कैंसर से नहीं बल्कि गलत इलाज से हुई थी कृष्ण कुमार की बेटी तिशा की मौत, 4 महीने बाद मां ने क‍िया खुलासा

Tishaa Kumar Death Reason : कृष्ण कुमार और तान्या सिंह की बेटी तिशा कुमार का जुलाई में दुखद निधन हुआ। महीनों बाद, तान्या ने एक भावुक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने बेटी के निधन को लेकर गलत धारणाओं पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिशा को कैंसर नहीं था, बल्कि 'गलत निदान' के कारण उसकी मौत हुई।

तान्या ने अपनी पोस्ट में लिखा, "सच्चाई यह है कि मेरी बेटी तिशा को शुरू से ही कैंसर नहीं था। 15 साढ़े साल की उम्र में उसे एक टीका लगाया गया, जिससे संभवतः एक ऑटोइम्यून रिएक्शन हुआ। इसका बाद में गलत निदान किया गया, और उस समय हमें इसकी जानकारी नहीं थी।" तान्या ने इस खुलासे के जरिए तिशा की स्थिति को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश की।

Tishaa Kumar Mother Tanya Reveals Demise Truth, Doctor's Mistake...| Boldsky

Tishaa Kumar Death Reason

लिम्फ नोड में हो गई थी सूजन

तान्या ने माता-पिता से आग्रह किया कि अगर उनके बच्चे को 'लिम्फ नोड में सूजन' हो, तो बोन मैरो टेस्ट या बायोप्सी जैसे जटिल प्रक्रियाएं अपनाने से पहले दूसरी और तीसरी राय जरूर लें। उन्होंने बताया कि गलत निदान से बचने के लिए यह कदम जरूरी हो सकता है, ताकि सही इलाज हो सके।

लिम्फ नोड्स में सूजन क्‍या है?

तान्या ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया, "लिम्फ नोड्स शरीर की रक्षा करने वाले गार्ड्स हैं," जो संक्रमण, इमोशनल ट्रामा, हारने की भावना, या किसी पुराने बिना इलाज किए गए संक्रमण के कारण सूज सकते हैं। उन्होंने अपनी दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा, "दुर्भाग्यवश, हम इस जानकारी के मिलने से पहले ही 'मेडिकल जाल' में फंस चुके थे।" तान्या ने उम्मीद जताई कि कोई भी बच्चा इस "क्रूर मेडिकल जाल" का शिकार न हो।

लिम्फ नोड्स में सूजन क्यों आती है?

लिम्फ नोड्स की सूजन, जिसे लिम्फैडेनोपैथी कहते हैं, तब होती है जब इम्यून सिस्टम सक्रिय होकर लिम्फ नोड्स को बढ़ा देता है। यह आमतौर पर संक्रमणों जैसे बैक्टीरियल, वायरल (जैसे फ्लू, एचआईवी) या फंगल संक्रमणों के कारण होती है। टीबी, मोनोन्यूक्लियोसिस और अन्य बीमारियां भी इसे ट्रिगर कर सकती हैं। सूजन संबंधी रोग जैसे ल्यूपस या रूमेटॉयड आर्थराइटिस, जहां इम्यून सिस्टम असामान्य रूप से सक्रिय होता है, इसके अन्य कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में, यह ल्यूकेमिया या लिम्फोमा जैसे कैंसर का संकेत हो सकता है। कोविड-19 और MMR जैसे कुछ वैक्सीन भी अस्थायी सूजन का कारण बन सकते हैं, जो आमतौर पर कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाती है।

ल‍िम्फ नोड्स में सूजन के लक्षण

- सूजन और दर्द (शरीर के कई हिस्सों में)
- सूजन वाले क्षेत्र की त्वचा में लालिमा
- त्वचा का गर्म महसूस होना
- बुखार
- पसीना आना, खासकर रात में
- कमजोरी या थकान
- गले में खराश (यदि गिल्टियां गले के पास हैं)
- खांसी या सांस लेने में परेशानी
- वजन कम होना

क्या वैक्‍सीन बन सकता है लिम्फ नोड्स में सूजन की वजह?

NIH की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड सहित कुछ टीके अस्थायी लिम्फ नोड सूजन का कारण बन सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि टीका इम्यून सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे लिम्फ नोड्स इम्यूनिटी सेल्स का उत्पादन शुरू करते हैं। खसरा, कण्ठमाला, रूबेला (MMR) और चेचक के टीके भी कुछ मामलों में लिम्फैडेनोपैथी का कारण बन सकते हैं। ये प्रतिक्रियाएं आमतौर पर हल्की होती हैं और कुछ दिनों से लेकर हफ्तों में ठीक हो जाती हैं। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या गंभीर हों, तो डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, November 29, 2024, 21:13 [IST]
Desktop Bottom Promotion