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Sawan Month 2023: भूलकर भी न खाएं सावन में पत्तेदार सब्जियां, शिव जी और विज्ञान से जुड़ी है वजह
Sawan me Khane Ke Niyam: सावन में खानपान को लेकर शास्त्रों में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से न सिर्फ हमारी सेहत स्वस्थ रहते है बल्कि शिव जी भी अपने भक्तों से प्रसन्न रहते हैं। इन खाद्य पदार्थों में सबसे पहले नाम आता है, हरा साग का। सावन में हरा साग खाने को सख्त मनाही होती है।

अमूमन घर के बड़े-बुर्जुग भी सावन में साग न खाने की सलाह देते हैं। आज हम इसके पीछे छिपे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों तर्क बताएंगे कि किन चीजों से आपको सावन में दूरी बना लेनी चाहिए।
दूध और दही का सेवन क्यों है वर्जित
सावन के महीने में मौसम में पहले से ही नमी और ठंडक रहती है। दही की तासीर भी ठंडी होती है। ऐसे में दही का सेवन करने से आपको सर्दी जुकाम की समस्या हो सकती है।

दूध न पीने की सलाह के पीछे ये तर्क है कि सावन के दौरान गाय और भैंस जो हरा चारा खाती हैं, उसके साथ वे काफी मात्रा में कीट पतंगों का भक्षण कर जाते हैं। इसलिए दूध में बैक्टीरिया होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए सावन में दूध का सेवन न करें तो बेहतर है।
साग न खाने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
शास्त्रों के नियमानुसार, सावन में साग नहीं खाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को प्रकृति से बेहद प्रेम है। ऐसे में साग-पात को तोड़कर खाना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा करने से शिवजी अप्रसन्न होते हैं।

वहीं वैज्ञानिक वजह ये है कि सावन के महीने में साग में पित्त बढ़ाने वाले तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। जो कि पाचन में समस्या पैदा करते हैं। दूसरी तरफ सावन में बारिश अधिक होती है और अधिक बारिश होने पर हरे साग में कीट-पतंगों और कीड़े लग जाते हैं। ऐसे में उन्हें खाना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है और सेहत पर इसका असर होता है। इसलिए घर के बड़े-बुर्जुग भी सावन में साग नहीं खाने की हिदायत देते हैं।
लहसुन-प्याज
सावन में घरों में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल तकरीबन बंद हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये चीजें शरीर में तामसिक भाव को पैदा करती हैं और जिसकी वजह से मन में भोग-वासना की भावना जागृत होती है। जो कि भगवान शिव की भक्ति में बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए इस माह सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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