Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
पीठ दर्द हो तो न करें बेड रेस्ट
लखनऊ। पीठ में दर्द हो तो बेड रेस्ट न करें क्योंकि इससे शरीर का रक्त संचार प्रभावित होता है तथा नर्व कोशिकाएं व मासपेशियां सुस्त पड़ जाती हैं जिससे दर्द में कोई आराम नहीं मिलता। पीठ दर्द (लो बैक पेंन)हो तो व्यायाम करें क्योंकि व्यायाम से दर्द में जल्द राहत मिल जाती है।

डा. मेंहदी हसन का कहना है कि शरीर के पिछले हिस्से में होने वाला यह दर्द काफी खतरनाक है लेकिन यदि सावधानी बरती जाए तथा व्यायाम किया जाए तो इससे राहत मिल सकती है। डा. हसन ने कहा कि आम तौर पर देखा जाता है कि पीठ दर्द होने पर मरीज को बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है जो गलत है।
पूर्व में बनी गेट कन्ट्रोल थ्योरी ऑफ पेंन के बारे में डा. हसन का कहना है कि पीठ का दर्द नर्व रूट में ब्लोकेज की वजह से होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोटा व्यक्ति एक छोटे से गेट में प्रवेश करने से फंस सकता है तथा पतला आदमी आसानी से गेट पार कर सकता है उसे तरह दर्द भी है जो नर्व के सहारे मस्तिष्क तक सिग्नल पहुंचाता है।
डा. हसन का कहना है कि पेन बाम का कार्य भी कुछ ऐसा है कि वह शरीर के दर्द वाले हिस्से पर असर करती है और नर्व कोशिकाओं को राहत पहुंचाती है जिससे दर्द का अहसास कम हो जाता है। उनका कहना है कि पीठ दर्द के नब्बे प्रतिशत मामलों में स्वत: ही राहत मिल जाती है लेकिन दस प्रतिशत मामलों में इलाज की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि बैठने, उठने व चलने के गलत ढंग से लो बैक पेन होता है अत: आवश्यक है कि व्यक्ति इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने बताया कि पीठ दर्द में कई बार चिकित्सक एमआरआई कराते हैं जिसकी कोई आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने पीठ दर्द में सामान्यता दवाओं व नर्व रूट को दुरुस्त किए जाने की जरूरत होती है जिसके बाद दर्द से राहत मिल जाती है। व्यायाम दर्द का अचूक इलाज है अत: लोगों को व्यायाम अवश्य करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications