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कमरे में न जलाएं अंगीठी, नाक से खून आने पर डॉक्टर को दिखाएं, शीतलहर को लेकर जारी हुई गाइडलाइन
Dos and Don'ts for Cold Wave : देश के कई राज्यों में शीतलहर की शुरूआत हो चुकी है, जिससे लोग सर्दी और ठंड से परेशान हैं। शाम के समय तेज हवाओं ने लोगों को घरों में रहने और अलाव का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है। कई लोग सर्दी की लापरवाही से बीमार हो रहे हैं, खासकर खांसी और अन्य लक्षणों से। यदि नाक से खून निकलने जैसे लक्षण दिखें, तो यह ठंड की चपेट में आने का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में सरकार ने शीतलहर से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की है, जिसे अपनाकर ठंड से बचा जा सकता है। इन दिशा-निर्देशों का पालन करने से शीतलहर के प्रभाव से बचा जा सकता है।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के कमिश्नर तरुण राठी ने शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभावों और उससे बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ताकि लोगों को ठंड से होने वाली समस्याओं से बचाया जा सके।

ठंड से बचने के लिए करें ये काम?
- मौसम के पूर्वानुमानों का पालन करें और शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, घर के अंदर ही रहें।
- ठंड में लंबे समय तक बाहर न रहें और ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनकर सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढक कर रखें।
- विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं, साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। - आस-पड़ोस में रहने वाले वृद्धजनों और बच्चों का ध्यान रखें।
- नाक बहना, नाक बंद होना, फ्लू और नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें और बाहर जाते समय मुंह को ढंक कर रखें।
ठंड के मौसम में ये चीजें न करें
अंगीठी या फायर पॉट: बंद कमरों में अंगीठी या फायर पॉट का उपयोग करने से कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा हो सकता है, जिससे जान का खतरा बढ़ता है। इसलिए, बंद कमरों में इनका प्रयोग न करें।
फ्रॉस्टबाइट: जब त्वचा सफेद या फीकी पड़ने लगे, और कपकपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई, या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
हाइपोथर्मिया: हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को गर्म कपड़े पहनाकर और गर्म स्थान पर रखकर उसका तापमान बढ़ाएं। कंबल या चादर से ढकें और गर्म पेय पदार्थ दें। लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
शराब: शराब का सेवन न करें क्योंकि यह शरीर का तापमान घटा देती है। फ्रॉस्टबाइट प्रभावित अंगों को रगड़ने से बचें, और बेहोश व्यक्ति को तरल पदार्थ न पिलाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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