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How Much Alcohol Is Safe For Health: आप यह पढ़कर जरूर चौंक जाएंगे, कि ऐसे इक्के-दुक्के लोग ही होंगे, जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी एल्कोहल का सेवन नहीं किया होगा। जी हां, आपने सही पढ़ा, खांसी ठीक करने वाली कफ सीरप में भी 25 फीसदी से ज्यादा एल्कोहल का प्रयोग किया जाता है, इसी कारण लंग्स में जमा कफ टूटता है और बीमार व्यक्ति खुद को जल्दी रिकवर कर पाता है। कप सीरप में मौजूद एल्कोहल की वजह से व्यक्ति को अच्छी नींद आती है और वह राहत महसूस करता है।
कफ सीरप के अलावा पिछले दिनों कोविड महामारी में भी एल्कोहल काफी मददगार साबित हुआ। सेनेटाइजर में ज्यादातर एल्कोहल का ही इस्तेमाल किया गया, ताकि कोरोना का संक्रमण नहीं बढ़े। यह तो सब बात हुई अप्रत्यक्ष रूप से एल्कोहल के इस्तेमाल करने की।

मुद्दे की बात यह है, कि क्या शराब के रूप में एल्कोहल का इस्तेमाल करना शरीर के लिए फायदेमंद है? पीने वाले और नहीं पीने वाले दोनों के अपने-अपने तर्क है। जरूरत से ज्यादा रोजाना शराब पीने पर निस्संदेह ही आप नशे की गिरफ्त में होंगे और आपका शरीर खराब होगा। मगर कुछ रिसर्च की मानें तो एक सीमित मात्रा में एल्कोहल का सेवन किया जाए तो ये एक तरह से दवाई का काम करता है। आइए जानते है कि एल्कोहल की कितनी लिमित शरीर के लिए सही मानी गई है-
नाम कई, पर सबमें एल्कोहल कॉमन.....
शराब के कई नाम है और बाजार में कई ब्रांड है, लेकिन इन सबमें कॉमन एल्कोहल है। बस इसकी मात्रा अलग-अलग होती है। रम, वोडका, ब्रांडी, जीन, बीयर विस्की वगैरह-वगैरह नाम है। सबमें एल्कोहल शामिल होता है। इनमें से वोडका महिलाओं में ज्यादा चर्चित है।
5 से 40 फीसदी एल्कोहल होता है अलग-अलग पैग में....
मायो क्लिनिक में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, ड्रिंक या शराब को लिमिट में पीने पर ही फायदा है। ज्यादा एल्कोहल पीने से आप नशे के शिकार हो सकते हैं। सेहतमंद बने रहने के लिए एक सप्ताह में 10 पैग से ज्यादा शराब नहीं पीनी चाहिए। व्हिस्की, जिन आदि में एक स्टैण्डर्ड ड्रिंक का साइज 30 एमएल होता है। इसमें 40 फीसदी एल्कोहल होता है। जबकि वाइन के 150 एमएल के एक पैग में 12 फीसदी एल्कोहल होता है। बीयर की छोटी बोतल 330 एमएल की होती है, जिसमें महज 5 फीसदी एल्कोहल होता है। इस लिमिट में एल्कोहल का उपयोग कर शराब के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। रोजाना शराब पीने से भी बचना चाहिए, ताकि आपको लत नहीं लग जाए। वहीं Healthdirect.gov.au के अनुसार, एल्कोहल के एडिक्शन और इसके जोखिमों से बचने के लिए एक अडल्ट को एक सप्ताह में 10 और एक दिन में चार से अधिक पैग नहीं पीने चाहिए।
डिप्रेशन या स्ट्रेस में ना पीए ड्रिंक....
चिकित्सक व साइकोलॉजिस्ट का कहना है कि व्यक्ति को डिप्रेशन या स्ट्रेस के वक्त ड्रिंक नहीं लेनी चाहिए। इस दौरान शराब पीने से व्यक्ति अपने आप से नियत्रंण खो देता है और पीने की लिमिट को क्रॉस कर जाता है, जो कि सेहत के लिए फायदेमंद नहीं रहेगी। एन्जॉय या पार्टी में भी अधिक शराब सेवन से बचना चाहिए, तब भी लिमिट क्रॉस हो सकती है। हमारे शरीर में एल्कोहल को पचाने के लिए हाइड्रोजन नेट नाम का एंजाइम होता है। इस एंजाइम की मात्रा कम होने पर लीवर या शरीर को नुकसान हो सकता है।
लिमिट से ज्यादा शराब सेवन के यह हो सकते हैं नुकसान
कई रिसर्च में कहा गया, कि लिमिट से ज्यादा शराब पीने से शरीर में कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।
- जो लोग डेढ़-दो घंटे में 5 पैग से ज्यादा का सेवन करते है, उन्हें एल्कोहल एडिक्ट माना जाता है।
-ज्यादा शराब पीने से ब्लड में फैट बढ़ जाता है। बाद में यही फैट हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
-लीवर के खराब होने की समस्या हो सकती है। जिसे फैटी लीवर भी कहते हैं।
-ज्यादा शराब के सेवन से कैल्शियम की कमी से हड्डियां खराब हो सकती है।
-पेट का कैंसर सहित विभिन्न तरह की बीमारियां हो सकती है।
-शराब का ज्यादा सेवन करने पर टेस्टोस्टेरोन का लेवल घट जाता है। जो कि एक सेक्स हार्मोन है, इससे दांपत्य जीवन प्रभावित होता है।
सोशल साइड इफेक्ट्स
- सामाजिक तौर पर भी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखते हैं और एल्कोहॉलिक जैसे टैग से बुलाते है।
- रोजाना शराब पीने से घर में आए दिन कलह होती है।
- ड्रिंक करके ड्राइविंग की वजह से रोड एक्सीडेंट जैसी घटनाएं होने का डर रहता है। इसलिए जरूरी है कि शराब के शौकीन इसे लिमिट में पिएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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