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Helium Gas Danger: गुब्बारों में भरने वाली इस गैस से दिल्ली CA ने की आत्महत्या, जानें कितनी है खतरनाक?
Dangers of Inhaling Helium Gas : दिल्ली से हाल ही में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 25 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) धीरज कंसल ने हीलियम गैस की मदद से आत्महत्या कर ली। मृतक महिपालपुर स्थित एक पीजी में रहता था और गुरुग्राम की एक कंपनी में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने 20 से 28 जुलाई के बीच बाराखंबा रोड स्थित एक फ्लैट बुक किया था, जहां उसने 27 जुलाई को आत्महत्या की।
जब पुलिस फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि मृतक के मुंह में हीलियम गैस सिलेंडर का पाइप लगा हुआ था, उसके चेहरे पर मास्क था और वह प्लास्टिक से ढका हुआ था। यह दिल्ली में हीलियम गैस से सुसाइड का पहला मामला माना जा रहा है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आम लोगों को चौंका दिया है। आइए जानते हैं आखिर हीलियम गैस क्या है और यह किस काम आती है और इसके नुकसान?

हीलियम गैस आखिर है क्या?
हीलियम एक इनर्ट गैस (Inert Gas) है, जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं में भाग नहीं लेती। यह आमतौर पर बच्चों के गुब्बारों, मेडिकल टेस्ट (जैसे लंग फंक्शन और स्पाइरोमेट्री टेस्ट) और कुछ दवाओं में प्रयोग की जाती है। इसे सुरक्षित गैस माना जाता है क्योंकि यह ज्वलनशील नहीं होती। लेकिन जब इस गैस को गलत तरीके से या अधिक मात्रा में इनहेल किया जाए, तो यह घातक बन सकती है।
कैसे होती है हीलियम गैस से मौत?
जयपुर के वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ वीरेंद्र के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में हीलियम गैस इनहेल करता है, तो शरीर को आवश्यक ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है। इससे कुछ ही मिनटों में सफोकेशन (घुटन) शुरू हो जाती है।
हीलियम इनहेल करने से शरीर में लंग्स की यूनिट अल्वियोलाई (Alveoli) पर अचानक दबाव पड़ता है और वे फट सकती हैं, जिससे रेस्पिरेटरी कट या लंग इंजरी हो जाती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में न्यूमोथोरैक्स (Pneumothorax) कहा जाता है। इससे व्यक्ति की कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।
इसके अलावा, अधिक हीलियम लेने से बैरोट्रोमा जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है, जो लंग्स के लिए बेहद खतरनाक होती है। इस गैस की एक और चुनौती यह है कि यह वातावरण में बहुत जल्दी घुल जाती है और मौत के बाद इसे शरीर के टिश्यू या ब्लड में डिटेक्ट करना मुश्किल हो जाता है।
विदेशों में सुसाइड का ट्रेंड
यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में हीलियम से आत्महत्या के मामले पिछले दो दशकों से रिपोर्ट हो रहे हैं। वहां यह एक चिंता का विषय बन चुका है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए इस तरह की आत्महत्या के तरीके फैल रहे हैं, जो युवा वर्ग को प्रभावित कर सकते हैं। भारत में अभी ऐसे मामले दुर्लभ हैं, लेकिन यह घटना बताती है कि अब यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है।
हीलियम गैस वाले गुब्बारे और खिलौने बन सकते हैं खतरनाक
बच्चों को आकर्षित करने वाले रंग-बिरंगे गुब्बारों में भी हीलियम गैस का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर यह गैस सुरक्षित होती है, लेकिन कई बार दुकानदार इसमें अन्य ज्वलनशील गैसें भी मिला देते हैं ताकि लागत कम की जा सके। इससे ये गैस जानलेवा हो सकती है।
इसलिए अगर आप बच्चों के लिए हीलियम से भरे गुब्बारे या खिलौने खरीद रहे हैं, तो सावधानी बेहद जरूरी है। ये चीजें बच्चों के लिए मजेदार तो होती हैं, लेकिन अगर उनका दुरुपयोग हो या वे किसी भी रूप में इनहेल कर लें, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
क्या करें, क्या न करें?
- हीलियम गैस इनहेल करने की कोशिश न करें, चाहे वह मजाक में ही क्यों न हो।
- बच्चों को गुब्बारों से खेलने दें, लेकिन उन्हें गैस इनहेल करने से रोकें।
- दुकानदारों से पूछें कि गुब्बारों में कौन सी गैस भरी गई है।
- अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ हो या चक्कर आ रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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