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Shefali Jariwala Disease: 15 की उम्र से शेफाली जरीवाला ने झेली थी ये बीमारी, चल रहा था इलाज, लक्षण जानें
Shefali Jariwala Disease: 'कांटा लगा गर्ल' और बिग बॉस फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से मनोरंजन जगत सदमे में है। फैंस और सेलेब्स सोशल मीडिया पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लेकिन एक्ट्रेस की असमय मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एपिलेप्सी जैसी बीमारी अचानक मौत का कारण बन सकती है?
दरअसल, शेफाली ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें 15 साल की उम्र में एपिलेप्सी (मिर्गी) का पहला अटैक आया था। उस वक्त वे पढ़ाई को लेकर भारी मानसिक दबाव में थीं। उन्होंने बताया था कि स्ट्रेस और एंग्जायटी की वजह से उन्हें बार-बार दौरे पड़ते थे। इतना ही नहीं, इस बीमारी के चलते उनका वजन भी बढ़ गया था और वे अक्सर डिप्रेशन में चली जाती थीं।

क्या होती है एपिलेप्सी?
एपिलेप्सी एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधियां असामान्य हो जाती हैं और व्यक्ति को बार-बार दौरे (सीजर) पड़ते हैं। यह एक ब्रेन कंडीशन है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है। Mayo Clinic के अनुसार, कुछ मामलों में इसका कारण स्पष्ट होता है, जबकि कई बार इसकी वजह सामने नहीं आती।
एपिलेप्सी के सामान्य लक्षण
- अस्थाई कन्फ्यूजन
- एकटक देखना या ब्लैंक स्टेयर
- हाथ-पैर का अचानक हिलना
- मांसपेशियों में ऐंठन
- अचानक गिर जाना या बेहोशी
- डर, एंग्जायटी या अजीब भावनाएं
क्या एपिलेप्सी से हो सकती है मौत?
हालांकि एपिलेप्सी को आमतौर पर इलाज से कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह जानलेवा साबित हो सकती है। इसे SUDEP (Sudden Unexpected Death in Epilepsy) कहा जाता है। इसमें बिना किसी स्पष्ट कारण के मिर्गी के रोगी की नींद में या अचानक मौत हो जाती है। यह स्थिति बहुत दुर्लभ होती है, लेकिन गंभीर होती है।
कार्डियक अरेस्ट और मिर्गी का संबंध
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन (NCBI) के शोध के अनुसार, मिर्गी के मरीजों में अचानक मौत का सबसे आम कारण वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन के चलते होने वाला कार्डियक अरेस्ट होता है। इसमें दिल की धड़कन अनियंत्रित हो जाती है, जिससे रक्त प्रवाह रुक जाता है और मरीज की तुरंत मौत हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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