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सतीश शाह ने बीमार बीवी की खातिर करवाया था किडनी ट्रांसप्लांट, जानें कब पड़ती है इसकी जरूरत और कितना आता है खर्च
Kidney Transplant: मशहूर बॉलीवुड और टीवी एक्टर सतीश शाह अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन अदाकारी के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। 'ये जो है जिंदगी' और 'सराभाई वर्सेज सराभाई' जैसे शो से हर घर में अपनी पहचान बनाने वाले सतीश शाह ने लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया। लेकिन हाल ही में उनकी मौत की खबर ने हर किसी को झकझोर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सतीश शाह लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और उन्होंने कुछ साल पहले किडनी ट्रांसप्लांट भी करवाया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी अल्ज़ाइमर से पीड़ित पत्नी की देखभाल करने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी करवाई थी। उनके करीबी दोस्त और एक्टर सचिन पिलगांवकर ने एक इंटरव्यू में बताया है कि सतीश शाह ने इस साल की शुरुआत में ही किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था और वो डायलिसिस पर थे। आइए, डॉ. विश्वनाथ बिल्ला, वरिष्ठ सलाहकार नेफ्रोलॉजिस्ट ज़ेन एनेक्सी, ज़ेन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, चेंबूर, मुंबई सेजानते हैं कि किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत कब पड़ती है और भारत में किडनी ट्रांसप्लांट करवाने का खर्चा कितना आता है?

कब पड़ती है किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत?
किडनी हमारे शरीर महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करती है। साथ ही, यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, फ्लूइड और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने और जरूरी हार्मोन बनाने में भी मदद करती है। जब किडनी ठीक तरह से काम नहीं करती है, तो शरीर में गंदगी और अतिरिक्त पानी जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ना, सूजन, थकान और उल्टी जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अगर दोनों किडनियां पूरी तरह से काम करना बंद कर दें, तो किडनी फेल्योर हो सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र रास्ता बचता है।
किडनी डैमेज होने के कारण
आज के समय में किडनी से जुड़ी बीमारियां लोगों में बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इसके कई कारण हैं, जैसे -
डायबिटीज
हाई ब्लड प्रेशर
किडनी स्टोन या संक्रमण
पेनकिलर या अन्य दवाइयों का अधिक सेवन
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज जैसी जेनेटिक बीमारी

क्या होता है किडनी ट्रांसप्लांट?
जब किसी व्यक्ति की दोनों किडनियां फेल हो जाती हैं, तो डॉक्टर उसे ट्रांसप्लांट की सलाह देते हैं। इस प्रक्रिया में खराब किडनी को हटाकर किसी जीवित या मृत दाता (डोनर) की स्वस्थ किडनी लगाई जाती है। यह सर्जरी न केवल मरीज की जिंदगी बचाती है, बल्कि उसे नई ऊर्जा और बेहतर जीवन गुणवत्ता देती है।
कई लोग सालों तक डायलिसिस पर रहते हैं, लेकिन ट्रांसप्लांट के बाद उन्हें एक स्थायी और सामान्य जीवन मिल सकता है।
किडनी ट्रांसप्लांट करवाने में कितना खर्चा आता है?
भारत में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च अस्पताल, शहर और सुविधा के आधार पर अलग-अलग होता है। आमतौर पर यह खर्च 10 लाख से 15 लाख तक आता है। इसमें सर्जरी, डोनर की जांच, अस्पताल में भर्ती रहना और ट्रांसप्लांट के बाद की दवाइयां शामिल होती हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में यह खर्च कुछ हद तक कम भी हो सकता है।
किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय
रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें
ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें
जरूरत के बिना पेनकिलर दवाइयों का सेवन न करें
हर साल किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) कराएं
किडनी की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरणों में कोई लक्षण नहीं दिखते। जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक अक्सर बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। इसलिए नियमित जांच कराना और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करना बहुत जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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