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Shahrukh Khan Eye Problem: आंखों की इस बीमारी से जूझ रहे हैं शाहरुख खान, 50 के बाद होने का ज्यादा खतरा
ShahRukh Khan Eye Problem: हाल ही में एक खबर सामने आई है कि शाहरुख खान ने मुंबई के एक अस्पताल में अपनी आंखों का इलाज करवाया था। हालांकि, यह ट्रीटमेंट वैसा नहीं हुआ जैसा एक्टर चाहते थे। अब चर्चा है कि शाहरुख अब आगे का इलाज अमेरिका से कराएंगे। वहीं कुछ खबरों के मुताबिक शाहरुख जुलाई में ही अमेरिका जाकर यह आई ट्रीटमेंट करवा चुके हैं और अब वो पूरी तरह ठीक हैं। दरअसल शाहरुख दोनों आंखों में मोतियाबिंद की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अब तक एक्टर या उनकी टीम की तरफ से कोई कंफर्मेंशन नहीं आया है।
रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि एक्टर ने 12 जुलाई को अंबानी परिवार की शादी से पहले मुंबई के HN रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में अपनी आंखों का इलाज करवाया था। वैसे जानते हैं कि मोतियाबिंद क्या होती है और इसके लक्षण और इलाज क्या है?

मोतियाबिंद क्या है?
मोतियाबिंद एक आम बीमारी है जो किसी भी उम्र में व्यक्ति को हो सकती है। लेकिन 50 के बाद लोगों में ज्यादा दिखाई देती हैं। 50 साल की उम्र के बाद शरीर में एंटीऑक्सीडेंट़्स की कमी होने लगती है और आंखों में कैल्शियम जमा होने लगता है इसका सीधा असर आंखों के प्राकृतिक लेंस पर पड़ता है। यह लेंस डैमेज होने लगता है। फिर आंखों के सामने धुंधलापन सा छा जाता है। इस बीमारी को मोतियाबिंद या सफेद मोतिया कहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को पढ़ने, काम करने, कार चलाने या किसी भी काम को करने के दौरान दिक्कत आने लगती है।
मोतियाबिंद के लक्षण
- मोतियाबिंद होने पर एक ही चीज दो दिखाई देने लगती है।
- इस बीमारी में रात को देखने में कठिनाई होने के साथ ही कम दिखने की भी समस्या होती है।
- धुंधलापन सा दिखाई देना।
- ऐसे में कुछ भी पढ़ने के समय आपको तेज लाइट की आवश्यकता पड़ सकती है।
- कई बार रंगों में अंतर नहीं पहचान पाना भी मोतियाबिंद का लक्षण हो सकता है।
मोतियाबिंद से बचने के लिए क्या करें?
- मोतियाबिंद से बचने के लिए खाने में विटामिन सी, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स शामिल करें।
- धूप में निकलने से पहले सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
- मोतियाबिंद से बचने के लिए समय- समय पर अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच कराए।
- आंखों का रेगुलर चेकअप कराना चाहिए।
- धूम्रपान और शराब पीने की आदत से परहेज करें।
- घी जैसे गुड फैट्स को भोजन में शामिल करना चाहिए।
- खाद्य पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट को ज्यादा शामिल करें जैसे क़ी हरी पत्तेदार सब्जियां।
- खूब पानी पीना पिएं और ऐसे फलों और सब्जियों को डाइट में शामिल करें, जैसे- जो आंखों की नमी बनाई रखती हैं।
- स्टेरॉयड दवा खाने से बचें।
इलाज
मोतियाबिंद का इलाज इसकी सर्जरी हैं, जिसमें चीरा लगाकर इसे ठीक किया जाता है। सर्जरी को समय से करवा कर आंखों पर पड़ने वाले दबाव से बच सकते हैं। हालांकि इसे कराते हुए इस बात का ध्यान रखें कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन ऐसे मौसम में ही कराएं जब नमी और पसीना से बचा जा सकें ताकि इंफेक्शन न हो। इसलिए ज्यादात्तर लोग सर्दी में इसकी सर्जरी करवाते हैं।
सर्जरी के बाद इन बातों का ध्यान रखें
- आंखों को धूल मिटटी से बचाएं।
- आंखों रगड़ने से बचें।
- काला चश्मा जरूर पहने
- सीधा पानी आंखों पर न डालें।
- धुंए से आंखों को बचाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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