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गन्ने का रस के साथ कहीं आप ग्रीस-पेट्रोल तो नहीं पी रहे हैं, ऑयल पॉइजनिंग से जा सकती है जान
गर्मियां आते ही फुटपाथ किनारे सबसे ज्यादा नजर आते है, गन्ने के रस के ठेले। तपती दुपहरी में ठंडा-ठंडा और ताज़ा एक गिलास गन्ने का रस पीना भला किसे पसंद नहीं होगा? गन्ने में फैट नहीं होता!
इसमें जीरो कोलेस्ट्रॉल, फाइबर और प्रोटीन के अलावा सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन होता है। गर्मियों में तरोताजा करने वाला यह रस आपकी सेहत भी बिगाड़ सकता है। इसकी वजह है गन्ने के रस में मिला हुआ ग्रीस, मोबिल और तेल।
दरअसल जिस मशीन से गन्ने का रस निकाला जाता है, दुकानदार उसमें ग्रीसिंग करते हैं। गन्ने की रस निकालने वाली मशीनों में रस उसी हिस्से से निकलता है, जहां ग्रीसिंग की गई होती है। इसके अलावा ये मशीन अच्छे से काम करें, इसमें तेल और मोबिल डाला जाता है।

ऐसे में मशीन की सारी ग्रीसिंग और तेल-मोबिल ग्लास से होकर ग्राहकों के पेट में चला जाता है। पेट में जाकर ये पेट्रोलियम पदार्थ कैंसर और अल्सर जैसी खतरनाक बीमारियों की वजह बन सकता है।
ऑयल पॉइजनिंग से हो सकती है बीमारी
जिस तरह गर्मियों में बासी या दूषित खाने से फूड पॉइजनिंग होती है। उसी तरह से अगर पेट में जहरीले पेट्रोलियम प्रोडक्ट चले जाए तो वह ऑयल पॉइजनिंग या केमिकल पॉइजनिंग का कारण बनते है।
ग्रीस और मोबिल में डीजल-पेट्रोल की तरह तेज गंध नहीं होती, यही वजह है कि ठेले से लिए गए गन्ने के रस के साथ इसी पीने के बाद भी लोगों को कुछ पता नहीं चलता। जबकि शरीर में पहुंचकर यह ऑयल पॉइजनिंग हो सकती है। बाद में आगे चलकर यह कैंसर और अल्सर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।

धूप और धूल में रखे गन्ने भी बनते हैं बीमारी की वजह
गन्ने के रस के ठेले पर एक साथ ही काफी मात्रा में गन्ना पहले ही छीलकर रखा दिया जाता है, फिर यह काफी देर तक धूप में खुले में पड़े रहते हैं। इन पर धूल जमने के साथ ही मक्खियां भी बैठती हैं। लंबे समय तक खुले में रहने के कारण गन्ने के रस का रंग और स्वाद में भी अंतर आने लगता है। काफी देर तक छीले हुए गन्ने टॉक्सिक हो जाते है, इस के रस पीने से नशा, चक्कर या नींद सा महसूस होता है। इसलिए हमेशा गन्ने का साफ और ताजा रस ही पीना चाहिए।
गन्ने के फायदे
अध्ययनों से पता चला है कि गन्ने के रस में मौजूद पॉलीफेनोल्स, हाई एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कैंसर गुण होते हैं। यही वजह है कि गन्ने के रस में कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है। इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों की विकास और मजबूती के लिए जरूरी है, साथ ही यह मुंह की दुर्गन्ध दूर करता है। इसमें मौजूद आयरन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए और पीरियड्स के वक्त काफी फायदेमंद होता है। अगर गन्ने का ज्यादा फायदा चाहते हैं तो इसके रस की जगह गन्ने को ही चूसें। रस निकालने के दौरान गन्ने के कई पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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