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7 योग आसन जो आपके पेट को रखें स्वस्थ
ज्यादातर लोग ये समझते हैं कि योग सिर्फ दिमागी तनाव को ही कम करता है, लेकिन ऐसा नहीं है योग करने से हमारा तनाव ही नहीं कम होता है बल्कि हमारे शरीर कि बहुत सारी बीमारियाँ भी ठीक करता है।
हमारी ज्यादातर बीमारी पेट से शुरू होती हैं और अगर उसे सही समय पर ठीक न किया जाये तो घातक बीमारी का भी रूप ले लेती है। इसीलिए आइये जाने कुछ ऐसे ही योग आसन जो आपके पाचन को अच्छा करते हैं साथ ही अधिक कैलोरी को भी कम करता है।

1.उत्तानासन
वैसे तो सारे ही आसन हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, और उन्ही में से एक है उत्तानासन। उत्तानासन के नियमित अभ्यास से न केवल पीठ और कमर दर्द में लाभ होता है, बल्कि मानसिक तनाव से भी भारी राहत मिलती है। इस आसन में हाथों को ऊपर की ओर उठा कर कमर को साइड में झुकाया जाता है। यह पाचन प्रणाली को स्वस्थ करने व बगल की चर्बी को दूर करने में भी सहायक है।

2. हलासन
इस आसन से रीढ़ की हड्डियां लचीली बनी रहती है जिससे शरीर फूर्तिला और जवान बना रहता है। पेट बाहर नहीं निकलता है और शरीर सुडौल दिखता है। भावनात्मक संतुलन और तनाव निवारण के लिये यह आसन लाभप्रद है। इस आसन से पाचन तंत्र और मांसपेशियों को शक्ति मिलती है। इसके अभ्यास से पाचन तंत्र ठीक रहता है।

3. सर्वांगासन
सर्वांगासन जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है की शरीर के सम्पूर्ण अंगों का आसन ही सर्वांगासन है | यह आसन गले की ग्रन्थियों को प्रभावित कर वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है तथा आँखों एवं मस्तिष्क को शक्ति प्रदान करता है | यह आसन पाचन क्रिया शुद्ध करता है तथा शरीर में रक्त की वृद्धि कर यह रक्त शोधक का कार्य भी करता है|

4. सेतुबंध आसन
सेतुबंध आसन रीढ़ की सभी कशेरुकाओं को अपने सही स्थान पर स्थापित करने में सहायक है। ये आसन कमर दर्द को दूर करने में भी सहायक है। पेट के सभी अंग जैसे लीवर, पेनक्रियाज और आँतों में खिंचाव आता है। कब्ज की समस्या दूर होती है और भूख भी खुलकर लगती है।

5. धनुरासन
इस आसन में शरीर की आकृति खिंचे हुए धनुष के समान दिखाई देने के कारण इसे धनुरासन कहा जाता है। इससे सभी आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है। गले के तमाम रोग नष्ट होते हैं। पाचन शक्ति बढ़ती है। सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, कमर दर्द और पेट संबंधी रोगों में भी यह लाभकारी है।

6. नौकासन
नौका आसन यानी नाव के समान मुद्रा। पीठ एवं मेरूदंड को लचीला व मजबूत बनाये रखने के लिए नौकासन का अभ्यास काफी लाभदायक होता है। यह आसन ध्यान और आत्मबल को बढ़ाने में भी कारगर होता है। कंधों एवं कमर के लिए भी यह व्यायाम फायदेमंद है। शरीर को सुडौल बनाये रखने के लिए भी यह आसन बहुत ही लाभदायक होता है।

7. उत्कटासन
उत्कटासन में शरीर का पूरा भार पंजों पर होता है और शरीर कुछ ऊपर उठा होता है। उत्कटासन के अभ्यास से कमर व अन्य जोड़ों का दर्द ठीक होता है। इससे पैरों के पंजों व अंगुलियों में मजबूती आती है।



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