Latest Updates
-
World Health Day 2026 Quotes: 'पहला सुख निरोगी काया', विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अपनों को भेजें ये संदेश -
Aaj Ka Rashifal 7 April 2026: मंगलवार को इन राशियों का खुलेगा भाग्य, जानें अपना राशिफल -
महाकुंभ के वायरल IIT बाबा अभय सिंह ने हिमाचल में रचाई शादी, जानिए कौन है पत्नी? -
World Health Day 2026: स्वस्थ और फिट रहने के लिए रोजाना करें ये 5 योगासन, आस-पास भी नहीं फटकेंगी बीमारियां -
World Health Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व, इतिहास और 2026 की थीम -
बेटी के 13 साल की होने से पहले पेरेंट्स को जरूर सिखा देनी चाहिए ये 5 बातें, जिंदगी भर आएंगी काम -
बिना दवाई सिर्फ 1 महीने में कंट्रोल हो सकता है थायराइड, बस रोजाना करें ये 3 काम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं ये 2 चीजें, कुछ ही दिनों में गायब हो जाएंगी झुर्रियां और फाइन लाइन्स -
गर्मियों में सौंफ का शरबत पीने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, जानें घर पर बनाने का तरीका -
Aaj Ka Rashifal 6 April 2026: आज इन राशियों पर होगी महादेव की अती कृपा, जानें अपना भविष्यफल
काला नमक स्वास्थ्य का खजाना

काले नमक में मुख्यतः सोडियम क्लोराइड होता है। इसके अतिरिरिक्त इसमें सोडियम सल्फेट, आइरन सल्फाइड, हाइड्रोजन सल्फाइड आदि की कुछ मात्रा भी मिश्रित होती है। सोडियम क्लोराइड के कारण ही यह नमकीन स्वाद देता है, आइरन सल्फाइड के कारण इसका गहरा बैंगनी रंग दिखता है, और सभी सल्फर लवण इसके विशिष्ट स्वाद और गंध के लिये जिम्मेदार हैं।
उपयोग
काले नमक को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धिति में एक ठंडी तासीर का मसाला माना जाता है और इसका प्रयोग एक रेचक और पाचन सहायक के रूप में किया जाता है। यह भी माना जाता है कि यह पेट की गैस (उदर वायु) और पेट की जलन मे राहत प्रदान करता है। यह माना जाता है कि इसमे आम नमक की तुलना मे कम सोडियम होता है और यह रक्त में सोडियम की मात्रा में वृद्धि नहीं करता है। हरड़ के बीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा में कामोत्तेजक माना जाता और यह रक्तचाप को कम करने और जलन में मदद करता है। इस आशय का कारण हरड़ के बीजों का सल्फ्यूरस यौगिक हैं जो निर्माण प्रक्रिया के दौरान काला नमक का हिस्सा बन जाते हैं। काले नमक वायु में फैले बैकटीरिया को भी खतम करता है।
सेंधे नमक की लगभग एक सौ ग्राम डली को चिमटे से पकड़कर आग पर, गैस पर या तवे पर अच्छी तरह गर्म कर लें। जब लाल होने लगे तब गर्म डली को तुरंत आधा कप पानी में डुबोकर निकाल लें और नमकीन गर्म पानी को एक ही बार में पी जाएँ। ऐसा नमकीन पानी सोते समय लगातार दो-तीन दिन पीने से खाँसी, विशेषकर बलगमी खाँसी से आराम मिलता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











