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Electrical Safety Tips During Rainy Season : : दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर बारिश की वजह से जलभराव हो गया था। इस पानी से बचने के लिए 34 साल की साक्षी अहूजा ने खंभे को पकड़ लिया। जैसे ही खंभे को पकड़ा तो उसे जोरदार करंट लगा और मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना को देखते हुए और बारिश के दिनों में करंट लगने के मामलों को रोकने के लिए देशभर के अलग-अलग बिजली बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर दी है।

मानसून के मौसम में बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भरने, तेज हवाओं से तार के टूट जानें और वहीं गीली दीवारों से स्विच में करंट जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में कुछ सावधानियां हैं जिसे बरतते हुए आप करेंट लगने से अपने आप को बचा सकते हैं।
दिल्ली में BSES यमुना पावर लिमिटेड ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि
- बिजली के खंभों से दूर रहें।
- बिजली चोरी न करें।
- जलभराव वाली जगहों पर न जाएं।
करंट लगने से शरीर के साथ ये खतरे हो सकते हैं-
- खून जल जाना
- लकवा मार जाना
- शरीर का जल जाना
- मांसपेशियां सिकुड़ जाना
- खून का थक्का बनना
- शरीर के अंगों का गल जाना
- हार्ट अटैक
- सांस लेने में परेशानी
- बेहोश हो जाना
- शरीर में तेजी से पानी की कमी हो जाना।
करंट लगने से मौत क्यों हो जाती है?
करंट से मौत की वजह दिल का सही तरह से काम नहीं करता है। ऐसे में हार्ट न तो खून पंप कर पाता है, न ही वहां खून रुकता है, इसे एट्रियल एवं वेंट्रिकुलर फेब्रिलेशन कहते हैं। इसकी वजह से मौत भी हो जाती है और पेशेंट कोमा में भी जा सकता है, उसके बाद सांस बंद हो जाती है इसे कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट भी कहते हैं।

करंट लगने की मुख्य वजह
- घर की दीवार गीली होने से स्विच बोर्ड पर करंट आ सकता है।
- अगर घर में अर्थिंग नहीं डलवाया है।
- गीले हाथ से बिजली की तार या सामान को छूना।
- प्लग या स्विच बोर्ड पर पानी चला गया हो।
- बिजली के खंभों के आसपास पानी का भराव।
- छत पर बिजली के खंभे की कोई तार टूटकर गिर गई हो।
- घर की रेलिंग के पास कोई बिजली की वायरिंग का गुजरना।
बिजली के झटकों से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- बारिश का मौसम आने से वाले घर के सारे स्विच बोर्ड और वायर चैक करवाएं। अगर कोई तार खुली है तो तुरंत उसे कवर करवाएं।
- सूखे कपड़े पहने।
- हाथ सुखाकर रखे।
-सूखे जूते-चप्पल ही पहनें।
- मीटर से घर तक आने वाली केबिल को जांचते रहें।
- पोल या स्टे वायर से पशु को न बांधे और न ही इन्हें छुएं।
- घर में अर्थिंग की समस्या हैं, तो तुरंत सही करवाएं।
- तार के नीचे मकान न बनवाएं और न ही पेड़ लगवाएं।
- बिजली लाइन के करीब कपड़े सुखाने के लिए लोहे के तार न बांधें।
-आईएसआई मार्क तार व अन्य उत्पाद से ही घर की वायरिंग करवाएं।
- आग लगने की स्थिति में तुरंत मेन स्विच द्वारा बिजली आपूर्ति बंद कर दें।
- करंट से लगी आग में पानी बिल्कुल न डालें।
- बिजली का हर काम परमिटधारी कर्मचारी से ही कराएं।
- यदि कोई बिजली के संपर्क में आ जाए तो उसे बिल्कुल स्पर्श न करें, उसे सूखी लकड़ी से ही छुड़ाएं।
- नंगे पैर बिल्कुल भी बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल न करें।
बिजली का करंट लगने पर फर्स्ट एड
- अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक शॉक के सम्पर्क में आता है, तो सीधे हाथों से बिजली की तार या खुले स्विच बोर्ड जैसी चीजों को न छुएं। इससे आपको भी करंट लग सकता है।
- पीड़ित व्यक्ति की पहनी हुई तेज फिटिंग की चीजें जैसे अंगूठी, हार, जूते, मौजे और बेल्ट को तीव्रता से हटा दें।
- व्यक्ति को ज़मीन पर लेटाएं। कोशिश करें कि उसके पैरों को ऊपर उठाकर सिर को धड़ से थोड़ा नीचे रखें।
- अगर व्यक्ति में सांस लेने, खांसने या फिर किसी तरह की गतिविधि होते न दिखें, तो तुरंत उसे CPR दें।
- घायल व्यक्ति के शरीर को ठंडा न पड़ने दें।
- घाव ज्यादा या शरीर करंट की वजह से ज्यादा जल गया है, तो कम्बल या तौलिए का इस्तेमाल न करें, क्योंकि उसके रोए जले हुई त्वचा पर चिपक सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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