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National Vaccination Day: बच्चों के लिए संजीवनी बूटी है वैक्सीनेशन, जानिए कैसे बाल मृत्यु दर में हुआ सुधार
वैक्सीनेशन से बच्चों में मृत्यु दर में हुआ सुधार!

वैक्सीनेशन ने दुनिया भर में बाल मृत्यु दर को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा लंबी और सावधानीपूर्वक रिव्यू के बाद ही बच्चों को वैक्सीन लगाई जाती है। हालाकि वैक्सीन लगाने के बाद बच्चों को कुछ असुविधा महसूस हो सकती है। इतना ही नहीं इंजेक्शन लगने वाले स्थान पर दर्द, रेडनेस हो सकती है, लेकिन यह वैक्सीन न लगने के कारण होने वाली समस्या, दर्द की तुलना में बहुत कम है। वैक्सीन लगवाने के बाद बच्चों में बीमारी की रोकथाम के लाभ बच्चों में वैक्सीन के साइड इफेक्ट से कहीं ज्यादा है। ऐसे में आइए जानते हैं वैक्सीनेशन ने बाल मृत्यु दर में किस तरह सुधार करने में मदद की है।
1. इंफेक्शन वाली बीमारी से रोकथाम
इंफेक्शन से फैलने वाली बीमारियां जैसे खसरा, कण्ठमाला, रूबेला, पोलियो और पर्टुसिस के लिए वैक्सीन बनाई गई है जो बच्चों में इन खतरनाक बीमारियों को फैलने से रोकते हैं। इन बीमारियों के खिलाफ बच्चों का वैक्सीनेशन करके हम उन्हें संक्रमित होने से बचा सकते हैं।
2. हर्ड इम्युनिटी
जब किसी बीमारी से बचने के लिए आबादी के एक बड़े हिस्से का वैक्सीनेशन किया जाता है तो इसे हर्ड इम्युनिटी कहते हैं। जिसका मतलब है कि जिन व्यक्तियों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, वे भी सुरक्षित हैं क्योंकि बीमारी के फैलने की संभावना वैक्सीनेशन के बाद बहुत कम है। यह उन बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो वैक्सीनेशन के लिए बहुत छोटे हैं या किसी अन्य कारण से वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं।
3. स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच
वैक्सीनेशन अभियानों में अक्सर यह सुनिश्चित करने के लिए आउटरीच प्रयास होते हैं कि बच्चों की अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच हो, जैसे कि पोषण सहायता और नियमित जांच, जो बाल स्वास्थ्य में सुधार और मृत्यु दर को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।
4. बीमारियों पर रोक
वैक्सीनेशन अभियानों ने उन बीमारियों को खत्म करने या उनकी रोकथाम में मदद की है जो कभी चेचक जैसी बाल मृत्यु दर के प्रमुख कारण थे। चेचक के रोकथाम को इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
निष्कर्ष
बच्चों के मृत्यु दर के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, और वैक्सीन तक पहुंच बढ़ाने के लगातार कोशिश की जा रही है। ताकि दुनियाभर में ज्यादा से ज्यादा बच्चे वैक्सीनेशन से मिलने वाले लाभ को पा सकें।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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