि भी इंफ्लेमेशन को कम कर सकते हैं।
• अपनी डाइट में शरीर को क्विनोआ, छोले, ब्राउन राइस, दाल, साबुत गेहूं और बीन्स आदि को शामिल करें। इनसे आपको भरपूर फाइबर मिलता है।
• इंफ्लेमेशन को कम करने के लिए कुछ हर्ब्स व स्पाइस जैसे हल्दी, दालचीनी और अदरक को शामिल करना चाहिए।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट
पीसीओएस की समस्या होने पर लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट को फॉलो करना अच्छा माना जाता है। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट में ऐसे फूड्स को शामिल किया जाता है, जिनका जीआई लेवल कम होता है। अगर आपको डायबिटीज या बॉर्डरलाइन डायबिटीज है, तो इस डाइट से पीसीओएस और ब्लड शुगर लेवल दोनों को मैनेज करना आसान हो जाएगा। इससे वजन कम करना भी आसान होगा और पीसीओएस काफी हद तक खुद ब खुद ठीक हो जाएगा।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट में क्या खाएं?
• लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट में नॉन-स्टार्च वाली सब्जियां जैसे ब्रोकोली, फूलगोभी, पालक, गोभी, तुरई, एस्परैगस आदि को शामिल करें।
• मसूर की दाल, चने, राजमा, मटर आदि फलियां सेहत के लिए काफी अच्छी रहती हैं और इस डाइट में शामिल की जाती हैं।
• साबुत अनाज जैसे जौ, ब्राउन राइस, ओट्स आदि को भी जरूर खाना चाहिए।
• आप फलों को मॉडरेशन में खा सकते हैं। इस डाइट में बेरीज जैसे स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी, चेरी, सेब, चकोतरा आदि खाना अच्छा रहता है।
• इसके अलावा, नट्स व सीड्स जैसे बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, अलसी के बीज आदि से शरीर पर पॉजिटिव असर पड़ता है।
• डेयरी विकल्प में ग्रीक योगर्ट, पनीर, अनस्वीटन आलमंड मिल्क आदि लिया जा सकता है। इसके अलावा, लीन मीट, अंडे, टोफू, आदि प्रोटीन के अच्छे सोर्स के रूप में शामिल करें।
• कुछ हर्ब्स व स्पाइस जैसे हल्दी, लहसुन और अदरक को अपने खाने में शामिल करें।
डैश डाइट
2023 में पीसीओएस को मैनेज करने के लिए डैश डाइट को काफी पसंद किया गया। यह डाइट उन फूड आइटम्स को चुनने पर जोर देता है जिनमें या तो सोडियम कम होता है या बिल्कुल भी सोडियम नहीं होता है। यह आहार हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह जंक फूड, शुगर और फैट को काफी हद तक कम कर देता है।
डैश डाइट में क्या खाएं
• डैश डाइट में ताजे फल, सब्जियां, सीड्स और फलियों को शामिल किया जाता है। बेरीज, सेब, ऑरेंज, केला आदि खाने की सलाह दी जाती है। वहीं सब्जियों में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, ब्रोकली और शिमला मिर्च को शामिल करें।
• रिफाइंड ग्रेन की जगह होल ग्रेन जैसे होल व्हीट, ब्राउन राइस, क्विनोआ व ओट्स खाएं।
• लीन प्रोटीन व डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे लो फैट या फैट फ्री दूध, दही व चीज़ आदि का सेवन करें।
• डाइट में बादाम, अखरोट, अलसी के बीज व चिया सीड्स को शामिल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
