पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को हुआ लेप्टोस्पायरोसिस, चूहों से फैलने वाली इस बीमारी के बारे में जानें

Punjab CM Bhagwant Mann Health Update : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को खराब तबीयत होने की वजह से काफी समय से अस्‍पताल में भर्ती थे। अब शनिवार को 'लेप्टोस्पायरोसिस' से पीड़ित होने का पता चला। डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें एंटीबायोटिक दी जा रही हैं। आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान को बुधवार को रेगुलर चेकअप के ल‍िए मोहाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल के बुलेटिन के अनुसार, मुख्यमंत्री के सभी महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह से स्थिर हैं। अस्पताल में भर्ती होने के समय 'ट्रॉपिकल' बुखार का संदेह था और उनके ब्लड टेस्ट में 'लेप्टोस्पायरोसिस' होने की पुष्टि हुई। वैसे आपको बता दें क‍ि 'लेप्टोस्पायरोसिस' बैक्टीरिया जनित रोग है। आइए जानते है इस बीमारी के बारे में?

Punjab CM Bhagwant Mann diagnosed with leptospirosis

क्या है लेप्टोस्पायरोसिस?

लेप्टोस्पायरोसिस एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया के वजह से होता है। यह बैक्टीरिया ज्यादातर जानवरों, खासकर चूहों के पेशाब में पाया जाता है। बरसात के मौसम में यह बीमारी खूब फैलती हैं। जब बारिश के दौरान यह पेशाब पानी के साथ मिलने की वजह से लोगों में फैलता है और लोग उस गंदे पानी के संपर्क में आते हैं, तो यह बैक्टीरिया उनकी त्वचा या घावों के जरिए शरीर में प्रवेश कर लेप्टोस्पायरोसिस की वजह बनता है।

लक्षण

लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण दो सप्ताह के भीतर दिखने शुरू होते है, ये कुछ ऐसे होते हैं:
- 104 डिग्री तक बुखार का आना
- सिरदर्द
- मसल्स में दर्द,
- पीलिया
- उल्टी आना और डायरिया
- त्वचा पर रैशेज

यह लक्षण इतने सामान्य है कि इस बीमारी का पता लगाने के लिए आपको ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत ही पड़ती है।

क‍िन लोगों को रहता है ज्‍यादा खतरा

- खेतों में काम करने वाले क‍िसानों
- खदानों में काम करने वाले खान मजदूरों, मछुआरे और सीवर वर्कर्स
- जंगल के आसपास रहने वाले लोग और ज‍िन लोगों के घरों में पेड़-पौधों की संख्‍या ज्‍यादा है
- जंगलों में काम करने वाले मजदूर या लोगों को ये इंफेक्‍शन जल्‍दी हो जाता है।
- ज‍िन लोगों के शरीर में घाव, चोट या खरोंच है उन्‍हें ये बैक्‍टीर‍िया जल्‍द बीमार कर सकता है।
- जानवरों का इलाज करने वाले पशु च‍िक‍ित्‍सकों को भी इस बीमारी का खतरा ज्‍यादा होता है।

इलाज

इस बीमारी का इलाज एंटीबायोटिक्स के जरिए ही किया जा सकता है। इसके अलावा शरीर दर्द आदि के लिए डॉक्टर आपको पेनकिलर दे सकते है। हफ्तेभर में यह बीमारी दवाओं से ठीक की जा सकती है। वहीं अगर यह बीमारी गंभीर हो जाएं तो आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। इस संक्रमण की वजह से आपके शरीर के अंग भी खराब हो सकते है।

इस बीमारी से बचाव?

- इस संक्रमण से बचने के ल‍िए साफ पीने का पानी ही पिएं। - मानसून के दौरान स्विमिंग, वाटर स्कीइंग, सेलिंग आदि से बचे।
- घर के पालतू जानवरों की साफ-सफाई पर भी जरूर ध्यान दें। - ट्रेवल के दौरान सफाई का पूरा ध्‍यान रखें।
चोट को खुला न छोड़े, इस पर मरहम पट्टी करवा कर रखें।
- बाढ ग्रसित एरिया में जाने से बचें।
- रेन बूट्स का इस्‍तेमाल करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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