Latest Updates
-
World Schizophrenia Day 2026: क्या होता है सिजोफ्रेनिया? जानें इस बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज -
Rajasthani Village Style Besan Kadhi Recipe: पारंपरिक स्वाद वाली कढ़ी अब घर पर बनाएं -
Nautapa 2026: 25 मई से शुरू हो रहा नौतपा, भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए जरूर अपनाएं ये असरदार उपाय -
कॉफी से चेहरा कैसे साफ करें? कॉफी में मिलाकर लगाएं ये 5 चीजें तो निखर उठेगी त्वचा -
Traditional Rajasthani Bajra Roti Recipe: सर्दियों के लिए सेहतमंद और स्वादिष्ट रोटी बनाने का आसान तरीका -
Brother's Day 2026 Wishes: बचपन की शरारतें...ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 24 May 2026: रविवार को इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के साथ मिलेगी बड़ी खुशखबरी -
Sunday Morning to Night Nihari Recipe: धीमी आंच पर पकाएं और पाएं रेस्टोरेंट जैसा लजीज स्वाद -
Kainchi Dham जाने का है प्लान तो रुकने की टेंशन करें खत्म, जानिए कहां मिलेंगे सबसे सस्ते और बेस्ट होटल्स -
Happy Brother's Day 2026 Shayari: प्यारा भाई यह मेरा, ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये शायरियां
नवरात्रि व्रत के दौरान दवाइयों का सेवन कर सकते हैं या नहीं? जान लें डॉक्टर की राय
navratri me dawai kha sakte hai ya nahi : आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है। नवरात्रि के 9 दिनों तक भक्त देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं और इसी दौरान व्रत या उपवास रखते हैं। कुछ लोग फलाहार करते हैं तो कुछ पूरे 9 दिन व्रत रखने का संकल्प लेते हैं।
व्रत के दौरान खान-पान का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, खासकर उन भक्तों के लिए जो गंभीर बीमारियों से गुजर रहे हैं। कई बार लोग इस बात को लेकर असमंजस में पड़ जाते हैं कि व्रत के दौरान दवाइयां ली जा सकती हैं या नहीं। आइए जानते हैं कि व्रती क्या व्रत के दौरान दवाईयों का सेवन कर सकते हैं या नहीं?

व्रत में रखें सेहत का भी ध्यान
उपवास रखना हमारे शरीर के लिए कई तरह से लाभकारी होता है। यह पाचन तंत्र को आराम देता है, शरीर में जमा विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और ऊर्जा का सही संतुलन बनाए रखता है। लेकिन यदि आप नियमित रूप से किसी गंभीर बीमारी के लिए दवाई ले रहे हैं, तो व्रत के दौरान इसे छोड़ना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
क्या व्रत के दौरान दवा लेना जरूरी है?
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को डॉक्टर ने नियमित दवाई लेने की सलाह दी है, तो इसे अवश्य लेना चाहिए। कई दवाइयां भोजन के साथ लेने पर अधिक प्रभावी होती हैं। जैसे कि कुछ एंटीबायोटिक्स या दर्द निवारक दवाएं खाली पेट लेने पर ठीक से काम नहीं करतीं और पेट में जलन भी कर सकती हैं। इसलिए व्रत में दवा लेना सुरक्षित तरीके से किया जाना चाहिए।
व्रत में दवा लेने के सुरक्षित उपाय
फलाहार के साथ दवा: व्रत में फल, जूस या हल्के व्रत के भोजन के साथ दवा लेने से न तो व्रत टूटता है और न ही स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
गैस्ट्रिक दवाएं: जिन लोगों का पेट संवेदनशील है, उनके लिए व्रत में गैस्ट्रिक दवाएं लेना फायदेमंद होता है।
बीपी और शुगर के मरीज: व्रत के दौरान ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। ऐसे में दवाइयों का समय पर सेवन बेहद जरूरी है।
डॉक्टर से सलाह अवश्य लें
व्रत के दौरान दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। वे आपकी मेडिकल कंडीशन, दवा का प्रकार और आपके व्रत के नियमों को देखते हुए सही दिशा-निर्देश देंगे।
समय पर दवा लेना
यदि दवा भोजन के साथ ली जानी है, तो इसे उस निर्धारित समय पर अवश्य लें। रात के भोजन के बाद दवा लेने से व्रत में कोई दिक्कत नहीं होती। यदि दिन में तीन बार दवा लेनी है, तो कम से कम एक बार इसे जरूर लें।
फलों और हल्के भोजन का सेवन
कुछ लोग व्रत में फल और उबले आलू का सेवन करते हैं। ऐसे में आप बिना नमक वाले चिप्स या आलू के साथ दवा ले सकते हैं। ध्यान रखें कि खट्टे फलों के साथ कुछ दवाओं का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
ब्लड शुगर और हाइड्रेशन
डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोग व्रत के दौरान ब्लड शुगर की नियमित जांच करें। साथ ही पर्याप्त पानी पीने से डिहाइड्रेशन और दवा के संभावित दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।
धार्मिक दृष्टि
सनातन धर्म में भक्त व्रत को श्रद्धा और भक्ति से करते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि व्रत का अर्थ स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाना नहीं है। इसलिए गंभीर बीमारियों वाले लोग केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्रत रखें।
निष्कर्ष
नवरात्रि व्रत में दवा लेना स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित और आवश्यक है। बीपी, शुगर, थायराइड या अन्य गंभीर बीमारियों वाले लोग व्रत के दौरान अपनी दवाइयां नियमित रूप से लें। व्रत का पालन करते हुए दवा का सही समय और सही तरीका अपनाने से न केवल स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है बल्कि धार्मिक कर्तव्य का पालन भी होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications