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शरीर के लिये लाभकारी गुणों वाला सेब का सिरका

सेब का सिरका एक भूरा तरल होता है जो सेबों में खमीर उठने से बनता है। सेब के सिरके में साइनोसाइटिस, बुखार और जुकाम जैसे रोगों और संक्रमणों के उपचार की क्षमता होने के कारण इसका उपयोग हजारों साल से किया जाता रहा है। सेब के सिरके को रोज पीने से पाचन बेहतर होता है और अवसाद, थकावट, गठिया, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्राल जैसी गम्भीर बीमारियों से भी निजात पाया जा सकता है।
सेब के सिरके का उपयोग हजारों वर्षों से विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार के लिये किया जाता रहा है। आधुनिक चिकित्सा के जनक हिप्पोक्रेट्स ने 400 ईसा पूर्व ही ठंड और जुकाम के उपचार हेतु शहद के साथ सेब के रस वाले सिरके के सेवन की सलाह दी थी। तभी से दर्द सहित कई बीमारियों के इलाज हेतु सेब के सिरके का उपयोग जारी है।
सेब के सिरके को रोम के लोगों और जापानी सैमुराई लड़ाकों द्वारा स्वास्थ्य, शक्ति और तेजी के लिये उपयोग किया जाता है। तो आइये जानते हैं सेब के सिरके में क्या क्या गुण छुपे हुए हैं।

सेब के सिरके के पोषक तत्व
सेब के सिरके के खट्टे स्वाद के कारण इसे सफाई करने वाले कारक तथा प्रतिविष के रूप में प्रयोग किया जाता है। सेब के सिरके में ऐसेटिक अम्ल होता है जिससे आहारनाल के हानिकारक जीवाणु और फफूँदी का सफाया करने में मदद मिलती है। इससे आँत में भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता मिलती है। सेब के सिरके में पेक्टिन भी होता है जो जल में घुलनशील रेशे के रूप में होता है और पाचन तन्त्र से पानी, वसा, विष पदार्थों और कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित कर शरीर के बाहर करने में सहायक होता है।

1- शर्करा स्तर कम करता है
सेब के रस वाले सिरके में ऐसेटिक अम्ल होता है, जो मण्ड के पाचन को मन्द करता है जिससे रक्तवाहिनियों में शर्करा का स्तर कम होता है।

2- व्यर्थ कोलेस्ट्रॉल स्तर कम करता है
सेब के रस वाले सिरके में पेक्टिन की उपस्थिति से शरीर में व्यर्थ का कोलेस्ट्रॉल कम होता है। कुठ लोगों को पेक्टिन से एलर्जी होती है इसलिये उन्हे सेब के रस वाले सिरके से बचना चाहिये।

3- खनिज लवण होता है
सेब के रस वाले सिरके में पोटैशियम, मैग्नीशियम और कई अन्य खनिज लवण होते हैं। पोटैशियम शरीर में जल संतुलन के साथ-साथ हृदय की धड़कन को नियन्त्रित करता है। मैग्नीशियम कई प्रकार की प्रक्रियाओं में उत्प्रेरक का कार्य करता है जिससे पाचन में मदद मिलती है और कैल्शियम का अवशोषण बढ़ा कर स्वस्थ हड्डियों के निर्माण में सहायक है।

4- ऑस्टियोआर्थराइटिस में मददगार होता है
ऑस्टियोआर्थराइटिस शरीर में ऐसिड कणों के निर्माण के कारण होता है और सेब के रस वाले सिरके से ये कण विसरित हो जाते हैं और शरीर का पीएच सन्तुलित होता है। हलाँकि इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं लेकिन डॉ जार्विस ने सेब के रस वाले सिरके से ऑस्टियोआर्थराइटिस के कई रोगियों का सफल इलाज का दावा किया है।

5- ऐन्टीऑक्सीडेन्ट प्रभाव
सेब के रस वाले सिरके में बीटा-कैरोटीन होता है जिसकी मेयो क्लीनिक के अनुसार ऐन्टीऑक्सीडेन्ट गुण होते हैं जो मुक्त रैडिकल द्वारा होने वाले नुक्सान को निष्प्रभावी कर प्रतिरक्षण तन्त्र को मजबूत बनाता है।

6- ऐन्टीफंगल
बालों में रूसी की कारक फंगस मैलेसेजिया फरफर को सेब के रस वाले सिरके के ऐन्टीफंगल गुण के कारण समाप्त किया जा सकता है। जल तथा सेब के रस वाले सिरके की आधी-आधी मात्रा लेकर बने विलयन को रूसी समाप्त होने तक नियमित रूप से सिर में लगायें।

7- सूजन कम करता है
सेब के सिरके नहाने के पानी में मिलाने पर उसकी सूजन कम करने की क्षमता से धूप के कारण झुलसी त्वचा में राहत मिलती है। जब इसे सलाद या पानी के साथ ग्रहण किया जाता है तो यह आहारनाल की आन्तरिक सूजन को भी कम कर देता है।

8- वजन कम करने में सहायक
सेब के रस वाले सिरके से रक्त शर्करा के नियन्त्रित होने के कारम यह वजन कम करने में सहायक है क्योंकि इन्सुलिन मुक्त शर्करा को वसा के रूप में संचित नहीं कर पायेगी।

9- त्वचा को स्वस्थ बनाता है
सेब के रस वाले सिरके एक ऐस्ट्रिन्जेन्ट होता है जिसके कारण यह चेहरे और गले की त्वचा को स्वस्थ बनाता है। इसे आँखों से दूर रखें क्योंकि इससे जलन हो सकती है।

10- यीस्ट संक्रमण का उपचार
दो चम्मच सेब के रस वाले सिरके को लेने से महिलाओं में यीस्ट संक्रमण कम होता है। हलाँकि सभी महिलाओं में यह असरदार नहीं होता है और इसे सावधानीपूर्वक प्रयोग करना चाहिये।



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