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आपके बच्चे के कॉन्फिडेंस में कमी की वजह हकलाना तो नहीं, फिर आपको इन चीजों पर करना चाहिए गौर
कई लोगों को आपने अक्सर रुक-रुक कर बोलते हुए देखा होगा। दरअसल इस समस्या को हकलाना कहा जाता है जो एक स्पीच डिसऑर्डर है। इस समस्या में व्यक्ति एक शब्द को बार-बार दोहराता भी है। कई लोग हकलाने के साथ अपना सिर भी हिलाते हैं।
हकलाने वाले लोगों में अक्सर कॉन्फिडेंश की कमी देखी जाती है। क्योंकि जो वो बोलना चाहता है, वो बोलने में उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता है। हकलाने की समस्या से निपटने के लिए कई तरह की थेरेपी भी की जाती है। लेकिन अगर आप चाहे तो हकलाहट की समस्या को कम करने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी ट्राई कर सकते हैं।

हकलाने की समस्या में मददगार है ये घरेलू उपचार
1. काली मिर्च टी
सामग्री :
* काली मिर्च पाउडर - एक चुटकी
* मक्खन - आधा चम्मच
* चाय - एक कप
इस्तेमाल करने का सही तरीका -
1. सबसे पहले मक्खन में काली मिर्च का पाउडर मिलाएं।
2. फिर रोजाना रात को सोने से पहले एक कप चाय में इस मिश्रण को मिलाकर पिएं।
पीने के फायदे
हकलाहट की समस्या में कुछ हद तक काली मिर्च फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन दिमाग को बेहतर तरीके से काम करने मेंमदद करता है। ऐसा माना जा सकता है कि काली मिर्च दिमाग की कार्यप्रणाली में सुधार कर हकलाने की समस्या को कुछ कम करने में मदद कर सकता है।
2. हरा धनिया
सामग्री :
* हरे धनिए के पत्ते
* पानी
इस्तेमाल का तरीका -
1. सबसे पहले एक कप पानी में धनिए के पत्ते डालें।
2. फिर उसे कम से कम 20 मिनट तक उबाले।
3. इसके बाद इस पानी को हल्का ठंडा करने के बाद रोजाना 2 से 3 बार गरारा करें।
कैसे करता है काम
हकलाने की समस्या को कम करने में धनिया का पत्ता काफी फायदेमंद माना जाता है। धनिया में न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है। इसमें किसी मस्तिष्क संबंधी चोट के कारण मस्तिष्क बोलने से जुड़े ब्रेन के अन्य हिस्सों के साथ ठीक से तालमेल नहीं बैठा पाता है। फिलहाल हकलाने की समस्या में हरा धनिया कितना कारगर है इस पर अभी रिसर्च जारी है।
3. गाय का घी और आंवला का जूस
सामग्री :
* गाय का घी - आधा चम्मच
* आंवला जूस - एक चम्मच
इस्तेमाल का तरीका -
1. गाय के घी को एक कटोरी में लेकर उसमें एक चम्मच आंवला जूस मिला दें।
2. इसके बाद रोज सुबह इसे खाने से पहले खाएं।
इसे खाने के फायदे
गाय के घी का सेवन करने से भी हकलाहट की समस्या से उबरने में असरदार हो सकता है। हकलाने की समस्या बच्चों के विकास से भी संबंधित हो सकती है। घी का सेवन दिमागी विकास में काफी मददगार होता है।
नोट: इस बात का ध्यान रखें कि इन घरेलु उपचार से हकलाने की समस्या एक हद तक सही हो सकती है। इसके साथ आपको स्पीच थेरेपी भी बहुत जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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