Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
धूल से एलर्जी के लक्षण और बचाव
अगर आपको नाक में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ और सोने में दिक्कत होती है तो शायद आपको धूल से एलर्जी है। धूल से एलर्जी सबसे ज्यादा पीड़ादायक और परेशानी देने वाली एलर्जी होती है। ऐसे लक्षण होने पर आपको डॉक्टर से तुंरत सम्पर्क करना चाहिए, ताकि आपके फेफड़ों में कोई संक्रमण न होने पाएं। धूल से एलर्जी होने के लक्षण होते है - सांस लेने में तकलीफ, बैठने पर आराम और लेटने में दिक्कत, हमेशा सर्दी जुकाम बने रहना, खुजली होना, आंखों से पानी बहना और लाल हो जाना आदि।
अगर आपको धूल से एलर्जी है तो आपको घरेलू उपचार अपनाएं, परहेज करें। धूल और धुएं से जितना संभव हो सके बचाव करें। डॉक्टरी सलाह को मानें, अवाश्यक दवाएं या वैक्सीन नियमित रूप से लगवाते रहे। धूल से एलर्जी के निम्मलिखित लक्षण होते है : -

1) हे फीवर :
कारण और लक्षण : धूल से एलर्जी होने पर मरीज को हे फीवर चढ़ सकता है। इसके फलस्वरूप, आखों में जलन होती है, पानी लगातार बहता रहता है, छीकें आती है, कफ बनता है और गले में खराशें हो जाती है।

बचाव :
हे फीवर के लिए कई दवाईयां होती है। आप डॉक्टरी परामर्श लेकर उन दवाईयों का सेवन नियमित समय पर कर सकते है। एंटीहिस्टामाइन टेबलेट और सीरप से इस बुखार में आराम मिलता है और एलर्जी की दिक्कत भी दूर हो जाती है।

2) अस्थमा :
कारण और लक्षण : ज्यादा समय तक धूल से एलर्जी बना रहना, अस्थमा का कारण बनता है। छोटे कणों, रोएं आदि से अस्थमा का अटैक पड़ने की संभावना रहती है। यह एक खतरनाक बीमारी है जिसमें मरीज को कही भी और कभी भी अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। यह जानलेवा होता है

बचाव :
धूल से बचाव रखें। एलर्जी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। इन्हेलर हमेशा साथ रखें। अगर धूम्रपान करते हों, तो उसे छोड़ दें। योगा और व्यायाम करें।

3) खुजली :
कारण और लक्षण : एक्जिमा या खुलजी होना भी धूल से एलर्जी का एक लक्षण है। इसमें त्वचा लाल पड़ जाती है और खुजली होती है। कई बार त्वचा फूल जाती है और खाल निकलने लगती है। बच्चों में अक्सर यह देखने को मिलता है।

बचाव :
एक्जिमा का इलाज आसानी से हो जाता है। डॉक्टर से सलाह लें और एक्जिमा के लिए क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें।



Click it and Unblock the Notifications