डाइट और एक्सरसाइज के बाद भी नहीं कम हो रहा है वजन? ये 8 हार्मोन्‍स हो सकते हैं जिम्मेदार

Hormones That Affect Weight Loss: कई लोग वजन कम करने के लिए डाइटिंग करते हैं और रेगुलर एक्सरसाइज भी करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता। वजन कम करना सिर्फ खानपान और एक्सरसाइज तक सीमित नहीं है। इसकी एक वजह शरीर में हार्मोन्स का असंतुलन भी हो सकता है। हेल्थ इंफ्लुएंसर और फिटनेस कोच अक्षय एस शेट्टी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कुछ हार्मोन भूख लगने, ऊर्जा का उपयोग, मेटाबॉलिज्म और फैट स्टोर करने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जिसका सीधा असर वजन पर पड़ता है। ऐसे में, यदि कुछ हार्मोन सही तरीके से काम नहीं कर रहे हों, तो वजन घटाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए वजन घटाने के लिए शरीर में हर्मोन्स का संतुलन होना भी जरूरी है। आइए, जानते हैं ऐसे 8 हार्मोन्स के बारे में, जिनका संतुलन वजन घटाने के लिए जरूरी है -

Weight Loss Hormones

इंसुलिन और कोर्टिसोल हार्मोन

इंसुलिन वह हार्मोन है जो खाने से मिलने वाली शुगर को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। फिटनेस कोच अक्षय एस शेट्टी के मुताबिक, अक्सर लोग मानते हैं कि इंसुलिन बढ़ने से वजन बढ़ता है, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। यदि आप शरीर की जरूरत से कम कैलोरी ले रहे हैं, तो इंसुलिन का स्तर बढ़ने पर भी फैट कम हो सकता है। दूसरी ओर, कोर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन कहा जाता है। लगातार तनाव में रहने या पर्याप्त नींद न लेने पर इसका स्तर बढ़ सकता है, जिससे बार-बार भूख लगना, मीठा खाने की इच्छा होना और ओवरईटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

लेप्टिन और घ्रेलिन हार्मोन

शरीर में लेप्टिन और घ्रेलिन नाम के दो हार्मोन भूख को नियंत्रित करने का काम करते हैं। लेप्टिन दिमाग को बताता है कि पेट भर चुका है और अब खाने की जरूरत नहीं है। वहीं घ्रेलिन दिमाग को भूख का संकेत भेजता है। अगर आपकी नींद पूरी नहीं होती या खाने-पीने का कोई तय समय नहीं है, तो इन दोनों हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसी स्थिति में जरूरत से ज्यादा खाने की आदत पड़ सकती है, जिससे वजन कम करना मुश्किल हो जाता है।

टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और थायराइड हार्मोन

टेस्टोस्टेरोन सिर्फ पुरुषों ही नहीं बल्कि महिलाओं के शरीर के लिए भी जरूरी हार्मोन है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने और शरीर में फैट के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है। इसका स्तर कम होने पर शरीर में चर्बी बढ़ सकती है। वहीं एस्ट्रोजन का असंतुलन भी फैट जमा होने के तरीके को बदल सकता है। इसके अलावा थायराइड हार्मोन मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। यही तय करते हैं कि शरीर कितनी तेजी से कैलोरी खर्च करेगा। बहुत सख्त डाइट या लंबे समय तक भूखे रहने का असर इन हार्मोन्स पर भी पड़ सकता है।

ग्रोथ हार्मोन

ग्रोथ हार्मोन का उत्पादन आमतौर पर गहरी नींद और एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा होता है। यह शरीर की रिकवरी और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है। हालांकि, सिर्फ ग्रोथ हार्मोन बढ़ जाने से तेजी से वजन कम नहीं होता। अक्षय एस शेट्टी के अनुसार, वेट लॉस के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर लंबे समय से कोशिशों के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा है, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर हार्मोन की जांच करवाना फायदेमंद हो सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, July 4, 2026, 15:14 [IST]
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