Latest Updates
-
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं काजू, स्वाद के चक्कर में बढ़ सकता है मर्ज -
UP Style Vegetable Pulao Tehri Recipe: घर पर बनाएं यूपी का मशहूर स्वाद -
Father's Day Sanskrit Wishes: पिता स्वर्गः पिता धर्मः, फादर्स डे पर संस्कृत संदेशों से जताएं प्यार और सम्मान
मोटापा बनाता है शुक्राणुओं को कमजोर

स्पेन के अबेरडीन विश्वविद्यालय के शोध के अनुसार मोटे लोगों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता ख़राब होती है जिससे उनके जीवनसाथी के गर्भवती होने के अवसर कम होते हैं. अबेरडीन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दो हज़ार ऐसे पुरुषों पर शोध किया जिनकी पत्नियाँ गर्भ धारण नहीं कर पा रही थीं.
वैज्ञानिकों के अनुसार मोटे लोगों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता ख़राब होने की वजह उनके अंडकोष के आसपास भी चर्बी का जम जाना है. इस चर्बी की वजह से शुक्राणु अंडकोष के अंदर ही गर्मी की वजह से नष्ट हो जाते हैं.
लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि वज़न घटाने से इस कमी से छुटकारा पाया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने ये बात यूरोप में 'फ़र्टीलिटी' पर हुए एक सम्मेलन के दौरान कही. वैसे वैज्ञानिक ये पहले ही बता चुके हैं कि उन महिलाओं को गर्भधारण करने में मुश्किल आती है जिनका वज़न अधिक होता है.
पुरुषों पर किए गए अपने इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने उन्हें बॉडी-मास इंडेक्स(बीएमआई) यानी शरीर और उसके द्रव्यमान के अनुपात के अनुसार चार अलग-अलग समूहों में बाँटा था.
इस अध्ययन में पता चला कि मोटे और वज़नदार लोगों के मुक़ाबले जिन पुरुषों का 'बीएमआई' 20-25 होता है उनमें सामान्य शुक्राणुओं की संख्या अधिक होती है. इसके अलावा शोधकर्ताओं ने ये भी बताया कि ऐसे पुरुषों में वीर्य की मात्रा भी अधिक होती है.
स्पेन में सम्मेलन
स्पेन के बार्सिलोना शहर में हुई 'यूरोपियन सोसायटी फ़ॉर ह्यूमन रीप्रोडक्शन एंड एंब्रियोलॉजी' की बैठक में ये सारी बातें सामने आई हैं. वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसे पुरुष जिनका वज़न अधिक होता है यानी जिनका 'बीएमआई' ज़्यादा होता है उनमें वीर्य की मात्रा भी कम पाई जाती है और इसमें कमज़ोर शुक्राणुओं की तादाद अधिक होती है.
हालांकि, शोध के लिए बनाए गए पुरुषों के चारों समूहों में शुक्राणुओं की मात्रा यानी की उनकी संख्या में कोई कमी नहीं पाई गई. इस बैठक के दौरान कई दूसरे शोध भी पेश किए गए. जिनमें ये बात सामने आई कि मोटापे की वजह से शुक्राणुओं में 'डीएनए' के नष्ट हो जाने का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
इस शोध को करने वाले डॉक्टर घियाथ शेयाब का कहना है, "वो पुरुष जो अपने जीवनसाथी से बच्चे की उम्मीद करते हैं उन्हें पहले अपना वज़न सही रखना होगा."
"इस तरह से वो अपना बीएमआई भी सामान्य रख सकेंगे जो कि उनके लिए दोहरा फ़ायदा होगा." अधिक वज़न से अंडकोष में भी चर्बी आ जाती है जिससे शुक्राणु कमज़ोर हो जाते हैं. डॉक्टर शेयाब का कहना है, "एक नियमित दिनचर्या, संतुलित खान-पान और रोज़ाना कसरत करने से सामान्य 'बीएमआई' को बनाए रखा जा सकता है."
वैज्ञानिक अब इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि ख़राब गुणवत्ता वाले वीर्य किस हद तक गर्भधारण न हो पाने के लिए ज़िम्मेदार होते है. ताकि ये पता लगाया जा सके कि वज़न बढ़ने से शुक्राणु कैसे कमज़ोर हो सकते हैं?
शोध करने वाले डॉक्टर शेयाब का कहना है कि शुक्राणुओं के कमज़ोर होने की कई और वजहें भी हो सकती हैं. "मोटे आदमी में हॉर्मोन स्तर, अधिक चर्बी की वजह से अंडकोषों के अंदर शुक्राणुओं का गर्मी से नष्ट हो जाना और असामान्य जीवनशैली भी एक वजह है."
वहीं, डॉक्टर इयान कैंपबैल का कहना है कि आमतौर पर ये देखा गया है कि मोटे लोगों के बच्चों की संख्या भी कम होती है. वैसे वैज्ञानियों ने इस शोध के दौरान धूम्रपान, शराब का सेवन और अधिक उम्र को भी ध्यान में रखा था.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications