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दिमाग की इस बीमारी से गई कॉमेडियन जसविंदर भल्ला की जान, 60 के बाद इन लक्षणों को न करें इग्नोर
Jaswinder Bhalla Death Reason : पंजाबी सिनेमा के मशहूर कॉमेडियन और एक्टर जसविंदर भल्ला का आज सुबह निधन हो गया। वह 65 साल के थे और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। परिवार ने जानकारी दी है कि उनका अंतिम संस्कार 23 अगस्त दोपहर 12 बजे मोहाली के बलोंगी श्मशान घाट में किया जाएगा। जब से उनके निधन की खबर सामने आई है, तब से लोग लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनकी मौत की वजह क्या थी।
शुरुआती जानकारी में कहा गया था कि वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे, लेकिन अब असली कारण सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जसविंदर भल्ला को बुधवार (20 अगस्त) की शाम ब्रेन स्ट्रोक आया था।
आनन-फानन में मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज करती रही, लेकिन शुक्रवार तड़के उनकी मौत हो गई। यह सवाल उठता है कि आखिर ब्रेन स्ट्रोक क्या होता है और यह इंसान की जान क्यों ले लेता है?

ब्रेन स्ट्रोक क्या है?
ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। हमारे दिमाग को सही ढंग से काम करने के लिए लगातार ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है। जब किसी कारणवश ब्लड फ्लो रुक जाता है, तो मस्तिष्क की कोशिकाएं (Brain Cells) मरने लगती हैं। यही स्थिति स्ट्रोक कहलाती है।
ब्रेन स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
इस्कीमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke): इसमें दिमाग की रक्त धमनियों में थक्का (Clot) जम जाता है, जिससे ब्लड सप्लाई रुक जाती है।
हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke): इसमें मस्तिष्क की किसी धमनी से खून बहने लगता है, जिससे ब्रेन टिश्यू को नुकसान पहुंचता है। जसविंदर भल्ला के मामले में यही स्ट्रोक उनकी मौत का कारण बना।
ब्रेन स्ट्रोक कैसे बनता है जानलेवा?
ब्लड सप्लाई रुकना या खून बहना
जब ब्रेन में खून का बहाव रुकता है या धमनी फट जाती है, तो प्रभावित हिस्से को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। मस्तिष्क की कोशिकाएं बहुत संवेदनशील होती हैं और कुछ ही मिनटों में मरने लगती हैं।
मस्तिष्क की कार्यप्रणाली ठप होना
ब्रेन हमारे शरीर की हर गतिविधि को नियंत्रित करता है - सांस लेना, चलना-फिरना, बोलना और सोचने की क्षमता। जब स्ट्रोक से दिमाग का कोई हिस्सा डैमेज हो जाता है, तो उस हिस्से से जुड़ा काम ठप हो जाता है। अगर यह हिस्सा बड़ा या महत्वपूर्ण हो तो जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
ब्रेन में दबाव बढ़ना
हेमरेजिक स्ट्रोक में जब खून बहता है तो वह ब्रेन के अंदर जमा होने लगता है। इस वजह से दिमाग पर दबाव (Brain Pressure) बढ़ जाता है, जिससे ब्रेन टिश्यू को गंभीर नुकसान होता है। यही दबाव व्यक्ति को कोमा या मौत की स्थिति तक ले जा सकता है।
शरीर के अन्य अंग प्रभावित होना
जब मस्तिष्क सही ढंग से काम करना बंद कर देता है, तो दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और सांस लेने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। यही वजह है कि स्ट्रोक के मरीज अचानक गिर जाते हैं और उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगती है।
ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
ब्रेन स्ट्रोक अचानक होता है और इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है:
- चेहरे का एक हिस्सा लटकना या टेढ़ा होना
-अचानक बोलने या समझने में परेशानी होना
- शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी
- आंखों से धुंधला या डबल दिखाई देना
- तेज सिरदर्द और चक्कर आना
- अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।
बचाव के उपाय
हालांकि ब्रेन स्ट्रोक अचानक होता है, लेकिन कुछ सावधानियों से इसका खतरा कम किया जा सकता है:
- ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें
- धूम्रपान और शराब से परहेज करें
- संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें
- ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाते रहें
- तनाव कम करें और नींद पूरी लें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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