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धूल से एलर्जी के लक्षण और बचाव
अगर आपको नाक में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ और सोने में दिक्कत होती है तो शायद आपको धूल से एलर्जी है। धूल से एलर्जी सबसे ज्यादा पीड़ादायक और परेशानी देने वाली एलर्जी होती है। ऐसे लक्षण होने पर आपको डॉक्टर से तुंरत सम्पर्क करना चाहिए, ताकि आपके फेफड़ों में कोई संक्रमण न होने पाएं। धूल से एलर्जी होने के लक्षण होते है - सांस लेने में तकलीफ, बैठने पर आराम और लेटने में दिक्कत, हमेशा सर्दी जुकाम बने रहना, खुजली होना, आंखों से पानी बहना और लाल हो जाना आदि।
अगर आपको धूल से एलर्जी है तो आपको घरेलू उपचार अपनाएं, परहेज करें। धूल और धुएं से जितना संभव हो सके बचाव करें। डॉक्टरी सलाह को मानें, अवाश्यक दवाएं या वैक्सीन नियमित रूप से लगवाते रहे। धूल से एलर्जी के निम्मलिखित लक्षण होते है : -

1) हे फीवर :
कारण और लक्षण : धूल से एलर्जी होने पर मरीज को हे फीवर चढ़ सकता है। इसके फलस्वरूप, आखों में जलन होती है, पानी लगातार बहता रहता है, छीकें आती है, कफ बनता है और गले में खराशें हो जाती है।

बचाव :
हे फीवर के लिए कई दवाईयां होती है। आप डॉक्टरी परामर्श लेकर उन दवाईयों का सेवन नियमित समय पर कर सकते है। एंटीहिस्टामाइन टेबलेट और सीरप से इस बुखार में आराम मिलता है और एलर्जी की दिक्कत भी दूर हो जाती है।

2) अस्थमा :
कारण और लक्षण : ज्यादा समय तक धूल से एलर्जी बना रहना, अस्थमा का कारण बनता है। छोटे कणों, रोएं आदि से अस्थमा का अटैक पड़ने की संभावना रहती है। यह एक खतरनाक बीमारी है जिसमें मरीज को कही भी और कभी भी अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। यह जानलेवा होता है

बचाव :
धूल से बचाव रखें। एलर्जी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। इन्हेलर हमेशा साथ रखें। अगर धूम्रपान करते हों, तो उसे छोड़ दें। योगा और व्यायाम करें।

3) खुजली :
कारण और लक्षण : एक्जिमा या खुलजी होना भी धूल से एलर्जी का एक लक्षण है। इसमें त्वचा लाल पड़ जाती है और खुजली होती है। कई बार त्वचा फूल जाती है और खाल निकलने लगती है। बच्चों में अक्सर यह देखने को मिलता है।

बचाव :
एक्जिमा का इलाज आसानी से हो जाता है। डॉक्टर से सलाह लें और एक्जिमा के लिए क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें।



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