Viral: किम कार्दशियन की बेटी ने कराई फिंगर पियर्सिंग, क्यों पॉपुलर हो रहा है यह ट्रेंड, जानें इसके नुकसान

Finger Piercing Safety Tips : आजकल युवाओं में सेल्फ-एक्सप्रेशन के लिए पियर्सिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर हाल ही में किम कार्दशियन और कान्ये वेस्ट की 12 साल की बेटी नॉर्थ वेस्ट चर्चा में आ गईं, जब उन्होंने अपनी उंगली पर डर्मल पियर्सिंग करवाई। वह अपनी मां के साथ वेनेस फिल्म फेस्टिवल में नजर आईं, जहां किम को DVF अवॉर्ड्स में ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड मिला। उनकी कुछ तस्वीरें और टिक-टॉक वीडियो वायरल हो गए, जिसमें पियर्सिंग पर उन्होंने बैंड-एड लगाया हुआ था।

डर्मल पियर्सिंग की खासियत यह है कि यह साधारण पियर्सिंग की तरह नहीं दिखती, बल्कि ऐसा लगता है मानो कोई ज्वेल सीधे स्किन के अंदर जड़ दिया गया हो। यही वजह है कि यह युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच बहुत लोकप्रिय हो रही है।

Finger Piercing Safety Tips

क्या है डर्मल पियर्सिंग?

डर्मल पियर्सिंग को सिंगल-पॉइंट पियर्सिंग भी कहा जाता है। इसमें ज्वेलरी का कोई एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट नहीं होता, बल्कि स्किन के अंदर एक छोटा-सा एंकर डालकर उसके ऊपर मेटल स्टड या जेम लगाया जाता है।

इसमें इस्तेमाल होने वाली ज्वेलरी के प्रकार होते हैं:

Anchor (एंकर): स्किन के नीचे लगाया जाने वाला बेस, जिसके ऊपर स्टड फिट होता है।

Top (टॉप): एंकर के ऊपर लगाया जाने वाला मेटल या जेम।

Diver (डायवर): इसमें ज्वेलरी पहले से फिक्स रहती है और स्किन पंचर से इसे डाला जाता है।

डर्मल पियर्सिंग का प्रोसेस

कंसल्टेशन: पियर्सिंग से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

क्लीनिंग और मार्किंग: जिस जगह पियर्सिंग करनी है, उसे अच्छे से साफ कर मार्क किया जाता है।

एनेस्थेटिक क्रीम: दर्द कम करने के लिए क्रीम लगाई जा सकती है।

पॉकेट बनाना: स्किन में छोटा-सा पॉकेट बनाने के लिए सुई या स्किन पंच का इस्तेमाल किया जाता है।

एंकर इंसर्शन: छोटे टूल से एंकर को स्किन के अंदर डालकर सही जगह फिट किया जाता है।

ज्वेलरी प्लेसमेंट: अंत में ज्वेलरी या स्टड लगाया जाता है।

फ्लेशी एरिया पर यह प्रोसेस कम दर्दनाक होता है।

डर्मल पियर्सिंग से जुड़े खतरे

डर्मल पियर्सिंग ट्रेंडी दिखने के बावजूद कई स्वास्थ्य जोखिम ला सकती है:

इंफेक्शन: यदि स्टेराइल माहौल न हो या आफ्टरकेयर सही से न हो, तो बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।

डिस्प्लेसमेंट: एंकर सही जगह पर न बैठने पर खिसक सकता है।

टिश्यू डैमेज: बहुत गहराई तक एंकर डालने से नस या ब्लड वेसल डैमेज हो सकते हैं।

हाइपरग्रेन्युलेशन: पियर्सिंग साइट पर लाल सूजन या बंप आ सकता है, जो अक्सर टाइट ज्वेलरी या गंदगी की वजह से होता है।

डर्मल पियर्सिंग की देखभाल कैसे करें?

क्या करें (Do's)

- पियर्सिंग को शुरुआती दिनों में बैंड-एड से कवर रखें।
- छूने से पहले हमेशा हाथ धोएं।
- दिन में दो बार सलाइन या सी सॉल्ट वॉटर से साफ करें।
- क्रस्ट बनने पर धीरे-धीरे साफ करें।
- शॉवर के बाद हल्के से पोंछें, रगड़ें नहीं।

क्या न करें (Don'ts)

- टाइट कपड़े या ऐसी चीजें न पहनें जो पियर्सिंग पर रगड़ खाएं।
- बाल ज्वेलरी में उलझने न दें।
- स्पोर्ट्स या किसी भी एक्टिविटी में ध्यान रखें कि चोट न लगे।
- स्विमिंग पूल या बाथटब में भिगोएं नहीं।
- कम से कम तीन महीने तक ज्वेलरी न बदलें।
- पियर्सिंग को बार-बार छूने या हिलाने से बचें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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