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जानिए अस्थमा की बीमारी में ब्लड डोनेट करना सही या नहीं !

हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं कि रक्तदान सबसे बड़ा दान होता है। रक्तदान यानि ब्लड डोनेट करने से हम किसी इंसान की जान बचा सकते हैं। किसी जरूरतमंद की मदद कर सकते हैं। इस कारण सरकार और हेल्थ मिनिस्ट्री भी समय-समय पर जगह-जगह ब्लड डोनेशन कैम्प लगाते हैं। ताकि जो लोग अपना ब्लड डोनेट कर सकते हैं वो उस स्थान पर जाकर जरूरतमंद लोगों के लिए ब्लड डोनेट कर सकें। लेकिन ऐसे कई लोग हैं जो ब्लड तो डोनेट करना चाहते हैं लेकिन कोई न कोई बीमारी होने के कारण ब्लड डोनेट नहीं कर पाते हैं।
कई लोगों को अस्थमा की बीमारी होती है। जिस कारण वो ब्लड डोनेट करने से परहेज करते हैं। क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता है कि उनका ब्लड डोनेट करना सही है या फिर नहीं। अस्थमा की बीमारी व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित करती है। इस बीमारी में व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होती है। क्योंकि अस्थाम में सांस लेने का रास्ता सिकुड़ जाता है। इस कारण अस्थमा बीमारी में पेशेंट को खांसी आना, सांस लेने में परेशानी होना, सीने में जकड़न होने जैसी समस्या हो जाती है। जिसके कारण लोगों के मन में ये सवाल खड़ा हो जाता है कि अगर इन लक्षणों के साथ अगर व्यक्ति ब्लड डोनेट करेगा तो जिस व्यक्ति को वो खून चढ़ेगा उसे भी अस्थमा की समस्या हो सकती है? आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपके इस सवाल का जवाब देने जा रहे हैं। जिसके बाद आपको पता चल जाएगा कि अस्थमा की बीमारी के साथ आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं या नहीं? और अगर कर सकते हैं तो कब और कैसे?
अस्थमा में ब्लड डोनेट करना सही या नहीं?
अस्थमा के मरीज समय-समय पर ब्लड डोनेट कर सकते हैं। लेकिन ब्लड डोनेट करते समय व्यक्ति की तबियत ठीक होनी चाहिए। जिस समय वो ब्लड डोनेट कर रहा हो उसे सांस लेने में किसी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए। अगर अस्थमा पेशेंट को सांस लेने में परेशानी, घबराहट या किसी तरह की बैचेनी हो तो इसे रक्तदान करने से बचना चाहिए। इन सम्याओं के होने पर ब्लड डोनेट करने पर जिस व्यक्ति को ब्लड चढ़ता है इसे भी समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस स्थिति में खून में ऑक्सीजन को बनाए रखने वाली क्षमता कम हो जाती है। जिस कारण जिस व्यक्ति को वो खून चढ़ता है उसे भी सांस की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अस्थमा के मरीज ब्लड डोनेट करते समय इन लक्षणों पर जरूर गौर करें।
ब्लड डोनेट करने से बचें ऐसे लोग-
* सांस से जुड़ी समस्या जैसे खांसी, जुकाम, गले में सक्रमण होने पर ब्लड डोनेट करने से बचें।
* लंबें समय से एंटीबायोटिक्स लेने वाले व्यक्ति भी रक्तदान न करें।
* अस्थमा बीमारी के दौरान स्टेरॉइड ले रहे हैं, तो ब्लड डोनेट करना सही नहीं होता है।
* किसी बीमारी से सही हुए हैं, या फिर किसी तरह का ऑपरेशन हुआ है तो भी ब्लड डोनेट न करें।
* गर्भवती महिलाएं या ब्रेस्टफीडिंग मदर ब्लड डोनेट करने से बचें।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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