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योग से बढाइये आंखों की पावर
आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है इसलिये हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम इसका ख्याल रखें। उम्र के साथ ही हमारी आंखों के आसपास की मांपेसियां अपने लचीलेपन को खो देती हैं और कठोर हो जाती हैं। आंखों की रौशनी को बढाने के लिये आपको नियमित रूप से योगा करना चाहिये। योगा से निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) और दूरदृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) सही हो जाते हैं।

प्राणायाम : कई लोग जो कंप्यूटर पर लगातार 8-10 घंटे काम करते वक्त आंखे गडाए रहते हैं उनकी आखों पर नुकसान पहुंचता है। आंखों को आराम देने के लिए केवल नींद लेना ही पर्याप्त नहीं होता है। आंखों में कमजोरी आने की वजह से स्मृति दोष और चिडचिडापन की समस्या आम हो जाती है जिसके लिए आंखों का योगा बहुत जरूरी है। प्राणायाम करने से दिमाग स्थिर रहता है और आंखों की रोशनी बनी रहती है। प्राणायाम से शरीर और मन दोनों स्वस्थ्य रहते हैं।
शवासन : इस आसन को करने के लिए मन को शांत कर के पीठ के बल लेट जाइए। पैरों को ढीला छोडकर हाथों को शरीर से सटाकर बगल में रख लिजिए। शरीर को पूरी तरह से फर्श पर स्थिर हो जाने दीजिए। इस आसन को करने से शरीर की थकान और दबाव कम हो जाएगी। सांस और नाडी की गति सामान्य हो जाएगी। आंखों को आराम मिलता है और आंखों की रोशनी बढती है।
सर्वांगासन : पीठ के बल सीधा लेट जाएँ। पैर मिले हुए, हाथों को दोनों ओर बगल में सटाकर हथेलियाँ जमीन की ओर करके रखें। श्वास अन्दर भरते हुए आवश्यकतानुसार हाथों की सहायता से पैरों को धीरे-धीरे 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री और अन्त में 90 डिग्री तक उठाएँ। 90 डिग्री तक पैरों को न उठा पाएँ तो 120 डिग्री पर पैर ले जाकर व हाथों को उठाकर कमर के पीछे लगाएँ।वापस आते समय पैरों को सीधा रखते हुए पीछे की ओर थोड़ा झुकाएँ। दोनों हाथों को कमर से हटाकर भूमि पर सीधा कर दें। अब हथेलियों से भूमि को दबाते हुए जिस क्रम से उठे थे उसी क्रम से धीरे-धीरे पहले पीठ और फिर पैरों को भूमि पर सीधा करें।
आसन करते समय आंखों को खुला रखें। इस आसन को करने से आंखों की रोशनी तेजी से बढती है। बच्चों के दिमाग के लिए यह आसन बहुत उपयोगी है। दमा, मोटापा, दुर्बलता एवं थकान आदि विकार दूर होते है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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