Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
Fact Check : समोसा-जलेबी पर हेल्थ वॉर्निंग का दावा निकला फर्जी, सरकार ने दी सफाई
Samosa-Jalebi Fake News : हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसे, जलेबी और लड्डू जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजनों पर हेल्थ वॉर्निंग जारी की है। इन खबरों के मुताबिक, इन स्वादिष्ट स्नैक्स को लेकर लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी चेतावनियां दी गईं और इन्हें अस्वस्थ करार दिया गया। जैसे ही यह खबरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया। कुछ यूज़र्स ने चिंता जताई कि कहीं सरकार भारतीय स्ट्रीट फूड्स पर रोक तो नहीं लगाने जा रही।

PIB फैक्ट चेक ने बताया सच्चाई
इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए भारत सरकार की अधिकृत फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने सामने आकर इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया। एजेंसी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा -
"कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि @MoHFW_INDIA (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय) ने समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य पदार्थों को लेकर हेल्थ वॉर्निंग जारी की है। यह दावा झूठा है।" PIB ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जो एडवाइजरी जारी की गई है, वह एक सामान्य दिशा-निर्देश है, जो खाद्य सुरक्षा से जुड़ी है और किसी विशेष भारतीय स्नैक को लक्षित नहीं करती।
Some media reports claim that the Ministry of Health & Family Welfare, Government of India has issued a health warning on food products such as samosas, jalebi, and laddoo. This claim is fake. The advisory of the Union Health Ministry does not carry any warning labels on food… pic.twitter.com/uGBNFaI4K5
— ANI (@ANI) July 15, 2025
सोशल मीडिया पर मच गया था हंगामा
फैक्ट चेक आने से पहले तक सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स वायरल हो गए थे, जिनमें कहा जा रहा था कि "समोसा और जलेबी अब नई सिगरेट हैं"। यह सुनने में भले ही मज़ाक लगे, लेकिन इसमें एक छुपा हुआ संकेत था - हमारी बदलती और बिगड़ती खानपान की आदतों की ओर। विशेषज्ञों की मानें तो जैसे सिगरेट धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है, वैसे ही अत्यधिक तेल, चीनी और कैलोरी से भरपूर स्नैक्स का नियमित सेवन भी शरीर को बीमार बना सकता है। मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां इसी का परिणाम हो सकते हैं।
हमें ज़रूरत है जागरूकता की
यह सच है कि किसी भी खाने की चीज़ को संतुलन में ही खाना चाहिए। कोई भी फूड आइटम, चाहे वह पारंपरिक हो या मॉडर्न, अगर ज़रूरत से ज्यादा खाया जाए तो वह नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भारतीय व्यंजनों को ही टारगेट किया जाए या बिना पुष्टि के उनके खिलाफ खबरें चलाई जाएं। समोसा, जलेबी और लड्डू सिर्फ खाने की चीजें नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और विरासत के प्रतीक हैं। इन्हें बदनाम करना या उनके खिलाफ झूठ फैलाना न केवल गलत है, बल्कि भ्रामक भी।
पहले जांचें, फिर भरोसा करें
इस पूरे मामले से एक अहम सबक मिलता है - कोई भी खबर वायरल हो, उस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। खासतौर पर अगर बात सरकार की नीतियों या स्वास्थ्य से जुड़ी हो, तो पहले उसकी पुष्टि करें। इसके लिए PIB Fact Check, स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट या उनके सोशल मीडिया हैंडल जैसे आधिकारिक स्रोत सबसे भरोसेमंद हैं। अगली बार अगर कोई कहे कि "समोसा अब बैन हो गया" - तो आप मुस्कराइए, सोचिए और जांच कीजिए कि कहीं कोई अफवाह तो नहीं उड़ रही!
पहले वायरल खबरों की सही जांच करें
इस पूरे मामले से हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी वायरल पोस्ट को शेयर करने से पहले उसका सच जानना जरूरी है. खासकर जब बात स्वास्थ्य या सरकारी नीतियों की हो, तो आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें - जैसे PIB Fact Check, सरकारी वेबसाइट या मंत्रालय के ट्विटर हैंडल. इसलिए अगली बार जब आपको ऐसी कोई 'ब्रेकिंग न्यूज' मिले, तो एक बार ठहरकर सोचिए - क्या ये सच है?
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications