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डांस या जिम करते अचानक हो रही युवाओं की मौत, क्या कोविड वैक्सीन है वजह? ICMR ने दिया जवाब
ICMR Study on Covid : कोई जिम में एक्सरसाइज करते हुए तो कोई डांस करते हुए ही चल बसा तो कोई स्टेज परफॉर्मेंस देते देते ही बेहोश होकर दुनिया से चल बसा। युवाओं की मौत की ऐसी खबरें आने के बाद हर किसी के मन में ये चिंता थी कि आखिर क्यों युवा इतनी जल्दी मौत के शिकार हो रहे हैं। खासतौर पर ऐसे लोग जो देखने में फिट हैं उनकी ऐसी अचानक मौत के क्या कारण हैं।

आईसीएमआर पिछले तीन साल से ये स्टडी कर रहा है कि युवाओं में अचानक मौत के लिए क्या कारण जिम्मेदार हैं। स्टडी के नतीजे जारी कर दिए गए हैं-इसमें कोरोनावायरस के गंभीर मरीजों में मौत के कई मामले देखे गए हैं। ऐसे युवा जिन्हें कोविड की वजह से अस्पताल में एडमिट होने की नौबत आई, उनमें अचानक मौत का खतरा बढ़ा है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से की गई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि देश में कोविड-19 वैक्सीनेशन से युवाओं में सडन डेथ यानी अचानक मौत का खतरा नहीं बढ़ा है। कुछ लोग कोविड वैक्सीन को भी शक के दायरे में रख रहे थे लेकिन स्टडी में वैक्सीन को क्लीन चिट दी गई है और बताया गया है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वालों को सुरक्षा मिली है।
स्टडी में साफ तौर पर कहा गया है कि ऐसे कई फैक्टर रहे हैं, जिनसे युवाओं में असामयिक मौत की संभावना बढ़ी है। कोविड की वजह से अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रहना, सडन डेथ की फैमिली हिस्ट्री और लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे बहुत ज्यादा शारीरिक काम करना और शराब-सिगरेट का सेवन काफी ज्यादा करने जैसे फैक्टर्स सामने आए हैं।
18 से 45 साल के लोगों पर हुई स्टडी
आईसीएमआर की तरफ से इस स्टडी को 1 अक्टूबर, 2021 से लेकर 31 मार्च, 2023 तक किया गया। इसमें देशभर के 47 अस्पतालों को शामिल किया। स्टडी के लिए 18 से 45 साल की उम्र के उन लोगों को शामिल किया गया, जो स्पष्ट रूप से स्वस्थ थे। उनमें से कोई भी किसी पुरानी बीमारी से नहीं जूझ रहा था। स्टडी में पता चला कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दो डोज ली थी, उनमें अचनाक होने वाली मौत का खतरा बेहद कम था।
स्टडी के दौरान 729 मौत के मामलों को देखा और ऐसे मामलों की भी स्टडी की, जिन्हें गंभीर कोविड हुआ और वे जीवित थे। इन सभी लोगों की मेडिकल हिस्ट्री, धूम्रपान शराब का उपयोग और बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि जैसे व्यवहार, क्या वे कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे और क्या उन्हें कोई टीका लगाया गया था? इन सब फैक्टर्स को देखा गया। स्टडी में यह भी कहा गया है कि वैक्सीनेशन से भारत में युवा वयस्कों में अचानक मौत का खतरा बढ़ा नहीं बल्कि इससे वयस्कों में यह खतरा कम हुआ है।
बीते कुछ समय पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्टडी का हवाला देते हुए लोगों को आगाह किया कि जो लोग कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ितरहे हैं, उन्हें एक या दो साल तक बहुत ज्यादा मेहनत करने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों का भी कहना है कि कोविड से ठीक हुए मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही एक्सरसाइज करनी चाहिए। अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। हार्ट अटैक से बचने के लिए एक ही समय में बहुत ज्यादा और मेहनत वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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