Latest Updates
-
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जानें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बारे में सबकुछ -
CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद शबाना आजमी को हुआ स्वाइन फ्लू, जानें इस बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय -
World IVF Day: पहली बार में आईवीएफ को बनाना है सफल, तो अपनाएं डॉक्टर के बताए ये 6 टिप्स -
Devshayani Ekadashi Vrat Katha: देवशयनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान विष्णु बरसाएंगे कृपा -
Devshayani Ekadashi Wishes In Sanskrit: देवशयनी एकादशी पर प्रियजनों को संस्कृत में भेजें बधाई संदेश और श्लोक
Jagannath Rath Yatra : रथ यात्रा से पहले ही क्यों हो जाती है भगवान जगन्नाथ की तबीयत खराब, जानें कारण और इलाज
आपने इंसानों या जानवरों को अक्सर बीमार होते देखा या सुना होगा, लेकिन क्या कभी आपने किसी देवी-देवता को बीमार होते हुए सुना है। जी हां भगवान भी बीमार हो सकते हैं, दरअसल भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा से ठीक 15 दिन पहले बीमार पड़ गए हैं।
जगन्नाथ मंदिर में हर साल कपाट खुलने और रथ यात्रा निकलने से 15 दिन पहले भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं और एकांत वास में चले जाते हैं। जिस दौरान मंदिर का वह हिस्सा बंद कर दिया जाता है। जहां भगवान जगन्नाथ अपनी बहन और भाई के साथ अपने एकांत वास में रहते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि भगवान जगन्नाथ यात्रा से पहले बीमार पड़ते हैं, और इसके पीछे क्या मान्याताएं छिपी हैं।

भगवान जगन्नाथ की तबियत होती है खराब
ओडिशा में जगन्नाथ पुरी मंदिर में ज्येष्ठ मास के पूर्णिमा तिथि को भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ गर्भगृह से बाहर लाए जाते हैं। जहां स्नान के बाद उनकी तबियत खराब हो जाती है और उन्हें बुखार हो जाता है। जिसके बाद उन्हें शयन कक्ष यानि आराम करने वाले कमरे में रखा जाता है। इस कमरे में उनका इलाज किया जाता है। इतना ही नहीं भगवान जगन्नाथ को भोग में भी सादा खाना लगाया जाता है।
15 दिन के एकांतवास में रहते हैं भगवान जगन्नाथ
भगवान जगन्नाथ की यात्रा शुरू होने से 15 दिन पहले उन्हें बुखार आ जाता है, जिसके बाद उन्हें एकांतवास में रखकर उनका इलाज किया जाता है। इस दौरान भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी नहीं कर सकते हैं। इस दौरान भगवान के पास मुख्य पुजारी रहते हैं और उनकी देखभाल करना, भोग लगाना, श्रृंगार करते हैं। भगवान जगन्नाथ पूरी तरह तैयार होने के बाद ही तैयार होकर एंकातवास से बाहर आते हैं।
भगवान जगन्नाथ को बुखार आने का क्या है कारण
ऐसी मान्यता है कि स्नान यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ पूरे दिन धूप में रहते हैं और ठंडे पानी से स्नान करते हैं, जिस कारण उनको बुखार आ जाता है। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए एकांतवास में रखा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ भक्तों के प्रेम और ज्यादा देखभाल पाने के लिए बीमार हो जाते हैं। भगवान जगन्नाथ के बीमार होने के कारण भक्त और भगवान का रिश्ता और गहरा हो जाता है।
भगवान के बीमार होने का वैज्ञानिक कारण
अगर हम इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो पुरी में इस समय बहुत गर्मी होती हैं, भक्त गर्मी में परेशान ना हो, और बीमार न पड़े इसलिए मुख्य मंदिर को कुछ दिनों के लिए बंद किया जाता है।
Disclaimer: The information is based on assumptions and information available on the internet and the accuracy or reliability is not guaranteed. Boldsky does not confirm any inputs or information related to the article and our only purpose is to deliver information. Boldsky does not believe in or endorse any superstitions.



Click it and Unblock the Notifications