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एनोरेक्सिया के 10 लक्षण
एनोरेक्सिया एक आम ईटिंग डिसऑर्डर है जिसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि आप या आपका कोई परिवारजन इस ईटिंग डिसऑर्डर के कारण चिंतित है तो हम आपको बता रहें हैं कुछ शारीरिक, व्यावहारिक और भावनात्मक लक्षण जो कि आपके लिए मददगार साबित होंगे।
यह 1-5 प्रतिशत तक की जनसंख्या को प्रभावित करता है और यह 13 से 30 तक की उम्र के बीच की महिलाओं ( 90 से 95 प्रतिशत मामले ) में ज्यादा पाया जाता है। हालांकि यह समस्या आदमियों को भी किसी भी उम्र में प्रभावित कर सकती है। आइये जानते हैं एनोरेक्सिया के कुछ लक्षण

1. खाने से दूर भागना
जिन पर इस ईटिंग डिसऑर्डर का खतरा होता है वे भूख होने से इनकार करते हैं चाहे उन्हें भूख लग रही तो या शरीर को भोजन की जरुरत हो। वे खाने के लिए मना करते हैं और खाने से दूर भागते हैं।

2. खाने की आदतों में अचानक बदलाव
यदि कोई व्यक्ति अपनी खाने की आदतों में अचानक बदलाव करता है तो यह एनोरेग्ज़िया का लक्षण हो सकता है। इसमें गुप -चुप खाना खाना, कुछ विशेष प्रकार के खाद्य पदार्थों पर ही जोर देना, खाने को जल्दी से छोटे छोटे टुकड़ों में तोडना आदि आदतें शामिल हैं।

3. अत्यधिक वजन घटना
एनोरेग्ज़िया आपके शरीर को पोषक तत्वों से दूर रखने जैसा है इसलिए इसमें वजन कम होना लाजमी है। वजन कम होना एनोरेग्ज़िया का मुख्य लक्षण है जिसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।

4. मोटे और परतदार कपडे पहनना
एनोरेग्ज़िया से पीड़ित लोग अपने वजन घटने को छिपाने के लिए अक्सर मोटे और परतदार कपडे पहनते हैं।

6. वजन जांचने की ज्यादा उत्सुकता
यदि आप किसी व्यक्ति को देखते हैं जो कि लगातार और नियमित रूप से अपना वजन बढ़ने के लिए चिंतित है तो वह एनोरेग्ज़िया से पीड़ित हो सकता है।

7. शरीर की छवि विकृत होना
एनोरेग्ज़िया से पीड़ित लोग हमेशा अपने शरीर और वजन को लेकर असंतुष्ट रहते हैं। चाहे वे बहुत पतले हों तो भी वे अपने आपको मोटा और ओवरवेट समझते हैं।

8. मासिक धर्म में बदलाव
यदि युवा महिलाओं या अविवाहित लड़कियों में लगातार तीन बार या ज्यादा बार समय पर मासिक धर्म नहीं होता तो यह एनोरेग्ज़िया का लक्षण है।

9. व्यवहार में बदलाव
जो लोग धीरे - धीरे एनोरेग्ज़िया से पीड़ित हो रहें हैं वे अपने आपको ओरों से अलग रखते हैं और समाज से भी कटते हैं। ऐसे लोग परिवारजनों के साथ और दोस्तों के साथ भी बहुत कम समय बिताते हैं और ज्यादा एकान्तवादी हो जाते हैं।

10. खाने के तुरंत बाद बाथरूम जाना
लोग खाने के बाद तुरंत ही बाथरूम जाते हैं, जिससे वे उल्टी कर सकें या फिर उसे मल दृारा निकाल सकें।



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