Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
अल्जाइमर बीमारी के इन 10 लक्षणों से सचेत रहें
आम तौर पर माना जाता है कि अल्जाइमर बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। यह बूढ़ापे का एक आम तथ्य है, यह बीमारी आपके पूरे जीवन को अस्त-व्यस्त कर देगी। अल्जाइमर रोग के 10 संकेतों को जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।
अल्जाइमर का डर हर किसी में होता है। इससे ग्रस्त होने पर इंसान अपना मानसिक संतुलन खो देता है। ये बीमारी व्यस्क बच्चों में भी सामान्य है। वैसे तो अल्जाइर का संबंध जीन से होता है, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अन्य कारणों से भी व्यक्ति अल्जाइमर की चपेट में आ सकता है। अन्य कारणों में पोषण, शिक्षा, मधुमेह, मानसिक गतिविधि और शारीरिक शामिल हो सकती है।

1. कमजोर याददाश्त
नाम भूलना, चीजों को गुमा देना, अपने नियोजनों को भूलना, शब्दों को याद ना रख पाना, चीजों को सीखने में और उन्हें याद रखने में कठिनाई होना एक आम बात हो जाती है। तीव्र उन्माद के कारण आपकी पूरी दीर्घकालिक और अल्पकालिक स्मृति का नाश हो सकता है, अतः आप अपने प्रियजनों, रिश्तेदारों या दोस्तों को पहचानने में भी असमर्थ हो सकते हैं।

2.सोचने और तर्क वितर्क करने में कठिनाई होना
इस बीमारी के कारण अक्षरों और अंकों को पहचानना कठिन हो सकता है और हिसाब करने में मुश्किलें आ सकती हैं। आपको अपने व्यक्तिगत वित्तों को व्यवस्थित करने में भी मुश्किलें आएंगी।

3. शारीरिक ताल-मेल की समस्याएं
शरीर पर नियंत्रण ना होने के कारण आप गिर सकते हैं तथा खाना पकाने में, ड्राइविंग करने में या घर के अन्य कामों को पूरा करने में भी आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अगर उन्माद बहुत तीव्र हो जाए तो आप अपने रोज मरोज के काम जैसे नहाना, कपड़े पहनना, तैयार होना, खाना खाना, शौचालय जाने जैसे काम भी बिना किसी सहायता के नहीं कर पाएंगे।

4. निश्चय करने और निर्णय लेने में विफलता
आप में तर्क करने की क्षमता नहीं रहती, आप विकल्पों के बीच निर्णय नहीं ले पाते। उदाहरण के लिए, अगर गर्मी का मौसम है, तो आरामदायक सूती कपड़ा पहनने का निर्णय लेने के बजाह आप सर्दियों वाला मोटा जैकेट पहन लेंगे।

5. समय, तारीख और जगह ना याद रख पाना
आपको दिन, तारीख और समय भी याद नहीं रहता और परिचित लोगों को तथा स्थानों को पहचानने में भी असक्षम हो सकते हैं। आप अपने घर का पता भी भूल सकते हैं, आप कहा रहते हैं, या काम करते हैं, या फिर चलते चलते ही रास्ता भूल सकते हैं।

6. ठीक से ना बोल पाना
आप शायद एक भाषा भी ठीक से ना बोल पाएं, अपनी बातों को शब्दों में ना व्यक्त कर पाएं या आपको बातों को या लिखित अक्षरों को समझने में कठिनाई हो सकती है।

7. व्यक्तित्व में परिवर्तन
आप बेवजह बहुत आक्रमक, चिंतित या संदिग्ध हो सकते हैं। सामाजिक तौर पर आप एक आम व्यक्ति ही रहते हैं, पर अचानक आपके व्यक्तित्व में ये बदलाव आते हैं, और जब आप इसे बाहर निकलते हैं आप फिर से एक शांत व्यक्ति बन जाते हैं।

8. बर्ताव में बदलाव
आपके बर्ताव में बदलाव नज़र आता है, आपका मिजाज एकदम से बदल जाता है, बेवजह आपको गुस्सा आ जाता है। आप अनुचित व्यवहार प्रकट कर सकते हैं, आप उत्तेजित होकर लोगों के साथ बुरा व्यवहार भी कर सकते हैं।

9. किसी चीज का भ्रम होना
आप लोगों को, जानवरों को या अन्य ऐसी चीजों को देखेगें या सुनेंगे जो वहां थी ही नहीं। भ्रम, अयथार्थता का कारण बन सकता है, उदाहरण के लिए अपने मृत पिता को देखना और यह मानना कि वह जीवित है जबकि वह मर चुकें हैं।

10. उन्माद
आप बेवजह दूसरों की मंशा पर शंक करने लगते हैं। अत्यधिक चिंता और भय के कारण व्यक्ति में उन्माद बढ़ता है। इसके कारण भम्र बढ़ता है और आप भावुक, संदिग्ध, चिड़चिड़े, अंतर्मुखी, उदास, जिद्दी, ईर्ष्या, स्वार्थी, एकांतप्रिय और कड़वे स्वभाव के हो जाते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
