हाईकोर्ट में बहस के दौरान वकील की हार्ट अटैक से हुई मौत, द‍िल का दौरा आने से पहले द‍िखते हैं ये लक्षण

तेलंगाना उच्च न्यायालय में 18 फरवरी मंगलवार को 66 वर्षीय वरिष्ठ वकील पासनूरू वेणुगोपाल राव की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह दोपहर 1:20 बजे न्यायमूर्ति लक्ष्मी नारायण अलीशेट्टी के समक्ष दलीलें पेश कर रहे थे, तभी अचानक बेचैनी महसूस हुई और कोर्टरूम में गिर पड़े। तुरंत सीपीआर और अस्पताल ले जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। कोविड-19 के बाद से अचानक हार्ट अटैक से मौत के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग चलते, डांस करते, या ऑफिस में काम करते हुए भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

यह स्थिति किसी चेतावनी से कम नहीं है। बचाव के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के साथ-साथ महीनेभर पहले से मिलने वाले हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना भी बेहद जरूरी है, जिससे समय रहते उचित चिकित्सा ली जा सके और जान बचाई जा सके।

Lawyer Dies Of Heart Attack During Arguments In Telangana High Court

दिल का दौरा आने से पहले दिखने वाले लक्षण

हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, बल्कि शरीर पहले से ही इसके संकेत देना शुरू कर देता है। यदि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

1. सीने में दर्द या भारीपन

अगर छाती में लगातार दर्द, जलन, भारीपन या दबाव महसूस हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह हार्ट अटैक का सबसे प्रमुख लक्षण हो सकता है।

2. सांस फूलना

यदि बिना किसी कारण तेजी से सांस फूल रही है या गहरी सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो यह हृदय में रक्त प्रवाह की समस्या का संकेत हो सकता है।

3. अत्यधिक थकान

अगर बिना अधिक मेहनत किए भी लगातार कमजोरी और थकान महसूस हो रही है, तो यह हृदय रोग का प्रारंभिक संकेत हो सकता है।

4. ठंडा पसीना आना

अगर बिना किसी कारण शरीर से ठंडा पसीना निकल रहा है, तो यह हार्ट अटैक के संभावित लक्षणों में से एक है।

5. जबड़े, गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द

यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के इन हिस्सों में दर्द हो रहा है, तो यह हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। इन लक्षणों को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

अचानक हार्ट अटैक आने की वजह और कारण

हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, बल्कि इसका संकेत शरीर पहले ही देने लगता है। अगर इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

1. धमनियों का संकुचन (Atherosclerosis): धमनियों में चर्बी, कोलेस्ट्रॉल, और अन्य पदार्थों का जमाव होने से रक्त प्रवाह में रुकावट आती है, जिससे दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।

2. तनाव और चिंता: अत्यधिक तनाव और चिंता हार्ट रेट को बढ़ा सकते हैं और रक्तचाप में वृद्धि कर सकते हैं, जो हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं।

3. उच्च रक्तचाप (Hypertension): लगातार उच्च रक्तचाप दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है और धमनियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

4. धूम्रपान: धूम्रपान करने से रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर बढ़ता है, जो दिल की सेहत को प्रभावित करता है और धमनियों को संकुचित करता है।

5. एक्‍सरसाइज में कमी: सक्रियता की कमी से वजन बढ़ता है और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ता है।

6. अनियंत्रित शुगर (Diabetes): मधुमेह से पीड़ित लोग अधिकतर उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर के कारण हार्ट अटैक के जोखिम में होते हैं।

7. फैम‍िली हि‍स्‍ट्री : अगर आपके परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास है, तो आपको भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है।

8. अचानक शारीरिक मेहनत: अधिक थकान या अचानक भारी शारीरिक गतिविधि करने से दिल पर जोर पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है।

9. वजन बढ़ना: मोटापा भी हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

10. अनहेल्‍दी फूड: उच्च वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हृदय स्वास्थ्य प्रभावित होता है।

इन कारणों को ध्यान में रखकर, सही जीवनशैली अपनाना, नियमित चिकित्सा जांच कराना, और तनाव प्रबंधन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, February 20, 2025, 10:40 [IST]
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