अपनी शारीरिक मुद्रा को सटीक रखने के सर्वश्रेष्ठ उपाय

By Super

पीठ दर्द और कमर दर्द गलत शारीरिक मुद्रा की वजह से ही होते हैं। अगर आप ठीक प्रकार से चलते और बैठते नहीं है तो जाहिर सी बात है कि दर्द तो होगा ही। आप चाहे जो भी कर रहे हों लेकिन अपनी पीठ को मजबूत रखने और शारीरिक मुद्रा को सटीक रखने के साधारण उपाय निम्नलिखित हैं।

जब हम सोते हैं तब हमें पता नहीं होता कि हम सोते सोते किस कोने या किस मुद्रा में चले जाते हैं तो, ऐसे में अपनी शारीरिक मुद्रा को सटीक रखने के लिये सर्वश्रेष्‍ठ उपाय यहां बताए गए हैं।

 जब आप सो रहें हों

जब आप सो रहें हों

अपने सिर को कई तकियों पर ऊँचा करके सोने या बिना सहारे के बड़े सोफा पर सोने से गले और पीठ पर जोर पड़ने से पीठ सम्बन्धी समस्यायें हो जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सिर को सहारा अवश्य चाहिये लेकिन रीढ़ की हड्डी की रेखा में ही सधा होना चाहिये।

घर का काम करने में

घर का काम करने में

घर का काम करने में शारीरिक श्रम होना चाहिये। इसलिये जब आप वैक्यूम क्लीनर चलायें तो केवल खड़े न रहें बल्कि मशीन को साधारण रूप से आगे पीछे करते रहें। अपनी पेट की पेशियों का उपयोग करें, वैक्यूम के साथ इधर - उधर चलें और कमर को न मोड़ कर घुटनों को मोड़े।

जब आप को जुखाम हो

जब आप को जुखाम हो

हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार छींकना पीठ के दर्द के लिये जिम्मेदार प्रथम पाँच कारणों में से है। अचानक बल के कारण शरीर पर तरंगित प्रभाव पड़ता है जिससे गले और पीठ का दर्द हो जाता है। इसलिये जब आपको लगे कि छींक आ रही है तब आप अपने घुटनों को मोड़कर पूरे बल को रीढ़ की बजाय निचले पैरों में अवशोषित करने का प्रयास करें।

रात में जब बाहर निकलना हो

रात में जब बाहर निकलना हो

ऊँची एड़ियों वाली जूतियों से शरीर का पूरा भार पैर के अगले हिस्से पर आ जाता है, जिससे शारीरिक मुद्रा में बदलाव आ जाता है, और आपकी कमर तथा पीठ के निचले हिस्से पर दबाव पड़ता है। जूतों में गद्देदार पैड होने से दबाव कुछ कम किया जा सकता है।

टीवी देखते समय

टीवी देखते समय

टीवी के सामने सोफे पर अपने आप को गिरा देने से आपकी पीठ पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, विशेषकर जब सोफे पर कई गद्देयुक्त तकिये लगे हों। टीवी देखने के लिये खाना खाने के लिये उपयोग में लाई जाने वाली कुर्सियाँ आदर्श होती हैं जिनमें कूल्हे का स्तर घुटने से ऊँचा रहता है - आपकी पीठ के लिये सर्वश्रेष्ठ मुद्रा।

 मेज पर काम करते समय

मेज पर काम करते समय

कम्प्यूटर के कीबोर्ड पर झुकना- बोझ उठाने और ढोने से कहीं ज्यादा पीठ सम्बन्धी समस्यायें उत्पन्न करते हैं। कूल्हे पीठ को कुर्सी से दूर रखते हैं। इससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि आप सीधे बैठें और सी के आकार की मुद्रा में बैठने से बचें। गद्देदार कुर्सियाँ इस बात को सुनिश्चित करती हैं कि आपके कूल्हों का स्तर घुटनों से ऊँचा रहे।

 कम्प्यूटर प्रयोग करते समय

कम्प्यूटर प्रयोग करते समय

अपने तलवों को जमीन पर सपाट रखें और स्क्रीन के ऊपरी स्तर को अपने आँखों के स्तर पर रखें जिससे कि आपकी पीठ मुड़े नहीं। माउस पर उँगलियों की लगातार होने वाली क्रिया को बराबर करने के लिये सुबह और दोपहर में थोड़ा समय निकाल कर अपने हाथों को अपने गोद में रख कर बैठें। धीरे से अपने कन्धों को ऊपर उठाकर वापस गिरायें। दस सेकण्ड के लिये रोकें और यह प्रक्रिया दस बार दोहरायें।

जब आप फोन पर हों

जब आप फोन पर हों

जब आप काम कर रहे हों और फोन पर बात करनी हो तो खड़े होकर बात करें या अपनी पीठ को पीछे की ओर झुकायें। कभी भी फोन को अपने कानों और कन्धों के बीच फसाकर टाइप न करें। इससे गर्दन और कन्धे में खिचाव हो सकता है।

जब आप ड्राइव कर रहे हों

जब आप ड्राइव कर रहे हों

इस बात को सुनिश्चित कर लें कि गाड़ी का हेडरेस्ट सही ऊँचाई पर है जिससे कि दुर्घटना के समय तरंगित गति के नुकसान से बचा जा सके। पीछे देखने वाले शीशे को इस प्रकार रखें कि आप को देखने के लिये सीधा बैठना पड़े। जब आप ट्रैफिक लाइट पर रूकें तो अपने पेट को अन्दर की ओर खींचें। इससे विकसित मजबूत केन्द्र आपके पीठ की सुरक्षा करेगा।

अगर आप एक काम करें

अगर आप एक काम करें

प्रतिदिन प्रत्येक पेशी वर्ग में 15 से 30 सेकेण्ड के लिये खिंचाव उत्पन्न करने से आपके पीठ की सुरक्षा हे जाती है। लेकिन झुककर अपने पैर के अंगूठों को छू लेने मात्र से यह साबित नहीं हो जाता कि आप लचीले हैं। आप को 6 दिशाओं में झुकना चाहिये। जिसमें कि आगे -पीछे के साथ-साथ घूमते हुये बायें से दायें और फिर बगल में दायें और बायें - और यह सब बैठकर, खड़े होकर या लेटकर किया जा सकता है।

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