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हाई बीपी, गठिया और मोटापा जैसी बीमारी पैदा करती है शराब
इसमें कोई रहस्य नहीं है कि शराब पीने से प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जिनमें जिगर की सिरोसिस और वाहन दुर्घटनाओं में लगने वाली चोटें शामिल हैं। लेकिन अगर आप ऐसा सोचते हैं कि शराब पीने से केवल जिगर की बिमारियों और कार दुर्घटनाओं का ही रिस्क होता है तो एक बार फिर सोच लें; शोधकर्ताओं ने 60 से अधिक बिमारियों को शराब के सेवन से जोड़ा है।
शराब शुरु करने से तुरंत बीमारी पैदा नहीं होती मगर उम्र के साथ साथ शराब का सेवन कम कर देना चाहिये। यदि ऐसा नहीं किया गया तो हाई ब्लड प्रेशर, दिल, लीवर, मोटापा और गठिया जैसी परेशानी पैदा करने वाली बीमारी पैदा हो जाएंगी जिनसे मुक्ती पाना बड़ा ही मुश्किल होगा।
तस्वीरों के इस स्लाइड शो में शराब के अधिक सेवन से जुड़ी 12 अवस्थाओं का उल्लेख है।

1. एनीमिया
शराब के अधिक सेवन से ऑक्सीजन ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से कम हो सकती है। ऐनीमिया नाम से जानी जाने वाली इस अवस्था के कई लक्षण हो सकते हैं जैसे- थकान, साँस की तकलीफ़ और सिर का भारीपन।

2. कैंसर
शराब पीने की आदत होने पर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, यह कहना है जुर्गेन रेम, पी.एच.डी. का जो यूनिवर्सिटी आफ टोरंटो के एडिक्शन पालिसी विभाग के चेयरमैन है और साथ ही टोरंटो में ही स्थित सेंटर फार एडिक्शन एंड मेंटल हैल्थ में एक वैज्ञानिक भी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कैंसर का खतरा बढ़ जाता है जब शरीर में एल्कोहल एसिटेलडिहाइड में परिवर्तित होता है जो कि एक शक्तिशाली कैंसरजनक है। कैंसर होने के स्थान शराब के संपर्क में आने वाले स्थान होते है जिनमें मुख, फैरिंक्स(गला), लैरिंक्स(आवाज़ बाक्स), एसोफैगस, लीवर, ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल क्षेत्र शामिल हैं। कैंसर का खतरा उन अधिक शराब पीने वालों के लिए बढ़ जाता है जो तम्बाकू का सेवन भी करते हैं।

3. हृदय रोग
अधिक शराब का से विशेषकर बिनगीइंग के कारण प्लेटलेट्स का खून के थक्कों में रूप में जमा होने की संभावना अधिक होती है जिसके कारण हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है।

4. सिरोसिस
लीवर कोशिकाओं के लिए एल्कोहल विष है और अधिक शराब पाने वाले अनेक लोगों को सिरोसिस की शिकायत होती है जो कि कभी-कभी घातक हालत सिद्ध होती है जिसमें लीवर इतना भारी हो जाता है कि कार्य काने में भी असमर्थ होता है। लेकिन यह बताना कठिन होता है कि किस शराब पीने वाले को सिरोसिस होगा। किसी अज्ञात कारण से महिलाएं विशेष रूप से कमज़ोर लगती हैं।

5. पागलपन
उम्र बढ़ने के साथ औसत रूप से लगभग 1.9 प्रतिशत की दर से लोगों का मस्तिष्क सिकुड़ता है। इसे सामान्य माना जाता है। लेकिन अधिक शराब पीने से मस्तिष्क के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों में इस संकुचन की गति बढ़ जाती है जिसके कारण मेमोरी लाॅस और पागलपन के अन्य लक्षण दिखाई देते हैं।

6. डिप्रेशन
लंबे समय से यह ज्ञात है कि शराब का अधिक सेवन और डिप्रेशन अकसर साथ साथ रहते हैं, लेकिन इस पर विवाद है कि क्या पहले आता है- शराब का सेवन या फिर डिप्रेशन। एक सिद्धांत के अनुसार डिप्रेस्ड लोग अपने भावनात्मक दर्द को कम करने के लिए 'सेल्फ-मेडिकेट' करने की कोशिश में शराब का सेवन करने लगते हैं। लेकिन 2010 में न्यूज़ीलैंड में हुए एक बड़े अध्ययन में यह पता चला कि यह शायद दूसरे तरीके से है--यानि अधिक शराब पीने से डिप्रेशन होता है।

7. दौरा
अधिक शराब का सेवन मिरगी का कारण हो सकता है और उन लोगों में भी दौरा उत्पन्न कर सकता है जिन्हें मिरगी की शिकायत नहीं है। इस विकार को दूर करने के लिए किए जाने वाले इलाज में भी यह हस्तक्षेप कर सकता है।

8. गाउट
जोड़ों में यूरिक-एसिड के क्रिस्टल बनने के कारण एक दर्दनाक स्थिति, गाउट उत्पन्न होती है। हालांकि, कुछ मामले बहुत हद तक वंशानुगत होते हैं, फिर भी शराब और अन्य आहारीय कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। शराब गाउट के मौजूदा मामलों को भी बढ़ा देती है।

9. उच्च रक्तचाप
शराब सहानुभूति तंत्रिका तंत्र को बाधित कर सकती है जो अन्य चीज़ों के अलावा तनाव, तापमान, परिश्रम आदि के समय रक्त वाहिकाओं के संकुचन और फैलाव को नियंत्रित करता है। शराब का अधिक सेवन-- और विशेषकर बिनगीइंग के कारण रक्तचाप बढ़ सकता है। समय के साथ यह प्रभाव चिरकालिक भी हो सकता है। उच्च रक्तचाप के कारण अनेक अन्य स्वास्थ्य समस्याएं जैसे - किडनी की समस्या, हृदय रोग और स्ट्रोक भी हो सकते हैं।

10. संक्रामक रोग
अधिक शराब पीने से इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाता है जिससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है जिसमें ट्यूबरक्लोसिस, न्यूमोनिया, एच.आई.वी./एड्स तथा अन्य यौन संचारित रोग(जिनमें से कुछ बांझपन का कारण बनते हैं) शामिल हैं। अधिक शराब पीने वाले लोग ज़्यादातर जोखिम भरे सेक्स में भी संलग्न पाए जाते हैं। अधिक शराब पीने से यौन संचारित रोग हो की संभावना तीन गुणा बढ़ जाती है।

11. तंत्रिका क्षति
अधिक शराब पीने से एक प्रकार की तंत्रिका क्षति भी हो सकती है जिसे एल्कोहलिक न्यूरोपैथी कहते हैं जिसके कारण दर्दनाक सुइयों की चुभन हद तक महसूस होती है और साथ ही मांसपेशीय कमज़ोरी, असंयम, कब्ज, स्तंभन दोष और अन्य कई समस्याएं पैदा होती हैं। एल्कोहलिक न्यूरोपैथी इसलिए उत्पन्न होती है क्योंकि एल्कोहल तंत्रिका कोशिकाओं के लिए विष के समान है या फिर अधिक शराब पीने के कारण होने वाली पोषक तत्वों की कमी तंत्रिका कार्यों को प्रभावित करती है।

12. अग्नाशयशोथ
पेट में जलन पैदा करने के अलावा, शराब पीने से अग्नाशय में भी जलन होती है। चिरकालिक अग्नाशयशोथ पाचन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है जिसके कारण पेट दर्द और लगातार दस्त होते हैं। अग्नाशयशोथ के कुछ चिरकालिक मामले पित्त की पथरी से शुरु होते हैं लेकिन उनमें से 60 प्रतिशत शराब पीने के कारण होते हैं।



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