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घर में कानों को साफ करने से हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स, जानें किस तरह करें साफ

अक्सर हम कान में खुजली होने पर या फिर मैल साफ करने के लिए कॉटन इयरबड्स का यूज करते हैं। लेकिन कानों में रुई, हेयर पिन डालने से आपके कानों को नुकसान भी हो सकता है। ये आपके कानों के लिए खतरा भी साबित हो सकत है। विशेषज्ञों के अनुसाप कॉटन इयरबड्स कान साफ करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन इसके ज्यादा यूज से आपके कानों को नुकसान भी पहुंच सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ओटोलरींगोलॉजी के मुताबिक हमारा शरीर कान को सुरक्षित रखने के लिए ईयरवैक्स का उत्पादन करता है। जिसे सेरुमेन भी कहा जाता है। ईयर वैक्स कानों से हटाने से कुछ लोगों को फायदा हो सकता है। लेकिन यहर किसी के लिए हो ये जरूरी नहीं है। लेकिन अगर आप अपने कान के मैल को हटाने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले ये जान लें कि कान से कितना मैल साफ करना आपके लिए सही होगा। कान में जमा मैल आपके कान के लिए कितनी जरूरी है जानने के लिए आखिरी तक ये आर्टिकल पढ़े।
लेकिन कान के मैल के बारे में जानने से पहले आप कान के स्ट्रक्चर के बारे में जान लें।

कान की संरचना
बाहरी कान
पिन्ना कान का सबसे बाहरी हिस्सा होता है। इसमें कई खांचों के साथ एक पेचदार आकार भी होता है। बाहरी कान का नहर बाहर से दिखाई देने वाले कान के छेद से शुरू होता है, और ईयर ड्रम तक होता है।
मध्य कान
मध्य कान अगला हिस्सा है, जो ईयर ड्रम के दूसरी तरफ होता है। इसमें शरीर की तीन सबसे छोटी हड्डियाँ होती हैं - मैलियस, इनकस और स्टेपीज, जो ध्वनि तरंगों को अंदर के कान में ले जाने में मदद करती हैं।
भीतरी कान
आंतरिक कान में कोक्लीअ होता है, जो सुनने में मदद करता है। वेस्टिबुलर सिस्टम होता है, जो संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

कैसे बनता है कान का मैल?
कान का बाहरी हिस्सा कान के नहर त्वचा के साथ जुड़ी होती है, जिसमें सेरुमिनस ग्रंथियां होती हैं। जो तैलीय पदार्थ, ईयर वैक्स का उत्पादन करती हैं। यह वैक्स ईयर कैनाल के बाहरी एक तिहाई हिस्से में बनता है, और स्कीन के ऊपर एक परत बनाता है।
कान का मैल आपके कानों को सुरक्षित रखने में एक भूमिका निभाता है। यह कानों में फंसकर धूल के कणों और सूक्ष्म जीवों से उसे बचाता है। चबाने जैसी क्रियाओं की सहायता से ईयर वैक्स नियमित रूप से कान नहर से बाहर आ जाता है और पिन्ना के खांचे में बस जाता है, ये वो हिस्सा हैं जिसे आप नहाते वक्त साफ कर सकते हैं।

घर पर ईयर वैक्स हटाने के साइड इफेक्ट्स
विशेषज्ञों के मुताबित कान को कॉटन ईयरबड्स या किसी अन्य उपकरण से साफ करने पर आपके कान में कुछ समस्याएं भी आ सकती हैं।
संक्रमण बढ़ाने का खतरा
कान नहर को बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण के लिए सेन्सिटिव बना दिया जाता है। कॉटन ईयरबड्स की रूई के रेशे भी फंगल बीजाणुओं का स्रोत हो सकते हैं।
कान नहर में चोट लगने का खतरा
कान की नहर सीधी नहीं होती है। ईयरबड्स से कानों को साफ करने के लिए बार बार कानों में उसे डालना और निकालना कान नहर की दीवारों और ईयर ड्रम को चोट पहुंचा सकता है।
ईयरबड्स से कान का मैल बढ़ाता है
कॉटन बड्स ईयर वैक्स को और अंदर तक भेज सकते हैं, क्योंकि बड्स का आकार वैक्स को ईयर कैनाल से बाहर आने के लिए ज्यादा जगह नहीं देता है। इससे वैक्स का संग्रह करता है।

कैसे करें कान के मैल को साफ?
ईयरबड्स या सूती कपड़े का इस्तेमाल करके आप पिन्ना या ऑरिकल पर जमें मेल को साफ किया जा सकता है। लेकिन कुछ ऐसी जगह है जहां ईयर वैक्स जमा हो जाता है, जहां साफ करना थोड़ा मुश्किल होता है। जैसे छोटे बच्चों के कान, क्योंकि उनके कान नहर काफी छोटे होते हैं। ऐसे में आप कान का मैल साफ करने के लिए अपने ENT स्पेशलिस्ट के पास ही जाएं। ये कानों को सिरिंजिंग या माइकरों स्कोपिक तरीके से साफ करते हैं। जिससे आपके कानों को नुकसान भी नहीं होता। 6 महीने में एक बार आपको जरुर इनके पास जाना चाहिए।
कान का मैल आपके कानों के लिए हानिकारक नहीं होता है। मैल निश्चित रूप से आपके कानों को गंदा नहीं करता है। ईयर वैक्स आपके कानों के लिए तब तक अच्छा होता है, जब तक यह आपके कानों में ज्यादा जमा न हो जाए और आपके कानों को बंद न कर दें।



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