Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 12 May 2026: मंगलवार को चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, हनुमान जी की कृपा से बरसेगा धन -
दहेज के 87% मामलों के साथ बेंगलुरु बना नंबर-1; जानें Dowry Case में कितनी सजा और जुर्माने का है प्रावधान -
कोरोना के बाद अब हंतावायरस का बढ़ा खतरा; भारत भी हुआ अलर्ट, जानें कितनी जानलेवा है यह बीमारी और लक्षण -
क्या लड़कियों का भी होता है जनेऊ संस्कार? धुरंधर 2 एक्ट्रेस ने बताया क्यों सदियों पहले बंद हुई थी परंपरा -
Shani Jayanti 2026: 15 या 16 मई, कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानें सही तिथि और उपाय -
Mangal Gochar 2026: अपनी ही राशि में मंगल का गोचर; इन 4 राशि वालों पर मंडरा रहा है दुर्घटना' का साया -
Somnath Amrit Mahotsav: पीएम मोदी ने सोमनाथ में किया कुंभाभिषेक, जानें 11 तीर्थों के जल का महत्व -
PM Modi की Gold न खरीदने की चर्चा तेज, जानिए किस देश में मिलता है सबसे सस्ता सोना -
Suryakumar Yadav बने पिता, बेटी का नाम रखा 'रिद्धिमा', जानें इसका अर्थ और धार्मिक महत्व -
National Technology Day 2026 Quotes: मिसाइल मैन के वो अनमोल विचार जो आज भी युवाओं को देते हैं प्रेरणा
अपने हृ्दय को स्वस्थ रखने के लिए कसरत करें
अपने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कई विभिन्न प्रकार के व्यायाम किए जा सकते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य आपके जीवन में शारीरिक कार्यकलापों को बढ़ाना है। एरोबिक्स या कार्ड़ीओवैस्क्यलर एक्सर्साइज़ दो ऐसे व्यायाम हैं, जो आपके हृदय गति को बढ़ाते हैं, तथा हृदय को मज़बूत बनाकर उसे और कार्यशील बनाते हैं। कार्ड़ीओवैस्क्यलर एक्सर्साइज़ से आपका शरीर ऑक्सीजन को सही तरीके से इस्तेमाल करता है। क्योंकि इस कसरत से आपका हृदय मज़बूत और कार्यशील बनता है, जिसके कारण सीढ़ियां चढ़ते समय आपको थकावट महसूस नहीं होगी। साथ ही आप लंबे समय तक कई सारे दैहिक कार्य कर पाएंगे, और आपकी सांस भी कम फुलेगी, अर्थात आपके शरीर में रक्तसंचार बढ़ता है।
अपनी हृदय गति को बढ़ाने के लिए दिन में कम से कम 30 मिनट के लिए एरोबिक्स करें। सप्ताह में तीन दिन के लिए की गई एरोबिक्स हर रोज 20 मिनट की कसरत से बेहतर है।

सैर या वॉकिंग
सैर, अपने आपको सेहतमंद रखने का एक सहज तरीका है। सैर के लिए कोई अच्छे से जूते खरीदें। एक मध्यम तीव्रता के स्तर को प्राप्त करने के लिए सैर करते समय थोड़ा सा तेज़ चलें। अगर आपके पास "समय नहीं है", तो दिन में 5-10 मिनट की कम अवधि के लिए कई बार सैर करें।

दौड़ना
यह आपके शरीर में कैलोरीज़ को बर्न करने का एक अच्छा तरीका है (एक 150 पौंड़ का व्यक्ति एक मील की दौड़ में 100 कैलोरीज़ बर्न कर सकता है)। शुरुवात में थोड़ा तेज़ चले और फिर 5 मिनट की सैर के बाद 1 या 2 मिनट के लिए दौड़ें। जैसे-जैसे आप फिट होते जाएंगे, वैसे ही अपनी दौड़ने की क्षमता को भी बढ़ाते जाएं, तब तक ही जब तक आपको चलने की जरुरत ना पड़े।

सीढ़ियां चढ़े
सीढ़ियों को चढ़ने की कोशिश करें, इसे आपकी दिल की अवस्था में सुधार आएगा साथ ही यह दौड़ से बेहतर विकल्प है।

योग
योग से तनाव और चिंता तो दूर होती है साथ ही यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर रक्तचाप को भी कम करता है। जिसे हमे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।

वेट ट्रेनिंग
वेट ट्रेनिंग से रक्तचाप कम होता है, कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार आता है, और यह रक्त शर्करा के स्तर को भी नियंत्रित रखता है। यह शरीर की मांसपेशियों को बढ़ाता है और मांस तंतुओं को घटाता है। यह चयापचय को भी बढ़ा सकता है तथा आपके वजन को बनाए रखने में भी मदद कर सकता है।

तैराकी
इस क्रिया से पूरे शरीर को फिट रखा जा सकता है। तैराकी से या केवल इन फिटनेस क्लास में भाग लेने से हृदय गति के साथ आपके हृदय की कार्यशीलता भी पहले से बेहतर हो जाएगी। पानी आपके शरीर को बहु दिशात्मक प्रतिरोध प्रदान करता है जो आपकी मांसपेशियों को शक्तिशाली और सुंदर बनाने में मददगार साबित होगा। जिन लोगों को सैर करने से या दौड़ने से जोड़ों में दर्द होता है, उनके लिए तैराकी एक सुरक्षित विकल्प है।

साइकलिंग
साइकलिंग एक और कार्ड़ीओवैस्क्यलर एक्सर्साइज़ है, जो करने में काफी आसान है और इसे आप के जोड़ों में दर्द भी नहीं होगा। आप चाहे तो इस व्यायाम को अकेले जिम में, या स्पिन क्लास में, या फिर बाहर सड़क पर या फुटपाथ पर भी कर सकते हैं। इसे आपके शरीर में रक्तसंचार बढ़ेगा साथ ही आपकी कमर और पैरों की मांसपेशियां और बलवान एवं आकर्षक हो जाएंगी।

अंतराल या सर्किट प्रशिक्षण
अपनी कार्ड़ीओ की कसरत को अन्य कसरतों के साथ मिलाकर करें। उदाहरण, हर 3 मिनट की कार्ड़िओ कसरत के बाद एक बल प्रशिक्षण की कसरत करें या कैलोरीज़ को बर्न करने के लिए 1 मिनट के लिए उच्च तीव्रता से कोई कार्ड़िओ व्यायाम करें। एक अन्य विकल्प यह है कि आप किसी 5 से 10 बल प्रशिक्षण के अभ्यासों को चुनें और अपने हृदय गति को बनाए रखने के लिए तीव्रता से एक के बाद एक इन कसरतों को करते जाएं, ध्यान रहे कि इन कसरतों को कम वजन के साथ कई बार दोहराएं। इस प्रकार का प्रशिक्षण केवल आपको व्यायाम करने के लिए प्रेरित ही नहीं करेगा, बल्कि आपकी मांसपेशियों को मज़बूत बनाएगा तथा सहनशीलता के साथ हृदय को स्वस्थ बनाएगा।



Click it and Unblock the Notifications