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पाकिस्तान तक पहुंचा मंकीपॉक्स.. क्या भारत में भी बढ़ रहा इसका खतरा, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने एमपॉक्स (MPox) के तेजी से बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। दुनिया के 116 देशों में एमपॉक्स वायरस फैल गया है। आपको बता दें कि एमपॉक्स वायरस को ही मंकीपॉक्स वायरस के नाम से जाना जाता है।
अब खबर आ रही है पड़ोसी देश पाकिस्तान के पख्तूनख्वा प्रांत में मंकीवॉयरस के तीन मामले सामने आए हैं और जिन मरीजों में यह वायरस पाया गया है, वो हाल ही में सऊदी अरब से पाकिस्तान लौटे थे। जब पड़ोसी देश तक यह वायरस पहुंच चुका हैं, तो अब हर किसी के मन में यह सवाल आ रहा है कि इंसानों में फैलने वाली इस बीमारी का फिलहाल भारत में कितना खतरा मंडरा रहा हैं?
तो हमने इस बीमारी के बारे में राजस्थान के झंझुनु के बीडीके अस्पताल के वरिष्ठ शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर जितेंद्र भांबू से बात कर जानने की कोशिश की इस बीमारी के लक्षण से लेकर बचाव तक क्या है? बच्चें को कितना खतरा है?

क्या है एमपॉक्स?
एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है, जो आमतौर पर किसी के संपर्क में आने से फैलती है। यह एक तरह से फ्लू जैसी बीमारी है। इससे शरीर में मवाद से भरे दाने भी होते हैं। उन्होंने बताया कि अगर बच्चा या कोई वयस्क कुपोषित नहीं हैं, तो यह बीमारी गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाता है बल्कि कुछ दिनों में ही यह स्वयं सही इलाज से ठीक हो जाती है।
लक्षण
- शरीर में मवाद से भरे दाने
- खुजली
- बुखार
- मांसपेशियों में दर्द
- पीठ दर्द
- अत्यधिक थकावट और सूजे हुए लिम्फ नोड्स
- शरीर पर गांठें-गांठें भी हो सकती हैं।
कैसे फैलता है?
- संक्रमित मरीज से आमने-सामने बात करने से उसके मुंह से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से संक्रमित हो सकते हैं।
- किसी संक्रमित व्यक्ति से सेक्सुअल कॉन्टेक्ट की वजह से।
- ऐसी वस्तुओं या सतहों को छूना जो संक्रमित के संपर्क में आने से दूषित हो गई हैं।
बचाव और इलाज
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि भारत में इस वायरस का खतरा होने की आशंका नहीं है। वैसे इसके इलाज के लिए कुछ वैक्सीन उपलब्ध है। इसके अलावा जो भी व्यक्ति बाहर से ट्रेवल करके आया है उसे कुछ दिन तक आइसोलेट रखें, क्योंकि मंकीपॉक्स के लक्षण सामने आने में 5 हफ्तों का समय भी लग जाता है। वैसे भी किसी भी ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी के बाद पूरी दुनिया के देश अलर्ट हो जाते हैं। इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर सख्त निगरानी और समय पर संक्रमितों की पहचान से वायरस को कंट्रोल किया जा सकता है। बस कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।
- खाना खाने से पहले हाथ धोएं।
- संक्रमितों से दूरी बनाकर रखें।
- सुरक्षित यौन संबंध बनाए।
- किसी में लक्षण नजर आए तो उसके निकट न जाएं।
WHO ने क्या चेतावनी दी?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया कि कई देशों में Mpox के संख्या में तेजी देखने को मिल रही है, जिसके बाद इसे ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने लोगों को अलर्ट रहने का भी निर्देश दिया है, ताकि हालात को बेकाबू होने से रोका जा सकें। वैसे आपको बता दें कि डब्लूएचओ ने तीन सालों में दूसरी बार इस बीमारी को लेकर इमरजेंसी की घोषणा की है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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