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गर्मी में पीरियड्स के दौरान गुप्तांगों में जलन, खुजली से हैं परेशान, इन टिप्स की मदद से पाएं छुटकारा
गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सैनिटरी पैड के कारण योनि के एरिया में होने वाले रैसेज की समस्या भी बदतर होती जा रही है। गर्मी के दौरान गुप्तांगों में अधिक पसीना आने लगता है, जो आपके योनि के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। क्योंकि गुप्तांगों में पसीने के कारण खुजली और जलन की समस्या होने लगती है खासकर पीरियड्स के दौरान।
जिन महिलाओं के गर्मी के महिनों में गुप्तागों में पसीने के कारण जलन, और रैसेज का अनुभव किया है, उन्हें अच्छे से पता है कि पैड के कारण रैसेज होने पर कितनी समस्या हो सकती है। सैनिटरी पैड अक्सर पॉलीओलेफ़िन्स नाम के कंपाउंड से से बनाए जाते हैं। इसमें मौजूद सभी सामग्रियों में त्वचा को परेशान करने की क्षमता होती है। पैड को उनकी सोखने की क्षमता बढ़ाने के लिए ब्लीच भी किया जाता है और ब्लीच में डाइऑक्सिन होता है।

ऐसे कैमिकल वाले सैनिटरी पैड पहनने से अक्सर आपके प्राइवेट पार्ट में खुजली, सूजन, रेडनेस और अन्य संक्रमण भी फैल सकते हैं। इतना ही नहीं इस एरिया में आपको घर्षण, नमी, गर्मी और जलन के कारण दाने भी हो सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आप इन समस्याओं से बचने के लिए आप क्यो उपाय कर सकती हैं।
गर्मी में ऐसे करें पीरियड्स में रैशेज से बचाव
1. सूती अंडरवियर पहनें
सूती अंडरवियर पहनने से आपके गुप्तांगो को वेंटिलेशन मिलता है जो आपकी त्वचा को सांस लेने में मदद करती है और पसीना आने से रोकती है। पसीने के बिना, नमी नहीं बनती है; और इससे रैशेज होने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, अगर आप स्किनी जींस और जेगिंग पहनना पसंद करती हैं तो यह पीरियड्स के दौरान सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। इसलिए आप ढीले कपड़े पहनने की कोशिश करें।
2. सूदिंग क्रीम का करें इस्तेमाल
पीरियड्स में रैसेज को शांत करने के लिए आपको कैलामाइन जैसे प्राकृतिक एजेंटों से बनी क्रीम का उपयोग करना चाहिए। कैलामाइन गुप्तांगो में दर्द, खुजली और बेचैनी को कम करने में मदद करता है। लेकिन अगर कोई समस्या हो तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
3. सही पैड का करें चुनाव
पीरियड्स के दौरान पैड्स की वजह से पीरियड्स रैशेज होना आम बात है लेकिन अपनी स्किन टाइप और फ्लो के हिसाब से सही पैड का चुनाव करना भी बहुत जरूरी है। अगर आपके पास सेंसीटिव स्किन है और आपके मासिक धर्म के दौरान हर बार अत्यधिक चकत्ते हो जाते हैं, तो यह पूरी तरह से कोटन / कार्बनिक पैड पर स्विच करने का समय हो सकता है।
4. मेंस्ट्रुअल कप का करें यूज
आप पीरियड्स के दौरान मेस्ट्रुअल कप का विकल्प भी चुन सकती हैं क्योंकि वे सैनिटरी पैड और टैम्पोन जैसी अन्य तरीकों की तुलना में ज्यादा खून सोख सकते हैं। मेंस्ट्रुअल कप भी बायो-डिग्रेडेबल, सस्ते, निपटाने में आसान और उपयोग में सुरक्षित होते हैं। ये रैशेज को रोकने में भी बेहद उपयोगी हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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