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कोमा में बीते 20 साल, अब हमेशा के लिए सो गया ‘स्लीपिंग प्रिंस', जानें क्यों Coma में चला जाता है इंसान?
Sleeping Prince Death: दुनिया ने एक ऐसे शख्स को खो दिया, जिसे 'स्लीपिंग प्रिंस' कहा जाता था। जी हां, सऊदी अरब के मशहूर 'स्लीपिंग प्रिंस' जिनका असली नाम अलवलीद बिन खालिद बिन तलाल अल सऊद था का 36 साल की उम्र में निधन हो गया है। खालिद बिन ने पिछले 20 साल कोमा में बिताए और अब वो हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गया।
जब वो 15 साल के थे तब से वो कोमा में थे। यह मामला जितना भावुक करता है, उतना ही सवाल भी उठाता है आखिर कोई इंसान इतने लंबे समय तक कोमा में कैसे रह सकता है? कोमा होता क्या है? क्यों होता है? और इसमें शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर पड़ता है? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी अवस्था के पीछे छिपी मेडिकल साइंस की सच्चाई।

कौन था 'स्लीपिंग प्रिंस'?
'स्लीपिंग प्रिंस' का असली नाम अलवलीद बिन खालिद बिन तलाल अल सऊद था जो 36 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। प्रिंस अलवलीद सऊदी अरब के शाही परिवार के मुख्य सदस्य प्रिंस खालिद बिन तलाल के बेटे और अरबपति प्रिंस अलवलीद बिन तलाल के भतीजे थे। 'स्लीपिंग प्रिंस' नाम से मशहूर इस व्यक्ति की कहानी बेहद मार्मिक है। एक एक्सीडेंट के बाद वह कोमा में चले गए थे और पिछले दो दशकों से जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। परिवार वालों की देखभाल और उम्मीद के सहारे वह 20 साल तक जीवित रहे, लेकिन अब उसने दुनिया को अलविदा कह दिया।

कोमा क्या होता है?
कोमा एक गंभीर चिकित्सा स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति अचेतन अवस्था में चला जाता है। इसका मतलब है कि मस्तिष्क के वे हिस्से जो जागरूकता और प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार होते हैं, वह काम करना बंद कर देते हैं। व्यक्ति न तो किसी बात का जवाब दे सकता है, न ही खुद से कोई हरकत करता है।

इंसान को कोमा क्यों आता है?
अब सवाल ये भी उठता है कि इंसान कोमा में क्यों चला जाता है? इसके पीछे की कई वजह हैं जैसे सिर पर गंभीर चोट लगना जिससे ब्रेन इंजरी हो जाए। या ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज होना, डायबिटीज या ब्लड शुगर का असंतुलन, इंफेक्शन जैसे मेनिन्जाइटिस या एन्सेफेलाइटिस और दिमाग में ऑक्सीजन की कमी होना। इसके अलावा किसी दवा या नशीली चीज का ओवरडोज भी कोमा का कारण बन सकती है।
क्या कोमा से बाहर आना संभव है?
कोमा के बारे में तो आपने जान ही लिया है अब ये सोच रहे होंगे कि क्या कोमा से बाहर आना संभव है या नहीं? मेडिकल साइंस के अनुसार, यह पूरी तरह से व्यक्ति की स्थिति, ब्रेन डैमेज की गंभीरता और इलाज पर निर्भर करता है। कुछ लोग कुछ दिनों में जाग जाते हैं, कुछ को महीनों लग जाते हैं, और कुछ जीवनभर उसी अवस्था में रहते हैं।
आज चिकित्सा विज्ञान कोमा के मरीजों के लिए बेहतर मॉनिटरिंग, न्यूरोलॉजिकल ट्रीटमेंट और ब्रेन स्कैनिंग तकनीकों का उपयोग कर रहा है। हालांकि, लंबे समय तक कोमा में रहने वाले मरीजों के लिए संभावना बहुत सीमित होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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