जमकर थकाता है 'वर्क फ्रॉम होम'

lady working from home
अपने कामकाजी जीवन में संतुलन के लिये अगर घर बैठकर काम करने का अवसर मिले तो कैसा रहेगा। एक अध्ययन में पाया गया है कि यह ठीक नहीं रहेगा क्योंकि एक ही वक्त में दो जगह तालमेल बैठाने की कोशिश थकाउ साबित होगी।

न्यूयार्क में रेनेसेलाएर पोलिटेक्निक इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर टिमोथी गोल्डन के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने पाया कि ऐसा अवसर प्रतिकूल साबित होगा क्योंकि घर बैठकर जीवनयापन के लिये काम करने वाले पारिवारिक मांग और कार्यालय की मांग में तालमेल नहीं बैठा पायेंगे।

डेली टेलीग्राफ के अनुसार यह पाया गया कि अपने काम और घर की भूमिका साथ निभाने वाले आखिरकार दोनों जिम्मेदारियों को निभाने से उन लोगों की तुलना में अधिक तंग आ जाते हैं जो एक ही जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। अपने अध्ययन के लिये प्रोफेसर गोल्डन के दल ने एक अग्रणी कम्प्यूटर कम्पनी के लिये घर बैठकर काम करने वाले 316 लोगों से उनके तालमेल बैठाने और दिन के अंत में उसके असर को लेकर पूछताछ की।

इसके बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि घर की भूमिका और कार्यालय के लिये काम करना बेहद तकलीफदेह है। वर्किंगमम्स डॉट काम डॉट यूके की संपादक मेन्डी गार्नर के अनुसार काम के समय और घर को वक्त देने के समय में एक स्पष्ट विभाजन होना चाहिये।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, November 12, 2011, 16:04 [IST]
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