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Pitru Paksha 2024: श्राद्ध में कैसा होना चाहिए खानपान? जानें इस दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
What to eat or avoid during shradh: 17 सितंबर से पितृपक्ष का आरंभ हो रहा है। इन 16 दिनों में हिंदू धर्म में पितृों यानी पूर्वजों को तर्पण दिया जाता है। पूजा पाठ के साथ ही इन दिनों खाने को लेकर भी कुछ नियम बने हैं। जिनका पालन करना जरूरी होता है।
मान्यता है कि अपने पूर्वजों (जिनकी मृत्यु हो चुकी हैं) उनको नाराज करने से घर-परिवार की सुख शांति भी खत्म होने लगती है। कहा जाता है कि अपने पितरों का श्राद्ध करने के दौरान भोजन बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं इस दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

श्राद्ध में कैसा बनाएं भोजन?
श्राद्ध का भोजन बहुत ही साधारण और शुद्ध होना चाहिए। श्राद्ध के खाने में खीर पूरी, जौ, मटर और सरसों का उपयोग करना श्रेष्ठ माना जाता है। इसमें गंगाजल, दूध, शहद, कुश और तिल सबसे ज्यादा ज़रूरी माने जाते हैं।
श्राद्ध में बना सकते हैं ये चीजें
श्राद्ध कर्म में पितरों के नाम बनाए जाने वाले भोजन में खीर का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पूरी, आलू की सब्जी, छोले या फिर कद्दू की सब्जी बना सकते हैं। इसके अलावा, मिठाई को भी पितरों के भोजन में शामिल करें।
जमीन के नीचे उगने वाली सब्जियां न खाएं
सब्जियों में कई सारी ऐसी सब्जियां होती हैं। जो जमीन के नीचे उगती हैं। इन्हें कंद कहते हैं। जैसे आलू, शकरकंद, मूली, गाजर, शलजम, चुकंदर, अरबी। इन सारी तरह की सब्जियों को पितृपक्ष में नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही इन सब्जियों का भोग भी नहीं लगाना चाहिए
लहसुन-प्याज न खाएं
लहसुन प्याज को तामसिक माना गया है। पितृपक्ष में भोजन सादा करना चाहिए। लहसुन प्याज को इन दिनों पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए।
मांस मदिरा का सेवन होता है वर्जित
किसी भी पूजा पाठ या व्रत त्योहार के दिन मांस मदिरा का सेवन वर्जित होता है। मांस मदिरा का सेवन करने से भगवान रुष्ट हो जाते हैं। वहीं पितृपक्ष में भी मांस मदिरा के सेवन से दूर ही रहना चाहिए। वरना पितृ नाराज हो सकते हैं।
ये दाले खाना है वर्जित
चने के साथ ही पितृपक्ष में उड़द, मसूर की दाल को भी नहीं खाना चाहिए। ये अशुभ मानी जाती हैं। मसूर की दाल और चने के साथ ही पितृपक्ष में किसी भी चीज को कच्चा नहीं खाना चाहिए। इस समय केवल पके भोजन का ही सेवन करना चाहिए। इसके अलावा काला जीरा, कचनार, खीरा, काला नमक, लौकी खाने में भी परहेज करना चाहिए। और श्राद्धभोज में भी इन चीजों को ब्राह्मण को खिलाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से पूर्वज नाराज हो जाते हैं।
ऐसे बर्तनों का करें इस्तेमाल
पितृ पक्ष में लोहे के बर्तनों का प्रयोग वर्जित माना गया है. इसलिए ध्यान रखें कि पितरों का खाना बनाने में इन बर्तनों का इस्तेमाल न करें। इसके अलावा ब्राह्मणों को कांसे, चांदी या फिर पत्तल में ही भोजन करवाएं। कांच और प्लास्टिक जैसी चीजों का इस्तेमाल करने से बचें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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