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बजरंगबली जैसी सॉलिड बॉडी पाने के लिए करें हनुमान आसन, शरीर के हर दुख-दर्द से मिल जाएगी मुक्ति
Hanumanasana Or Monkey pose Benefits: हनुमान जी रामेश्वरम के समुद्र तट से छलांग लगाकर लंका पहुंचे थे। इस कथा के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि रामायण की यह घटना की वजह से एक योगासन का अविष्कार हुआ था। हनुमान जी ने जब समुद्र तट से लंका के लिए छलांग लगाई थी, उसी छलांग को बाद में हनुमानासन कहा जाने लगा।
हनुमानासन हिंदी के दो शब्दों से मिलकर बना है। हनुमान और आसन। ये योगासन है करने से न सिर्फ शरीर फुर्तीला बनता है बल्कि यह शरीर को कई तरह की समस्याओं से छुटकारा भी दिलाता हैं।

अंग्रेजी में इसे "मंकी पोज" (Monkey pose) भी कहते हैं। आज हनुमान जयंती के मौके पर बजरंग बली के इस आसन के फायदों के बारे में जानते हैं।
हनुमानासन करने के फायदे ( Monkey Pose or Hanumanasana Benefits)
- इस आसन से कमर और पेट के आसपास जमा चर्बी कम होती है और बॉडी शेप में आने लगती हैं।
- हनुमानासन करने से कमर के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- ये योगासन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद हैं। रेग्युलर करने से महिलाओं को मासिक धर्म संबंधी समस्याएं नहीं होती है।
- हनुमानासन मसल्स स्ट्रेचिंग आसान हैं। इसकी वजह से तनाव भी दूर रहता है।
- मंकी पोज करने से ब्लड सर्कुलेशन पहले से बेहतर होता है।
- हनुमानासन करने से हैमस्ट्रिंग्स और क्वाड्रिसेप्स समेत कई मसल्स की स्ट्रेचिंग होती है और यह स्ट्रॉन्ग भी बनती है।
- जो लोग मोटे कूल्हों या जांघों के दर्द जैसी समस्या से परेशान हैं। उनके लिए ये आसान बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है।
- जिन लोगों का सीटिंग वर्क रहता है उनके लिए यह योगासन बेस्ट हैं। इसे करने से कमर दर्द नहीं होता है।
हनुमानासन करने का स्टेप बाय स्टेप तरीका
अगर आप पहली बार हनुमानासन योगाभ्यास करने जा रहे हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-
1. सबसे पहले समतल जमीन पर मैट बिछा लें और उस पर घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं। दोनों घुटनों को फर्श पर टिका दें।
2. गहरी सांस लें और अपने हाथों के पंजों के बल बैंठ जाएं।
3. इसके बाद अब कूल्हों को नीचे दबाते हुए अपने बाएं पैर को धीरे-धीरे करके पीछे की तरफ और दाएं पैर को आगे की तरफ ले जाएं। शुरुआत में यह प्रैक्टिस धीरे-धीरे ही करें।
5. पैरों को इतना ही फैलाएं जिससे आपके कूल्हे जमीन से लग जाएं। अब आप देखेंगे कि आपके बाएं पैर का घुटना और दाएं पैर की पिंडली मैट को टच कर रही होंगी।
6. यह योग मुद्रा बनाकर दोनों हाथ जोड़े। अब कम से कम 10 बार गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस योगासन को बेहतर तरीके से सीखने के लिए आप किसी अभी योग प्रशिक्षक से मदद ले सकते हैं।
कब न करें हनुमानासन
हनुमानासन करने से पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह जरुर लें-
- अगर आपको किसी तरह की चोट लगी है या मोच आई हैं तो यह योग करने से बचे।
- महिलाएं मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान इस योग को करने से बचे।
- ब्लड प्रेशर ज्यादा या कम होने पर भी करने से बचे।
- सांस या हृदय संबंधी परेशानी होने पर इस योग को करने से बचे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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