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NEET का रिजल्ट आने के बाद कोटा छात्रा ने दी जान, इन लक्षणों से पहचानें सुसाइड बिहेवियर
Kota Student Suicide: नीट रिजल्ट जारी होने के अगले दिन कोटा में एक स्टूडेंट ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। आपको बता दें कि इस साल जनवरी से लेकर अभी तक 11 स्टूडेंट ने कॉम्पिटिशन एग्जाम में अच्छा रिजल्ट नहीं आने के वजह से तनाव में आकर जान दे दी है। मानसिक तनाव, अवसाद और निराशा की स्थिति में आने के बाद स्टूडेंट ऐसा घातक कदम उठा लेते हैं। कोटा में हर साल सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है।
मगर सही काउंसिलिंग और गाइडेंस की मदद से आत्महत्या के मामलों को काफी हद तक रोका भी जा सकता है। यदि समय रहते स्टूडेंट्स के इन लक्षणों को पहचान लिया जाए तो हर साल कई जानों को बचान में मदद मिलेगी।

एक्सपर्ट मानते हैं कि 70 फीसदी व्यक्तियों में सुसाइड के लक्षणों को समय से पहले पहचानकर इस तरह के हादसों को होने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे?
इन 3 संकेतों को न करें इग्नोर
बर्बल क्लू : अगर रिजल्ट आने के बाद स्टूडेंट बार-बार खुद को ब्लैम कर रहा है और मरने जैसी बातें कर रहा है। अगर वो बातों-बातों में ऐसी चीजों का संकेत दे रहा हो कि जैसे वो किसी काम का नहीं है या उसने अपने पैरेंट्स के उम्मीदों पर पानी फेरा हैं या अब उसे जीने की इच्छा नहीं हैं, तो ऐसी बातों को आप अवॉइड न करें और हो सकता है कि उस स्टूडेंट के मन में सुसाइडल विचार उमड़ रहे हो।
नॉन वर्बल संकेत : कई स्टूडेंट मौखिक रूप से अपनी हताशा जाहिर नहीं कर पाते हैं। वो सोशल मीडिया पर नेगेटिव पोस्ट या स्टेट्स लगाकर हिंट देते है। अगर कोई स्टूडेंट्स एक या दो बार से ज्यादा ऐसे पोस्ट शेयर करता है तो इस तरह के इशारों से भांपना जरूरी है कि स्टूडेंट के मन में गलत विचार आ रहे है।
बिहेवियर क्लू : अचानक से अगर किसी स्टूडेंट का व्यवहार बदला-बदला नजर आए तो जरूर समझ जाए कि कुछ तो गलत है। जैसे कमरे में पूरा दिन बंद रहना, खाना नहीं खाना, बात नहीं करना या उदास सा रहना। ये सारे कुछ ऐसे संकेत है कि जिससे आप समझ सकते हो कि वो व्यक्ति किसी मानसिक तकलीफ से गुजर रहा है और वो कोई गलत कदम उठा सकता है।
ऐसे में करें उनकी ये मदद
अगर किसी स्टूडेंट की परीक्षा में अच्छे मार्क्स न आने की वजह से वो फेल हो जाता है यह कॉम्पिटिशन एग्जाम में अच्छे नम्बर नहीं बना पाता है, तो उसे दुत्कारने या मजाक बनाने की जगह आपको उसे सर्पोट करना चाहिए। क्योंकि कई बार हमारा बिहेवियर उस व्यक्ति के मन में सुसाइड के ख्याल को ट्र्रिगर कर सकता है। इसलिए ऐसे में कुछ बातें ध्यान रखने की बेहद आवश्यकता है।
- कोई भी स्टूडेंट हताश नजर आए तो उसकी काउंसिलिंग और थैरेपी दिलवाएं।
- उसके दोस्त उसे अगला अटैम्प देने के लिए मोटिवेट करें।
- घर वाले साथ रहे और बच्चे का मूड बेहतर बनाने की कोशिश करें।
- स्कूल, कोचिंग सेंटर में एक्पर्ट गाइडेंस दिलवाए ताकि स्टूडेंट खुद को कमत्तर न आंके।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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