अल्जाइमर बीमारी के इन 10 लक्षणों से सचेत रहें

By Super

आम तौर पर माना जाता है कि अल्जाइमर बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। यह बूढ़ापे का एक आम तथ्य है, यह बीमारी आपके पूरे जीवन को अस्त-व्यस्त कर देगी। अल्जाइमर रोग के 10 संकेतों को जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

अल्जाइमर का डर हर किसी में होता है। इससे ग्रस्त होने पर इंसान अपना मानसिक संतुलन खो देता है। ये बीमारी व्यस्क बच्चों में भी सामान्य है। वैसे तो अल्जाइर का संबंध जीन से होता है, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अन्य कारणों से भी व्यक्ति अल्जाइमर की चपेट में आ सकता है। अन्य कारणों में पोषण, शिक्षा, मधुमेह, मानसिक गतिविधि और शारीरिक शामिल हो सकती है।

 1. कमजोर याददाश्त

1. कमजोर याददाश्त

नाम भूलना, चीजों को गुमा देना, अपने नियोजनों को भूलना, शब्दों को याद ना रख पाना, चीजों को सीखने में और उन्हें याद रखने में कठिनाई होना एक आम बात हो जाती है। तीव्र उन्माद के कारण आपकी पूरी दीर्घकालिक और अल्पकालिक स्मृति का नाश हो सकता है, अतः आप अपने प्रियजनों, रिश्तेदारों या दोस्तों को पहचानने में भी असमर्थ हो सकते हैं।

2.सोचने और तर्क वितर्क करने में कठिनाई होना

2.सोचने और तर्क वितर्क करने में कठिनाई होना

इस बीमारी के कारण अक्षरों और अंकों को पहचानना कठिन हो सकता है और हिसाब करने में मुश्किलें आ सकती हैं। आपको अपने व्यक्तिगत वित्तों को व्यवस्थित करने में भी मुश्किलें आएंगी।

3. शारीरिक ताल-मेल की समस्याएं

3. शारीरिक ताल-मेल की समस्याएं

शरीर पर नियंत्रण ना होने के कारण आप गिर सकते हैं तथा खाना पकाने में, ड्राइविंग करने में या घर के अन्य कामों को पूरा करने में भी आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अगर उन्माद बहुत तीव्र हो जाए तो आप अपने रोज मरोज के काम जैसे नहाना, कपड़े पहनना, तैयार होना, खाना खाना, शौचालय जाने जैसे काम भी बिना किसी सहायता के नहीं कर पाएंगे।

4. निश्चय करने और निर्णय लेने में विफलता

4. निश्चय करने और निर्णय लेने में विफलता

आप में तर्क करने की क्षमता नहीं रहती, आप विकल्पों के बीच निर्णय नहीं ले पाते। उदाहरण के लिए, अगर गर्मी का मौसम है, तो आरामदायक सूती कपड़ा पहनने का निर्णय लेने के बजाह आप सर्दियों वाला मोटा जैकेट पहन लेंगे।

5. समय, तारीख और जगह ना याद रख पाना

5. समय, तारीख और जगह ना याद रख पाना

आपको दिन, तारीख और समय भी याद नहीं रहता और परिचित लोगों को तथा स्थानों को पहचानने में भी असक्षम हो सकते हैं। आप अपने घर का पता भी भूल सकते हैं, आप कहा रहते हैं, या काम करते हैं, या फिर चलते चलते ही रास्ता भूल सकते हैं।

6. ठीक से ना बोल पाना

6. ठीक से ना बोल पाना

आप शायद एक भाषा भी ठीक से ना बोल पाएं, अपनी बातों को शब्दों में ना व्यक्त कर पाएं या आपको बातों को या लिखित अक्षरों को समझने में कठिनाई हो सकती है।

7. व्यक्तित्व में परिवर्तन

7. व्यक्तित्व में परिवर्तन

आप बेवजह बहुत आक्रमक, चिंतित या संदिग्ध हो सकते हैं। सामाजिक तौर पर आप एक आम व्यक्ति ही रहते हैं, पर अचानक आपके व्यक्तित्व में ये बदलाव आते हैं, और जब आप इसे बाहर निकलते हैं आप फिर से एक शांत व्यक्ति बन जाते हैं।

8. बर्ताव में बदलाव

8. बर्ताव में बदलाव

आपके बर्ताव में बदलाव नज़र आता है, आपका मिजाज एकदम से बदल जाता है, बेवजह आपको गुस्सा आ जाता है। आप अनुचित व्यवहार प्रकट कर सकते हैं, आप उत्तेजित होकर लोगों के साथ बुरा व्यवहार भी कर सकते हैं।

9. किसी चीज का भ्रम होना

9. किसी चीज का भ्रम होना

आप लोगों को, जानवरों को या अन्य ऐसी चीजों को देखेगें या सुनेंगे जो वहां थी ही नहीं। भ्रम, अयथार्थता का कारण बन सकता है, उदाहरण के लिए अपने मृत पिता को देखना और यह मानना कि वह जीवित है जबकि वह मर चुकें हैं।

 10. उन्माद

10. उन्माद

आप बेवजह दूसरों की मंशा पर शंक करने लगते हैं। अत्यधिक चिंता और भय के कारण व्यक्ति में उन्माद बढ़ता है। इसके कारण भम्र बढ़ता है और आप भावुक, संदिग्ध, चिड़चिड़े, अंतर्मुखी, उदास, जिद्दी, ईर्ष्या, स्वार्थी, एकांतप्रिय और कड़वे स्वभाव के हो जाते हैं।

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