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डॉ. देवी शेट्टी: दिल के डॉक्टर से कुछ सवाल-जवाब
डॉ देवी शेट्ठी, नारायण हृदयालय कर्नाटक राज्य में हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। कर्नाटक के एक छोटे से कस्बे में पैदा होने वाले डॉ देवी शेट्ठी को उनके मरीजों ने जान बचाने वाले एक भगवान का दर्जा दे रखा है। नारायण हृदयालय कर्नाटक के शहर बैंगलोर में स्थित हृदय और बालरोगों से संबंधित विश्व के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है। यह अस्पताल विश्व प्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ, डॉ देवी शेट्ठी की प्रेरणा है। नारायण हृदयालय में ईलाज के लिए विदेशों से मरीज आते हैं और इसने पच्चीस देशों के 15000 लोगों का ऑपरेशन करने का रिकॉर्ड बनाया है।
आज हम विप्रो कंपनी के कर्मचारियों और डॉ देवाी शेट्ठी के बीच में हुए, हृदय रोग से संबन्धित कुछ सवाल-जवाब आपके समक्षय लाए हैं, इन्हें पढिये और हृदय रोग के बारे में अपनी जिज्ञासाओं को शांत कीजिये।

सवाल-जवाब
प्र : एक आम आदमी के लिए अपने दिल का ख्याल रखने के क्या नियम हैं?
उ :
1 आहार - कम कार्बोहाइड्रेट, अधिक प्रोटीन, कम तेल
2. व्यायाम - आधे घंटे की पैदल सैर, कम से कम एक सप्ताह में 5 बार, लिफ्ट का प्रयोग कम करें और अधिक देर तक ना बैठे।
3. धूम्रपान छोड़े।
4. वजन कंट्रोल करें।
5. बीपी नियंत्रित करें - रक्तचाप और शुगर
प्र : क्या मांसाहारी भोजन (मछली) दिल के लिए अच्छा होता है?
उ : नहीं
प्र : कई स्वस्थ्य इंसान भी हृदय रोग के गिरफ्त में आ जाते हैं, इस परिप्रेक्ष्य में आप क्या कहेंगे।
ऊ : इसे साइलेंट अटैक कहा जाता है। इसलिये हम हमेशा सलाह देते हैं कि जिनकी उम्र 30 के पार हो चुकी है उन्हें डॉक्टर से रूटीन चेकअप करवाते रहना चाहिये।
प्र : क्या दिल की बीमारी वंशानुगत होती है?
उ : हां
प्र : हृदय कब तनाव में आता है? आप उसे डी-स्ट्रेस करने के लिये क्या सलाह देगें?
उ : जिंदगी के प्रति अपना नजरिया बदलें। जीवन में हर चीज पूर्णता के नजर से ना देखें।
प्र : क्या वॉकिंग करना, जागिंग करने से ज्यादा बेहतर है? या फिर हृदय को रोगमुक्त रखने के लिये कोई अन्य गहन व्यायाम करना पडे़गा?
उ : वॉकिंग ज्यादा बेहतर है क्योंकि जॉगिंग करने से जल्द थकान और जोड़ो में चोट लगने का डर बना रहता है।
प्र : आपने गरीब और ज़रूरतमंद के लिये बहुत कुछ किया है। इसके लिये आपको किसने प्रेरित किया?
उ : मदर टेरेसा, जो मेरी मरीज़ थी।
प्र : क्या लो बीपी वाले लोग हृदय रोग से पीडित हो सकते हैं?
उ : बड़ी मुश्किल से।
प्र : क्या कोलेस्ट्रॉल कम उम्र से ही जमना शुरु हो जाता है या फिर हमें इसकी चिंता केवल 30 की उम्र के बाद ही करनी चाहिये?
उ : कालेस्ट्रॉल बचपन से ही जमना शुरु हो जाता है।
प्र : मैं कोलेस्ट्रॉल के तत्वों को बिना दवाई की सहायता से कैसे कंट्रोल कर सकता हूं।
उ : अपनी डाइट कंट्रोल करें तथा वॉक पर जाएं और अखरोट खाएं।
प्र : हृदय के लिये कौन सा आहार खराब और अच्छा है?
उ : फल और सब्जियां अच्छी हैं और तेल खराब है।
प्र : कौन सा तेल अच्छा होता है- मूंगफली, सूरजमुखी या जैतून तेल?
उ : कोई नहीं।
प्र : रूटीन चेकअप क्या होता है? क्या इसके लिये कोई खास टेस्ट होता है
उ : शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करने के लिये रूटीन ब्लड टेस्ट करवाना होता है। इसके अलावा बीपी, ट्रेडमिल टेस्ट आदि।
प्र : हार्ट अटैक पड़ने पर क्या करें?
उ : यदि संभव हो तो रोगी के चीभ के नीचे एस्पिरिन की गोली को सार्बिट्रेट की गोली के साथ रखें। और उसे तुरंत ही पास के कोरोनरी केयर यूनिट ले जाएं क्योंकि अत्यधिक हादसा केवल 1 घंटे के बीच में ही हो जाता है।
प्र : आप कैसे पता करेंगे कि दर्द गैस्ट्रिक की वजह से है या फिर हार्ट अटैक?
उ : ईसीजी बिना अत्यंत मुश्किल
प्र : करीबी रिश्तेदारों के भीतर शादियां होने से बच्चों को दिल की बीमारी हो सकती है? क्या यह सही है ?
उ : हां
प्र : हम से कई लोगों का रूटीन सही नहीं है। कई बार हमें देर रात तक ऑफिस में ही बिताना पड़ता है। तो क्या इससे हमारे दिल पर प्रभाव पड़ेगा सलाह दीजिये
उ : जब आप जवान होते हैं तो प्रकृति आपको पूरी तरह बचाने की कोशिश करती है। पर जैसे जैसे आप बूढे होने लगते हैं, आपको अपने बायोलॉजिकल क्लाक की इज्जत करनी शुरु कर देनी चाहिये।
प्र : क्या ज्यादा कॉफी और चाय के सेवन से हार्ट अटैक हो सकता है।
उ : नहीं
प्र : क्या अस्थमा रोगी को हार्ट अटैक पड़ने की ज्यादा संभावना होती है
उ : नहीं
प्र : आप जंक फूड को किस तहर परिभाषित करेंगे
उ : फ्राइड फूड जैसे, मैकडॉनल्ड्स, समोसा और यहां तक कि मसाला डोसा
प्र : आपने बताया कि भारतीयों को हृदय घात होने की ज्यादा संभावना होती है। इसका क्या कारण है क्योंकि यूरोप और अमेरिका में लोग यहां के मुकाबले ज्यादा जंक फूड खाते हैं।
उ : हर रेस किसी ना किसी रोग की चपेट में होती है, भारतीय हृदय रोग के प्रति अतिसंवेदनशील हैं।
प्र : इंसान खुद को हार्ट अटैक पड़ने पर किस तरह से बचा सकता है
उ : तुरंत लेट जाइये, अपनी जीभ के नीचे एस्पिरिन की गोली दबा लीजिये और बिना देरी के किसी से बोलिये कि वह आपको पास के कोरोनरी केयर यूनिट ले जाए।
प्र : क्या लो हीमोग्लोबिन और लो वाइट ब्लड सेल हार्ट अटैक को दावत दे सकता है।
उ : नहीं, लेकिन यह आवश्यक है कि हीमोग्लोबिन का लेवल सामान्य बना कर रखा जाए जिससे व्यायाम करने की क्षमता बढ सके।
प्र : समय ना मिलने की वजह से व्यायाम का समय नहीं मिलता। तो क्या ऐसे में रोजाना का घर का काम करने और सीढियां चटने से व्यायाम की पूर्ती हो जाती है।
उ : हां, कोशिष कीजिये कि आप कुर्सी पर आधे घंटे से ज्यादा ना बैठें।
प्र : क्या दिल की बीमारी और ब्लड शुगर के बीच में कोई संबन्ध है
उ : हां, एक गहरा संबन्ध है क्योंकि मधुमेह रोगियों को स्वस्थ्य व्यक्ति के मुकाबले दिल का दौरा पडने की अधिक संभावना होती है।
प्र : हार्ट के आपरेशन के बाद रोगी को किस बात का ध्यान रखना चाहिये।
उ : डाइट, व्यायाम, समय से दवाई, कालेस्ट्रॉल नियंत्रण, बीवी और वजन।
प्र : क्या रात में शिफ्ट करने वालों को दिन की शिफ्ट में काम करने वालों की तुलना में हृदय रोग होने की ज्यादा संभावना रहती है।
उ : नहीं
क्या डिसपिरिन या इसी तरह के सिर दर्द भगाने वाली दवाइयां हार्ट अटैक पैदा कर सकती हैं।
उ : नहीं
प्र : ऐसा क्यूं होता है कि पुरषों को महिलाओं की तुलना में कम हार्ट अटैक आते हैं।
उ : प्रकृति महिलाओं को 45 की उम्र तक बचा कर रखती है।
प्र : दिल को अच्छी अवस्था में कैसे रखा जा सकता है
उ : पौष्टिक खाइये, जंक फूड ना खाइये, रोजाना व्यायाम कीजिये, धूम्रपान छोडिये और 30 की उम्र के पार हैं तो रेगुलर चेकअप करवाइये।
यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो इसे अपने मित्रों और परिवार जन के बीच में शेयर करना ना भूलें। हो सकता है कि यह जानकारी आपके काम की ना हो लेकिन इसे बांटने से आप किसी हृदय रोगी की जान बचा सकते हैं।
डॉ देवी शेट्ठी,
नारायण हृदयालय (हृदय रोग विशेषज्ञ)
बेंगलूरु
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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